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पेड़ों की छटाईं ने गुल की शहर की बिजली
Updated Mon, 09 Jul 2018 02:04 AM IST
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पेड़ों की हुई छटाईं, एक लाख लोगों को नहीं मिली बिजली
मेरठ। विद्युत लाइनों को प्रभावित कर रहे पेड़ों की छटाईं से शहर की बिजली बाधित होने लगी है। रविवार को कई बिजलीघर क्षेत्रों में चल रही पेड़ों की छटाईं के चलते करीब एक लाख लोगों को बिजली नहीं मिल सकी। तीन घंटे तक लोगों का गर्मी में बुरा हाल रहा। हालांकि मेंटेनेंस के चलते बिजली प्रभावित होने की सूचना विभाग ने पहले ही दे दी थी।
विद्युत लाइनों को घेरे खड़े पेड़ बरसात में लाइनों को ब्रेकडाउन कर देते हैं। बरसात से पहले हर साल पीवीवीएनएल लाइनों को सुरक्षित करने के लिए पेड़ों की छटाईं कराता है। इसके लिए रोजाना किसी न किसी बिजलीघर का शटडाउन रहता है। रविवार को जागृति विहार, रंगोली के अलावा गंगानगर क्षेत्र के बिजलीघर क्षेत्रों में पेड़ों की छटाईं का कार्य कराया। सुबह दस बजे से लेकर दोपहर एक बजे तक का शटडाउन लिया गया था। अधीक्षण अभियंता शहर संजीव राणा ने बताया कि पेड़ों की छंटाई कराने के लिए शटडाउन लेना पड़ता है। बरसात में पेड़ों की टहनियां फाल्ट का बड़ा कारण बनती है।
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मेरठ। विद्युत लाइनों को प्रभावित कर रहे पेड़ों की छटाईं से शहर की बिजली बाधित होने लगी है। रविवार को कई बिजलीघर क्षेत्रों में चल रही पेड़ों की छटाईं के चलते करीब एक लाख लोगों को बिजली नहीं मिल सकी। तीन घंटे तक लोगों का गर्मी में बुरा हाल रहा। हालांकि मेंटेनेंस के चलते बिजली प्रभावित होने की सूचना विभाग ने पहले ही दे दी थी।
विद्युत लाइनों को घेरे खड़े पेड़ बरसात में लाइनों को ब्रेकडाउन कर देते हैं। बरसात से पहले हर साल पीवीवीएनएल लाइनों को सुरक्षित करने के लिए पेड़ों की छटाईं कराता है। इसके लिए रोजाना किसी न किसी बिजलीघर का शटडाउन रहता है। रविवार को जागृति विहार, रंगोली के अलावा गंगानगर क्षेत्र के बिजलीघर क्षेत्रों में पेड़ों की छटाईं का कार्य कराया। सुबह दस बजे से लेकर दोपहर एक बजे तक का शटडाउन लिया गया था। अधीक्षण अभियंता शहर संजीव राणा ने बताया कि पेड़ों की छंटाई कराने के लिए शटडाउन लेना पड़ता है। बरसात में पेड़ों की टहनियां फाल्ट का बड़ा कारण बनती है।
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