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क्लीनिंग-अप अभियान से पकड़ में आए 233 बिजली चोर
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सामान्य से अधिक बिजली चोरी वाले इलाकों में चलाया जा रहा क्लीनिंग-अप अभियान
अभियान में 241 मीटर मिलें टैंपर्ड, 233 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज
मेरठ। पीवीवीएनएल द्वारा चलाया जा रहा क्लीनिंग-अप अभियान बिजली चोरों की मुसीबत बन गया है। अब तक के अभियान में 233 बिजली चोर पकड़ में आ चुके हैं, जिनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जा चुकी है। अभियान से बिजली चोरों में जहां हड़कंप मचा हैं, वहीं बिजली चोरी कम होने और राजस्व आने से विभाग को भी फायदा पहुंच रहा है।
तमाम प्रयासों के बाद भी संवेदनशील इलाकों में बिजली चोरी का ग्राफ कम होने का नाम नहीं ले रहा है। केंद्र सरकार की उदय योजना के तहत प्रदेश की बिजली कंपनियों को बिजली चोरी का ग्राफ 15 फीसदी तक लाने की शर्त पर लोन दिया जा रहा है। इस योजना में पीवीवीएनएल भी शामिल है। शहरी क्षेत्रों के सर्वाधिक बिजली चोरी वाले बिजलीघरों और फीडरों पर चोरी रोकने के लिए क्लीनिंग-अप अभियान चला रखा है। एमडी आशुतोष निरंजन ने बताया कि अभियान के तहत अब तक 5 किलोवाट भार से अधिक भार वाले 7369 कनेक्शन चेक किए गए हैं। इसमें 241 मीटर टेंपर मिले और 233 प्रकरणों में एफआईआर दर्ज कराई गई। 287 प्रकरणों में भारी अनियमितता मिली। अभियान में 10 हजार और उससे अधिक बकाया राशि वाले 5986 बकायेदारों के कनेक्शन मौके पर ही काटे गए। करीब 9 करोड़ रुपये की वसूली की जा चुकी है। 915 कटिया कनेक्शनों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराई जा चुकी है। 2951 खराब मीटर मौके पर ही बदले गए। मेरठ के अंतर्गत विशेष तौर पर केसरगंज, विकास पुरी, भगवतपुरा, एमडीए फ्लैट, हापुड़ रोड, बन्नुमियां, जागृति विहार, शास्त्रीनगर, आसियाना, करीमनगर, किदवई नगर, लिसाड़ी रोड, कांच का पुल, समर गार्डन, बुनकर नगर, गोला कुंआ, इंद्रलोक, फतेल्लापुर, इस्लामाबाद, जैदी सोसायटी, शताब्दीनगर, घोपला, आदि चिह्नित फीडरों पर क्लीनिंग-अप अभियान चलाया जा रहा है। यह अभियान पिछले एक पखवाड़े से प्रतिदिन चलाया जा रहा है।
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अभियान में 241 मीटर मिलें टैंपर्ड, 233 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज
मेरठ। पीवीवीएनएल द्वारा चलाया जा रहा क्लीनिंग-अप अभियान बिजली चोरों की मुसीबत बन गया है। अब तक के अभियान में 233 बिजली चोर पकड़ में आ चुके हैं, जिनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जा चुकी है। अभियान से बिजली चोरों में जहां हड़कंप मचा हैं, वहीं बिजली चोरी कम होने और राजस्व आने से विभाग को भी फायदा पहुंच रहा है।
तमाम प्रयासों के बाद भी संवेदनशील इलाकों में बिजली चोरी का ग्राफ कम होने का नाम नहीं ले रहा है। केंद्र सरकार की उदय योजना के तहत प्रदेश की बिजली कंपनियों को बिजली चोरी का ग्राफ 15 फीसदी तक लाने की शर्त पर लोन दिया जा रहा है। इस योजना में पीवीवीएनएल भी शामिल है। शहरी क्षेत्रों के सर्वाधिक बिजली चोरी वाले बिजलीघरों और फीडरों पर चोरी रोकने के लिए क्लीनिंग-अप अभियान चला रखा है। एमडी आशुतोष निरंजन ने बताया कि अभियान के तहत अब तक 5 किलोवाट भार से अधिक भार वाले 7369 कनेक्शन चेक किए गए हैं। इसमें 241 मीटर टेंपर मिले और 233 प्रकरणों में एफआईआर दर्ज कराई गई। 287 प्रकरणों में भारी अनियमितता मिली। अभियान में 10 हजार और उससे अधिक बकाया राशि वाले 5986 बकायेदारों के कनेक्शन मौके पर ही काटे गए। करीब 9 करोड़ रुपये की वसूली की जा चुकी है। 915 कटिया कनेक्शनों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराई जा चुकी है। 2951 खराब मीटर मौके पर ही बदले गए। मेरठ के अंतर्गत विशेष तौर पर केसरगंज, विकास पुरी, भगवतपुरा, एमडीए फ्लैट, हापुड़ रोड, बन्नुमियां, जागृति विहार, शास्त्रीनगर, आसियाना, करीमनगर, किदवई नगर, लिसाड़ी रोड, कांच का पुल, समर गार्डन, बुनकर नगर, गोला कुंआ, इंद्रलोक, फतेल्लापुर, इस्लामाबाद, जैदी सोसायटी, शताब्दीनगर, घोपला, आदि चिह्नित फीडरों पर क्लीनिंग-अप अभियान चलाया जा रहा है। यह अभियान पिछले एक पखवाड़े से प्रतिदिन चलाया जा रहा है।
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