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मिलिट
Updated Fri, 21 Sep 2018 02:32 AM IST
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मिलिट्री डेयरी फार्म से उत्तराखंड गईं सैकड़ों गाय
मेरठ। सेना के मिलिट्री फार्म की सैकड़ों गाय बृहस्पतिवार को उत्तराखंड के लिए रवाना हो गईं। इन्हें कई ट्रकों में ले जाया गया। उत्तराखंड सरकार ने इन गायों को पशुपालकों को दिया है।
भारतीय सेना के डेयरी फार्म बंद किए जाने की घोषणा के बाद उत्तराखंड सरकार ने सेना से 10 हजार फ्रीजवाल नस्ल की गाय लेने की प्रक्रिया शुरू कराई थी। ये नीति बनाई गई थी कि इन गायों को राज्य का दुग्ध विकास विभाग बेहद मामूली कीमत पर पशुपालकों को उपलब्ध कराएगा। ताकि वे समूह बनाकर डेयरी फार्म खोल सकें। इन गायों का उपयोग किसानों अथवा पशुपालकों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से किए जाने की बात हुई थी। दुग्ध विकास समिति से जुड़े पशुपालकों को ये गाय पांच-पांच समूह बनाकर दिए जाने का प्रस्ताव बनाया गया था। इसके लिए संबंधित पशुपालक से एक हजार प्रति गाय की दर से धनराशि ली गई। गायों को देने की शर्त रखी गई कि पशुपालक इन गायों का दूध दुग्ध विकास विभाग के आंचल डेयरी को ही बेचेगा इसके अलावा दूसरी जगह नहीं। सेना की दुग्ध डेयरी से गाय को ले जाने का ट्रांसपोर्टेशन खर्च लाभार्थी पशुपालक को ही वहन करने की बात तय हुई थी। बृहस्पतिवार को डेयरी फार्म से कई ट्रकों में सैकड़ों गायों को उत्तराखंड के लिए ले जाया गया। वहीं, कुछ लोगों का कहना है कि इतनी दूर गायों को ट्रक से नहीं ले जाना चाहिए था।
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मेरठ। सेना के मिलिट्री फार्म की सैकड़ों गाय बृहस्पतिवार को उत्तराखंड के लिए रवाना हो गईं। इन्हें कई ट्रकों में ले जाया गया। उत्तराखंड सरकार ने इन गायों को पशुपालकों को दिया है।
भारतीय सेना के डेयरी फार्म बंद किए जाने की घोषणा के बाद उत्तराखंड सरकार ने सेना से 10 हजार फ्रीजवाल नस्ल की गाय लेने की प्रक्रिया शुरू कराई थी। ये नीति बनाई गई थी कि इन गायों को राज्य का दुग्ध विकास विभाग बेहद मामूली कीमत पर पशुपालकों को उपलब्ध कराएगा। ताकि वे समूह बनाकर डेयरी फार्म खोल सकें। इन गायों का उपयोग किसानों अथवा पशुपालकों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से किए जाने की बात हुई थी। दुग्ध विकास समिति से जुड़े पशुपालकों को ये गाय पांच-पांच समूह बनाकर दिए जाने का प्रस्ताव बनाया गया था। इसके लिए संबंधित पशुपालक से एक हजार प्रति गाय की दर से धनराशि ली गई। गायों को देने की शर्त रखी गई कि पशुपालक इन गायों का दूध दुग्ध विकास विभाग के आंचल डेयरी को ही बेचेगा इसके अलावा दूसरी जगह नहीं। सेना की दुग्ध डेयरी से गाय को ले जाने का ट्रांसपोर्टेशन खर्च लाभार्थी पशुपालक को ही वहन करने की बात तय हुई थी। बृहस्पतिवार को डेयरी फार्म से कई ट्रकों में सैकड़ों गायों को उत्तराखंड के लिए ले जाया गया। वहीं, कुछ लोगों का कहना है कि इतनी दूर गायों को ट्रक से नहीं ले जाना चाहिए था।
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