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Mau News: ऑर्डरशीट जारी, न्यायिक मजिस्ट्रेट से वकील ने कहा था नौकर हैं, औकात में रहिए

Tue, 23 Jul 2024 08:52 PM IST
वाराणसी ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, मऊ।
अमर उजाला नेटवर्क, मऊ। Published by: वाराणसी ब्यूरो Updated Tue, 23 Jul 2024 08:52 PM IST
सार

मऊ जिले में अधिवक्ता द्वारा न्यायिक मजिस्ट्रेट से अभद्रता के मामले में ऑर्डरशीट जारी करते हुए उसकी प्रति जिला जज को भेज दी गई है। न्यायिक मजिस्ट्रेट ने कहा है कि वकील ने कहा था कि नौकर हैं, औकात में रहिए। 

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You are a servant, you take money from the government, talk within your limits.
सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : istock

विस्तार

सिविल कोर्ट के अधिवक्ता द्वारा न्यायिक मजिस्ट्रेट से अभद्रता के मामले में संबंधित न्यायिक मजिस्ट्रेट ने ऑर्डरशीट जारी करते हुए उसकी प्रति जिला जज को भेज दी। इसमें अनुरोध किया कि वह उचित समझें तो अधिवक्ता द्वारा प्रयोग की गई अभद्र भाषा व अमर्यादित आचरण को उच्च न्यायालय इलाहाबाद व उत्तर प्रदेश बार काउंसिल इलाहाबाद के संज्ञान में लाएं। इसके साथ ही मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट को भी आदेश की प्रति भेजा कि अधिवक्ता की सभी पत्रावलियां जो उनके न्यायालय में लंबित हैं उसे किसी अन्य न्यायालय में स्थानांतरित कर दी जाए।

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ऑर्डरशीट के अनुसार न्यायिक मजिस्ट्रेट अर्पित गोयल ने लिखा है कि उनके न्यायिक मजिस्ट्रेट के न्यायालय में परिवाद संख्या 30 832 सन् 23 संगीता बनाम सूर्यभान चौहान विचाराधीन चल रहा है। इसमें 19 जुलाई की तिथि तय थी। न्यायिक मजिस्ट्रेट ने पत्रावली की ऑर्डर शीट में लिखा कि भोजनावकाश के बाद कार्य समाप्त कर विश्राम कक्ष में बैठकर 3:15 बजे आदेश की जांच कर रहा था। मुझे 3:30 बजे बेलबांड स्वीकार करने लेकर कोर्ट में बैठना था। 
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इस दौरान परिवादी के वकील अजय कुमार सिंह विश्राम कक्ष में आए बैठ गए। कहने लगे कि पत्रावली में पारित आदेशानुसार मैंने गवाहों की सूची पेश की है। गवाहों को न बुलाकर सुनवाई कर अभियुक्तों को धारा 376 भादवि के अतिरिक्त अन्य धाराओं में तलब कर दीजिए। उस समय पेशकार आशुलिपि और अर्दली भी मौजूद थे पेशकार ने कहा कि प्रार्थना पत्र देर से आया है। 

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इस दौरान अधिवक्ता अजय कुमार सिंह बोले की सुनवाई आज ही होगी। मैंने कहा कि आप कोर्ट में चलिए सुनवाई वहीं होगी। इस बात पर नाराज हो गए और बोले कि आप मुझे वहां जाने को क्यों कह रहे हैं। आप तो यहीं बैठे हुए हैं आपको कोर्ट में होना चाहिए, वह खड़े हो गए और गुस्से से मेरी तरफ झुककर हाथ दिखाते हुए बोले कि मैं आपका चपरासी हूं क्या, जो आप जब चाहे बुला लें और मैं आपके इंतजार में खड़ा रहूं। आप नौकर हैं, आप सरकार से पैसा लेते हैं, मैं नहीं। औकात में रहकर बात करिए, मैं उम्र और औकात में आपसे बहुत बड़ा हूं। आपकी औकात क्या है मेरे सामने ? आप मेरी इज्जत करेंगे तो ही आपको इज्जत मिलेगी, आप जानते नहीं है आप किससे बात कर रहे हैं। मैं बार का पूर्व महामंत्री हूं आपको आपकी औकात दिखा दूंगा।न्यायिक मजिस्ट्रेट ने ऑर्डरशीट में उल्लेख किया कि अधिवक्ता अजय कुमार सिंह ने अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए अमर्यादित आचरण एवं व्यवहार दर्शाया है। 
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