फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   निजीकरण की आंच में झुलसा पीवीवीएनएल का राजस्व

निजीकरण की आंच में झुलसा पीवीवीएनएल का राजस्व

Sat, 31 Mar 2018 01:51 AM IST
Updated Sat, 31 Mar 2018 01:51 AM IST
विज्ञापन
निजीकरण की आंच में झुलसा पीवीवीएनएल का राजस्व

विज्ञापन
मेरठ। प्रदेश के पांच शहरों की बिजली का निजीकरण करने की घोषणा के बाद कर्मचारी आंदोलन करने लगे। ऐसे में पीवीवीएनएल का राजस्व वसूली अभियान सुस्त हो गया है। वित्तीय वर्ष के आखिरी महीने में जहां अधिकारियों को पिछले साल के मुकाबले डेढ़ गुणा राजस्व लक्ष्य दिया गया था। वहीं इस महीने केवल 35 फीसदी राजस्व की ही वसूली हो पाई है। हालांकि राजस्व वसूली में इस साल भी प्रदेश की पांचों कंपनियों में पीवीवीएनएल ही अव्वल है। मेरठ जोन 42.50 फीसदी राजस्व वसूली के साथ टॉप पर रहा है।

वित्तीय वर्ष का आखिरी महीना होने के चलते प्रदेश की पांचों कंपनियों के अधिकारी राजस्व लक्ष्य को पूरा करने के लिए पूरा जोर लगा रहे थे। लेकिन प्र्रदेश कैबिनेट ने गत 19 मार्च को मेरठ समेत पांच शहरों की बिजली के निजीकरण को जैसे ही हरी झंडी दी तो स्थिति बदल गई। प्रदेश के सभी बिजली कर्मी आंदोलन में उतर गए। ऐसे में राजस्व वसूली ठंडी पड़ गई। 27 मार्च तक की रिपोर्ट में मार्च महीने के राजस्व लक्ष्य के सापेक्ष 35 फीसदी राजस्व की ही वसूली हो सकी। इस बारे में कंपनी के एमडी आशुतोष निरंजन ने बताया कि आंदोलन के चलते राजस्व पर असर पड़ा है। इसके बावजूद कंपनी ने मार्च माह में सर्वाधिक राजस्व अर्जित किया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed