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Mau News: 24 घंटे में 35 सेमी घटा जलस्तर, बाढ़ का खतरा टला, कटान जारी
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बिंद टोलिया ग्राम पंचायत के नई बस्ती में सरयू नदी से होता है कटान
संवाद न्यूज एजेंसी
मधुबन। सरयू नदी का जलस्तर खतरा के निशान के पास पहुंचने के बाद अब घट रहा है। पानी घटने से बाढ़ का खतरा कम हो गया है। लेकिन कटान के कारण लोग परेशान हैं। जलस्तर घटने से देवारा क्षेत्र के बिंदटोलिया, नई बस्ती, खैरा समेत कई गांवों के लोग राहत महसूस कर रहे हैं। हालांकि कटान की समस्या अब भी बनी हुई है। जलस्तर कम होने से कटान तेज हो जाती है।
बुधवार सुबह आठ बजे हाहानाला रेगुलेटर पर नदी का जलस्तर 65.24 मीटर रिकॉर्ड किया गया। मंगलवार को जल स्तर 65.64 मीटर था। 24 घंटे में 40 सेंटीमीटर की कमी आई है। यहां खतरे का निशान 66.31 मीटर है। सिंचाई विभाग के अवर अभियंता यूएन पांडेय ने बताया कि पिछले तीन दिनों से जलस्तर लगातार घट रहा है। तीन दिन पहले यह 66 मीटर तक पहुंच गया था। इससे कई गांवों में बाढ़ का पानी फैल गया था। लेकिन अब खतरे की कोई बात नहीं है। नदी का पानी घटने से खेतों और गांवों में फैला पानी भी कम हो रहा है। हालांकि, कटान से किसान डरे हुए हैं। बिंदटोलिया, खैरा देवारा और नई बस्ती जैसे गांवों के लोग कटान की दहशत में अपने बने-बनाए घर खुद तोड़ रहे हैं। वे ईंट, दरवाजे, खिड़की और सीढ़ियां तक समेटकर सुरक्षित स्थानों पर ले जा रहे हैं जिससे नदी की लहरोंं में सबकुछ जाने से बचाया जा सके। कटान को लेकर मंगलवार को देवरांचल क्षेत्र के सैकड़ों लोग मधुबन तहसील परिसर में इकट्ठा हुए और प्रदर्शन किया। भाजपा नेता भरत भैया की अगुवाई में कटान पीड़ितों ने मुआवजा, पट्टे पर भूमि आवंटन, मुख्यमंत्री आवास योजना का लाभ और कटान रोकने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की।
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मधुबन। सरयू नदी का जलस्तर खतरा के निशान के पास पहुंचने के बाद अब घट रहा है। पानी घटने से बाढ़ का खतरा कम हो गया है। लेकिन कटान के कारण लोग परेशान हैं। जलस्तर घटने से देवारा क्षेत्र के बिंदटोलिया, नई बस्ती, खैरा समेत कई गांवों के लोग राहत महसूस कर रहे हैं। हालांकि कटान की समस्या अब भी बनी हुई है। जलस्तर कम होने से कटान तेज हो जाती है।
बुधवार सुबह आठ बजे हाहानाला रेगुलेटर पर नदी का जलस्तर 65.24 मीटर रिकॉर्ड किया गया। मंगलवार को जल स्तर 65.64 मीटर था। 24 घंटे में 40 सेंटीमीटर की कमी आई है। यहां खतरे का निशान 66.31 मीटर है। सिंचाई विभाग के अवर अभियंता यूएन पांडेय ने बताया कि पिछले तीन दिनों से जलस्तर लगातार घट रहा है। तीन दिन पहले यह 66 मीटर तक पहुंच गया था। इससे कई गांवों में बाढ़ का पानी फैल गया था। लेकिन अब खतरे की कोई बात नहीं है। नदी का पानी घटने से खेतों और गांवों में फैला पानी भी कम हो रहा है। हालांकि, कटान से किसान डरे हुए हैं। बिंदटोलिया, खैरा देवारा और नई बस्ती जैसे गांवों के लोग कटान की दहशत में अपने बने-बनाए घर खुद तोड़ रहे हैं। वे ईंट, दरवाजे, खिड़की और सीढ़ियां तक समेटकर सुरक्षित स्थानों पर ले जा रहे हैं जिससे नदी की लहरोंं में सबकुछ जाने से बचाया जा सके। कटान को लेकर मंगलवार को देवरांचल क्षेत्र के सैकड़ों लोग मधुबन तहसील परिसर में इकट्ठा हुए और प्रदर्शन किया। भाजपा नेता भरत भैया की अगुवाई में कटान पीड़ितों ने मुआवजा, पट्टे पर भूमि आवंटन, मुख्यमंत्री आवास योजना का लाभ और कटान रोकने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की।
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