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किस ने बंद कराई और फिर किस के आदेश पर खुली किठौर में मीट की दुकान
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10-15 दिन पूर्व बंद कराई गई थी किठौर में मीट की दुकानें, अब अचानक से खुलीं
खाद्य विभाग ने भी बिना लाइसेंस मीट बेचने वाले कुछ दुकानदारों के काटे थे चालान
अमर उजाला ब्यूरो
किठौर। किठौर में 10-15 दिन पूर्व मीट की दुकानें किसके आदेश पर किसने बंद कराईं और फिर शुक्रवार को अचानक किसके आदेश पर किसने खुलवाई, यह चर्चा का विषय बना है। पुलिस दुकानों के बंद और खुलने की बात से पल्ला झाड़कर गेंद नगर स्वास्थ्य के पाले में डाल रही है। वहीं, नगर पंचायत किठौर पुलिस की ओर इशारा कर रही है। इस प्रकरण को लेकर नगर में तमाम चर्चाएं हैं।
किठौर नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी राजीव कुमार ने बताया कि किठौर में मीट की किसी भी दुकान के पास मीट काटकर बेचने का लाइसेंस नहीं है। जिसके चलते सभी दुकानदारों को नगर पंचायत की ओर से नोटिस जारी भी किया गया था। यही नहीं, स्वास्थ्य विभाग ने करीब छह-सात लोगों के चालान भी काटे थे। अधिशासी अधिकारी का कहना है कि इस मामले में कार्रवाई करने के लिए किठौर पुलिस को तहरीर दी गई थी, जिसमें बिना लाइसेंस मीट बेचने वालों पर कार्रवाई करने को लिखा गया था। जिसमें पुलिस ने सभी मीट की दुकानों को बंद करा दिया गया था। जिसके बाद दुकानदारों में हड़कंप मच गया था।
काफी दुकानदारों ने लाइसेंस के लिए नगर पंचायत में आवेदन किया, जिसकी प्रक्रिया जारी है। शुक्रवार को मीट की दुकान फिर खुलने की बात को लेकर उन्होंने कहा कि इस मामले में उनको जानकारी नहीं है। थाना प्रभारी प्रेमचंद शर्मा ने कहा कि मीट की दुकान किसने बंद कराई और शुक्रवार को कैसे खुली उनको जानकारी नहीं है। यह स्वास्थ्य विभाग का काम है। पुलिस का काम केवल अवैध कटान को रोकने का है। जो कोई स्लॉटर हाउस से लाकर लाइसेंस से बेच रहे हैं उनको वह नहीं रोक सकते। यह जांच करने का काम अधिशासी अधिकारी, नगर स्वास्थ्य और फूड इंस्पेक्टर का है। थाना प्रभारी ने बताया कि शाहजहांपुर में भी अधिशासी अधिकारी ने इस मामले में पर्चे छपवाकर बंटवाए हैं।
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थाने में दी थी तहरीर
6 जनवरी को कस्बे के मोहल्ला खटीकान के दर्जनों लोगों ने हस्ताक्षर युक्त एक प्रार्थना पत्र थाने में दिया था जिसमें बाजार में लगने वाली मीट की दुकानें कस्बे में ही कहीं भीतर एक तरफ लगवाने की अपील की थी। लोगों का आरोप है कि मीट की दुकानें बाजार में लगने से उनके परिवार की महिलाओं की शादी में अड़चनें आ रही है। साथ ही दुघर्टना का भय बना रहता है।
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खाद्य विभाग ने भी बिना लाइसेंस मीट बेचने वाले कुछ दुकानदारों के काटे थे चालान
अमर उजाला ब्यूरो
किठौर। किठौर में 10-15 दिन पूर्व मीट की दुकानें किसके आदेश पर किसने बंद कराईं और फिर शुक्रवार को अचानक किसके आदेश पर किसने खुलवाई, यह चर्चा का विषय बना है। पुलिस दुकानों के बंद और खुलने की बात से पल्ला झाड़कर गेंद नगर स्वास्थ्य के पाले में डाल रही है। वहीं, नगर पंचायत किठौर पुलिस की ओर इशारा कर रही है। इस प्रकरण को लेकर नगर में तमाम चर्चाएं हैं।
किठौर नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी राजीव कुमार ने बताया कि किठौर में मीट की किसी भी दुकान के पास मीट काटकर बेचने का लाइसेंस नहीं है। जिसके चलते सभी दुकानदारों को नगर पंचायत की ओर से नोटिस जारी भी किया गया था। यही नहीं, स्वास्थ्य विभाग ने करीब छह-सात लोगों के चालान भी काटे थे। अधिशासी अधिकारी का कहना है कि इस मामले में कार्रवाई करने के लिए किठौर पुलिस को तहरीर दी गई थी, जिसमें बिना लाइसेंस मीट बेचने वालों पर कार्रवाई करने को लिखा गया था। जिसमें पुलिस ने सभी मीट की दुकानों को बंद करा दिया गया था। जिसके बाद दुकानदारों में हड़कंप मच गया था।
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काफी दुकानदारों ने लाइसेंस के लिए नगर पंचायत में आवेदन किया, जिसकी प्रक्रिया जारी है। शुक्रवार को मीट की दुकान फिर खुलने की बात को लेकर उन्होंने कहा कि इस मामले में उनको जानकारी नहीं है। थाना प्रभारी प्रेमचंद शर्मा ने कहा कि मीट की दुकान किसने बंद कराई और शुक्रवार को कैसे खुली उनको जानकारी नहीं है। यह स्वास्थ्य विभाग का काम है। पुलिस का काम केवल अवैध कटान को रोकने का है। जो कोई स्लॉटर हाउस से लाकर लाइसेंस से बेच रहे हैं उनको वह नहीं रोक सकते। यह जांच करने का काम अधिशासी अधिकारी, नगर स्वास्थ्य और फूड इंस्पेक्टर का है। थाना प्रभारी ने बताया कि शाहजहांपुर में भी अधिशासी अधिकारी ने इस मामले में पर्चे छपवाकर बंटवाए हैं।
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थाने में दी थी तहरीर
6 जनवरी को कस्बे के मोहल्ला खटीकान के दर्जनों लोगों ने हस्ताक्षर युक्त एक प्रार्थना पत्र थाने में दिया था जिसमें बाजार में लगने वाली मीट की दुकानें कस्बे में ही कहीं भीतर एक तरफ लगवाने की अपील की थी। लोगों का आरोप है कि मीट की दुकानें बाजार में लगने से उनके परिवार की महिलाओं की शादी में अड़चनें आ रही है। साथ ही दुघर्टना का भय बना रहता है।