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भगवान आदिनाथ का निर्वाणोत्सव।
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अमर उजाला ब्यूरो
हस्तिनापुर। कैलाश पर्वत पर विराजित 1008 आदिनाथ भगवान निर्वाणोत्सव के उपलक्ष्य में मुनिश्री 108 भावभूषण जी महाराज एवं ब्रह्मचारिणी सुनीता दीदी के पावन सानिध्य में निर्वाण लाडू चढ़ाया गया।
सर्वप्रथम नित्य नियम पूजन, शांतिधारा के बाद श्री दिगंबर जैन प्राचीन बड़ा मंदिर में आदिनाथ जिनालय में निर्वाण लाडू चढ़ाने के पश्चात इंद्र एवं इंद्राणियों के जुलूस के साथ कैलाश पर्वत पर पहुंचकर पवन जैन, गिरीश जैन ारा झंडारोहण किया। क्षेत्र के महामंत्री मुकेश जैन सर्राफ ने दीप प्रज्ज्वलन किया। तदोपरांत सभी श्रद्धालु कैलाश पर्वत पर निर्मित त्रिकाल चौबीसी के 72 जिनालयों की वंदना करते हुए 131 फीट की उंचाई पर विराजमान आदिनाथ भगवान के चरणों में पहुंचकर विधानाचार्य आशीष जी शास्त्री एवं सुदीप जी शास्त्री के मंत्रोच्चार के साथ निर्वाण लाडू समर्पित किया। मुख्य लाडू चढ़ाने का सौभाग्य अमित जैन को प्राप्त हुआ।
मुनिश्री भावभूषण जी ने हस्तिनापुर की महिमा को बताते हुए कहा कि यही वह पावन धरा है जहां से दान की परंपरा का प्रादुर्भाव आदिनाथ के प्रथम आहार के साथ हुआ। यह हम सभी का सौभाग्य है कि हम सभी आदिनाथ भगवान की कृति मोक्षस्थली कैलाश पर्वत पर निर्माण लाडू समर्पित कर रहे हैं। यह अपने आप में हमारे पुण्यशाली होने का सूचक है। साथ ही मुनिश्री ने सभी को आशीर्वाद देते हुए 10 फरवरी से कैलाश पर्वत पर होने वाले 48 दिवसीय भक्तामर विधान की महिमा समझाई। उन्होंने कहा कि भक्तामर के एक-एक शब्द में अपार शक्ति है जो भी व्यक्ति इसकी आराधना भक्ति भाव से करता है उसके सांसारिक दुख क्षण भर में दूर हो जाते हैं। इस कार्यक्रम में क्षेत्र के महामंत्री मुकेश जैन, निर्वाण लाडू संयोजक कुणाल जैन ने बाहर से पधारे हुए सभी तीर्थयात्रियों का आभार जताया। क्षेत्र कमेटी की ओर से सम्मान किया। आज के कार्यक्रम में विनोद जैन, राकेश जैन, उषा जैन, सुनील जैन , नेहा जैन , राजेश जैन , कमला जैन, नरेन्द्र सिंह ने मुख्य लाडू अर्पित किया। यहां मुकेश जैन, मनोज जैन, प्रमोद शास्त्री, अतुल, उमेश, अशोक, कमल, मणिचंद, प्रेम जैन, राजीव जैन, सुभाष जैन आदि का विशेष सहयोग रहा।
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हस्तिनापुर। कैलाश पर्वत पर विराजित 1008 आदिनाथ भगवान निर्वाणोत्सव के उपलक्ष्य में मुनिश्री 108 भावभूषण जी महाराज एवं ब्रह्मचारिणी सुनीता दीदी के पावन सानिध्य में निर्वाण लाडू चढ़ाया गया।
सर्वप्रथम नित्य नियम पूजन, शांतिधारा के बाद श्री दिगंबर जैन प्राचीन बड़ा मंदिर में आदिनाथ जिनालय में निर्वाण लाडू चढ़ाने के पश्चात इंद्र एवं इंद्राणियों के जुलूस के साथ कैलाश पर्वत पर पहुंचकर पवन जैन, गिरीश जैन ारा झंडारोहण किया। क्षेत्र के महामंत्री मुकेश जैन सर्राफ ने दीप प्रज्ज्वलन किया। तदोपरांत सभी श्रद्धालु कैलाश पर्वत पर निर्मित त्रिकाल चौबीसी के 72 जिनालयों की वंदना करते हुए 131 फीट की उंचाई पर विराजमान आदिनाथ भगवान के चरणों में पहुंचकर विधानाचार्य आशीष जी शास्त्री एवं सुदीप जी शास्त्री के मंत्रोच्चार के साथ निर्वाण लाडू समर्पित किया। मुख्य लाडू चढ़ाने का सौभाग्य अमित जैन को प्राप्त हुआ।
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मुनिश्री भावभूषण जी ने हस्तिनापुर की महिमा को बताते हुए कहा कि यही वह पावन धरा है जहां से दान की परंपरा का प्रादुर्भाव आदिनाथ के प्रथम आहार के साथ हुआ। यह हम सभी का सौभाग्य है कि हम सभी आदिनाथ भगवान की कृति मोक्षस्थली कैलाश पर्वत पर निर्माण लाडू समर्पित कर रहे हैं। यह अपने आप में हमारे पुण्यशाली होने का सूचक है। साथ ही मुनिश्री ने सभी को आशीर्वाद देते हुए 10 फरवरी से कैलाश पर्वत पर होने वाले 48 दिवसीय भक्तामर विधान की महिमा समझाई। उन्होंने कहा कि भक्तामर के एक-एक शब्द में अपार शक्ति है जो भी व्यक्ति इसकी आराधना भक्ति भाव से करता है उसके सांसारिक दुख क्षण भर में दूर हो जाते हैं। इस कार्यक्रम में क्षेत्र के महामंत्री मुकेश जैन, निर्वाण लाडू संयोजक कुणाल जैन ने बाहर से पधारे हुए सभी तीर्थयात्रियों का आभार जताया। क्षेत्र कमेटी की ओर से सम्मान किया। आज के कार्यक्रम में विनोद जैन, राकेश जैन, उषा जैन, सुनील जैन , नेहा जैन , राजेश जैन , कमला जैन, नरेन्द्र सिंह ने मुख्य लाडू अर्पित किया। यहां मुकेश जैन, मनोज जैन, प्रमोद शास्त्री, अतुल, उमेश, अशोक, कमल, मणिचंद, प्रेम जैन, राजीव जैन, सुभाष जैन आदि का विशेष सहयोग रहा।
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