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कूड़ा निस्तारण के टेंडर में 10 कंपनियां शामिल, 4 महीने से बंद था प्लांट
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मेरठ। चार महीने से बंद पड़े लोहियानगर कूड़ा निस्तारण प्लांट को फिर से चालू कराने के लिए नगर निगम ने टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी है। बुधवार को निगम की ओर से निकाले गए नए टेंडर में 10 कंपनियों ने हिस्सा लिया है। अब यह टेंडर करीब दस दिन में खुलेगा, जिसके बाद आगे की कार्रवाई तय होगी।
शहर से प्रतिदिन करीब 1200 मीट्रिक टन कचरा निकलता है। दो मई से निस्तारण प्लांट बंद होने के चलते यह कचरा सीधे लोहियानगर डंपिंग ग्राउंड पर फेंका जा रहा है। हालात यह है कि यहां कूड़े के पहाड़ दिनो दिन ऊंचे होते जा रहे हैं। आसपास के लोहियानगर, जाहिदपुर, हाजीपुर, अलीपुर जैसे गांव में दूषित हवा और पानी से संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ गया है। स्थानीय लोगों व पार्षदों ने नगर निगम की कार्यशैली पर सवाल खड़े किए हैं। कई बार एनजीटी भी इस मुद्दे पर निगम को फटकार लगा चुकी है और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से जुर्माना तक लगवाया गया है। नवंबर में नगर आयुक्त को दस्तावेजों के साथ एनजीटी के समक्ष हाजिर होने के आदेश भी जारी हो चुके हैं।
पहले टेंडर में लगे थे अनियमितता के आरोप
नगर निगम ने दो माह पूर्व भी टेंडर निकाला था, लेकिन उसमें अनियमितताओं की शिकायत सामने आने पर कमिश्नर स्तर पर हस्तक्षेप हुआ और टेंडर रद्द कर दिया गया। अब दोबारा निकाले गए इस टेंडर में 10 कंपनियों ने अपने दस्तावेज प्रस्तुत किए हैं।
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दस दिन में टेंडर खोला जाएगा। प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही प्लांट को दोबारा शुरू करने की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएंगे। इस दौरान नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अमर सिंह, नगर लेखा परीक्षक अमित भार्गव उक्त कंपनी के दस्तावेज की जांच करेंगे। - लवी त्रिपाठी, अपर नगर आयुक्त
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शहर से प्रतिदिन करीब 1200 मीट्रिक टन कचरा निकलता है। दो मई से निस्तारण प्लांट बंद होने के चलते यह कचरा सीधे लोहियानगर डंपिंग ग्राउंड पर फेंका जा रहा है। हालात यह है कि यहां कूड़े के पहाड़ दिनो दिन ऊंचे होते जा रहे हैं। आसपास के लोहियानगर, जाहिदपुर, हाजीपुर, अलीपुर जैसे गांव में दूषित हवा और पानी से संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ गया है। स्थानीय लोगों व पार्षदों ने नगर निगम की कार्यशैली पर सवाल खड़े किए हैं। कई बार एनजीटी भी इस मुद्दे पर निगम को फटकार लगा चुकी है और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से जुर्माना तक लगवाया गया है। नवंबर में नगर आयुक्त को दस्तावेजों के साथ एनजीटी के समक्ष हाजिर होने के आदेश भी जारी हो चुके हैं।
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पहले टेंडर में लगे थे अनियमितता के आरोप
नगर निगम ने दो माह पूर्व भी टेंडर निकाला था, लेकिन उसमें अनियमितताओं की शिकायत सामने आने पर कमिश्नर स्तर पर हस्तक्षेप हुआ और टेंडर रद्द कर दिया गया। अब दोबारा निकाले गए इस टेंडर में 10 कंपनियों ने अपने दस्तावेज प्रस्तुत किए हैं।
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दस दिन में टेंडर खोला जाएगा। प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही प्लांट को दोबारा शुरू करने की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएंगे। इस दौरान नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अमर सिंह, नगर लेखा परीक्षक अमित भार्गव उक्त कंपनी के दस्तावेज की जांच करेंगे। - लवी त्रिपाठी, अपर नगर आयुक्त