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मैनेजमेंट से हुई सुलह, बी कुमार दोबारा बनीं मेरठ कॉलेज की प्राचार्य
Updated Tue, 26 Jun 2018 02:08 AM IST
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बी. कुमार दोबारा बनीं मेरठ कॉलेज की प्राचार्य
मेरठ।
मेरठ कॉलेज में ढाई महीने से प्राचार्य को लेकर चल रहा विवाद सोमवार को खत्म हो गया। कुलपति द्वारा दिए गए बी. कुमार को ज्वाइनिंग कराने के आदेशों के चलते मैनेजमेंट ने उनको सोमवार सुबह ज्वाइन करा दिया।
परीक्षा में गलत पेपर बांटे जाने पर प्राचार्य बी. कुमार ने कर्मचारियों की ड्यूटी में फेरबदल कर दिया था। इसको लेकर मेरठ कॉलेज कर्मचारी एसोसिएशन ने ऐतराज जताते हुए परीक्षा से बहिष्कार की चेतावनी दी थी। उन्होंने पूरे प्रकरण में कॉलेज के अवैतनिक मंत्री अरविंद नाथ सेठ से शिकायत की थी। इस प्रकरण के बाद परीक्षा में एक छात्र द्वारा खुलेआम नकल पकड़े जाने पर कोई कार्रवाई नहीं करने की बात सामने आई थी। इस मामले में मैनेजमेंट ने छह अप्रैल को आपात बैठक बुलाकर बी. कुमार को लापरवाही बरतने के आरोप में प्राचार्य पद से हटा दिया गया था। उनकी जगह डॉ. युद्धवीर सिंह को कार्यवाहक प्राचार्य का चार्ज दिया गया था। बी. कुमार ने कुलपति से मैनेजमेंट के इस फैसले के खिलाफ शिकायत कर दी थी। हालांकि उसके बाद उन्होंने शिकायत को वापस ले लिया था। लेकिन शिकायत वापसी के बाद कुलपति प्रो. एनके तनेजा ने मैनेजमेंट के बी. कुमार को हटाने के आदेशों को गलत बताते हुए लैटर जारी कर दिया था। इस मामले में क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी राजीव गुप्ता ने भी मेरठ कॉलेज मैनेजमेंट को बी. कुमार को ज्वाइन कराने के आदेश दिए थे। मैनेजमेंट आदेशों के खिलाफ हाईकोर्ट गया, लेकिन उसे वहां से कोई राहत नहीं मिली। सोमवार को बी. कुमार को मैनेजमेंट पदाधिकारियों ने कॉलेज बुलाया। बातचीत के बाद उन्हें प्राचार्य का चार्ज दे दिया गया। इस दौरान मैनेजमेंट कमेटी के अध्यक्ष डॉ. रामकुमार गुप्ता और मंत्री अरविंद नाथ सेठ मौजूद रहे। रिटायर होने के कारण बी. कुमार सिर्फ 18 अगस्त तक प्राचार्य रहेंगी। इस बीच में उनके छुट्टी पर भी जाने की चर्चा चल रही है। हालांकि अधिकारिक तौर पर कोई इसको लेकर बयान नहीं दे रहा है। उधर, चीफ प्रॉक्टर डॉ. वीरेंद्र कुमार ने सोमवार सुबह अपना इस्तीफा दे दिया है।
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मेरठ।
मेरठ कॉलेज में ढाई महीने से प्राचार्य को लेकर चल रहा विवाद सोमवार को खत्म हो गया। कुलपति द्वारा दिए गए बी. कुमार को ज्वाइनिंग कराने के आदेशों के चलते मैनेजमेंट ने उनको सोमवार सुबह ज्वाइन करा दिया।
परीक्षा में गलत पेपर बांटे जाने पर प्राचार्य बी. कुमार ने कर्मचारियों की ड्यूटी में फेरबदल कर दिया था। इसको लेकर मेरठ कॉलेज कर्मचारी एसोसिएशन ने ऐतराज जताते हुए परीक्षा से बहिष्कार की चेतावनी दी थी। उन्होंने पूरे प्रकरण में कॉलेज के अवैतनिक मंत्री अरविंद नाथ सेठ से शिकायत की थी। इस प्रकरण के बाद परीक्षा में एक छात्र द्वारा खुलेआम नकल पकड़े जाने पर कोई कार्रवाई नहीं करने की बात सामने आई थी। इस मामले में मैनेजमेंट ने छह अप्रैल को आपात बैठक बुलाकर बी. कुमार को लापरवाही बरतने के आरोप में प्राचार्य पद से हटा दिया गया था। उनकी जगह डॉ. युद्धवीर सिंह को कार्यवाहक प्राचार्य का चार्ज दिया गया था। बी. कुमार ने कुलपति से मैनेजमेंट के इस फैसले के खिलाफ शिकायत कर दी थी। हालांकि उसके बाद उन्होंने शिकायत को वापस ले लिया था। लेकिन शिकायत वापसी के बाद कुलपति प्रो. एनके तनेजा ने मैनेजमेंट के बी. कुमार को हटाने के आदेशों को गलत बताते हुए लैटर जारी कर दिया था। इस मामले में क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी राजीव गुप्ता ने भी मेरठ कॉलेज मैनेजमेंट को बी. कुमार को ज्वाइन कराने के आदेश दिए थे। मैनेजमेंट आदेशों के खिलाफ हाईकोर्ट गया, लेकिन उसे वहां से कोई राहत नहीं मिली। सोमवार को बी. कुमार को मैनेजमेंट पदाधिकारियों ने कॉलेज बुलाया। बातचीत के बाद उन्हें प्राचार्य का चार्ज दे दिया गया। इस दौरान मैनेजमेंट कमेटी के अध्यक्ष डॉ. रामकुमार गुप्ता और मंत्री अरविंद नाथ सेठ मौजूद रहे। रिटायर होने के कारण बी. कुमार सिर्फ 18 अगस्त तक प्राचार्य रहेंगी। इस बीच में उनके छुट्टी पर भी जाने की चर्चा चल रही है। हालांकि अधिकारिक तौर पर कोई इसको लेकर बयान नहीं दे रहा है। उधर, चीफ प्रॉक्टर डॉ. वीरेंद्र कुमार ने सोमवार सुबह अपना इस्तीफा दे दिया है।
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