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Mau News: जायद फसल के सीजन में माइनरों में नहीं पहुंचा पानी, खेतों की नहीं हुई भराई
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। जिले में करोड़ों की लागत से बनी तीन नहरों की दर्जनों माइनर किसानों के लिए सफेद हाथी साबित हो रही है। जायद फसल के सीजन में नहर में पानी न छोड़े जाने से किसान के खेतों की भराई नहीं हो पाई है। बुआई पिछड़ने की चिंता किसानों को सताने लगी है। लोगों ने आला अधिकारियों को अवगत कराया बावजूद नहर में पानी छोड़ने की जहमत तक नहीं उठायी जा सकी है।सिंचाई विभाग के आला अधिकारी एक पंप चलाने का दावा किया है।जिले में कृषि योग्य कुल भूमि लगभग 145395.42 हेक्टेयर है। सिंचाई के लिए जिले में चौधरी चरण सिंह पंप कैनाल दोहरीघाट, लघु डाल खुरहट पंप कैनाल, शारदा सहायक लिंक नहरें हैं। इसके अलावा लघु डाल पंप कैनाल, पकड़ी कैनाल पंप नहर हैं। प्रमुख नहरों की 70 माइनरें हैं।
गेहूं की फसल कटने के बाद खेत खाली हो गया है। अप्रैल माह बीतने को है, लेकिन नहर में पानी नहीं छोड़ा जा सका है। ऐसे में किसान जायद की फसल के लिए खेेतों की भराई नहीं कर पाए हैं। गन्ने की पुरानी फसल सिंचाई के अभाव में सूख रही है। किसानों की मानें तो दोहरीघाट पंप कैनाल की सीमेंटेड नहर सूखी रहने पर गर्मी के सीजन में फटती है। इसका खामियाजा किसानों को उठाना पड़ रहा है। शारदा सहायक खंड 32 हमेशा सूखी रहती है। कभी कभार दोहरीघाट पंप कैनाल से छोड़ दिया जाता है। लघु डाल खुरहट पंप कैनाल का पानी कुछ ही एरिया में जा पाता है। पकड़ी ताल पंप कैनाल बदहाल पड़ा है। इस बाबत सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता वीरेंद्र पासवान का कहना है कि गेहूं की कटाई चल रही है। एक पंप को चालू कर दिया गया है। किसानों के डिमांड करने पर पंपों को चालू कर दिया जाएगा। जायद के सीजन में नहर में नहीं आ रहा पानी: कुसुम्हा। दोहरीघाट पंप कैनाल नहर क्षेत्र के गोठा, ठाकुरगांव, रौदा भगवानपुर, पतनई, सरयां, दर्शनटोला, रेवली नरहरपुर सहित विभिन्न गांवों से होकर गुजरी है। गेहूं का खेत खाली हो गया है, लेकिन पशुओं के लिए हरा चारा, मूंग, उर्द, गन्ना, भिंडी,करैली सहित अन्य जायद की फसल की बुआई तो दूर खेत की भराई नहीं हो पाई है। शिकायत के बाद भी आला अधिकारी एक पंप चलाने का दावा कर इतिश्री कर ले रहे हैं।इस संबंध में क्षेत्र के चुन्नू राय, भारतेंदु उपाध्याय, करुणेंद्र राय, रामनिवास यादव, श्यामधारी का कहना है कि गेेेहूं का खेत खाली पड़ा है, लेकिन नहर में पानी न आने से जायद फसल के लिए खेत की भराई तक नहीं हो पाई है। जायद की खेती पिछड़ना तय लग रहा है। नहर में भरपूर पानी अविलंब नहीं छोड़ा गया तो हम लोग चुप नहीं बैठेंगे।
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गेहूं की फसल कटने के बाद खेत खाली हो गया है। अप्रैल माह बीतने को है, लेकिन नहर में पानी नहीं छोड़ा जा सका है। ऐसे में किसान जायद की फसल के लिए खेेतों की भराई नहीं कर पाए हैं। गन्ने की पुरानी फसल सिंचाई के अभाव में सूख रही है। किसानों की मानें तो दोहरीघाट पंप कैनाल की सीमेंटेड नहर सूखी रहने पर गर्मी के सीजन में फटती है। इसका खामियाजा किसानों को उठाना पड़ रहा है। शारदा सहायक खंड 32 हमेशा सूखी रहती है। कभी कभार दोहरीघाट पंप कैनाल से छोड़ दिया जाता है। लघु डाल खुरहट पंप कैनाल का पानी कुछ ही एरिया में जा पाता है। पकड़ी ताल पंप कैनाल बदहाल पड़ा है। इस बाबत सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता वीरेंद्र पासवान का कहना है कि गेहूं की कटाई चल रही है। एक पंप को चालू कर दिया गया है। किसानों के डिमांड करने पर पंपों को चालू कर दिया जाएगा। जायद के सीजन में नहर में नहीं आ रहा पानी: कुसुम्हा। दोहरीघाट पंप कैनाल नहर क्षेत्र के गोठा, ठाकुरगांव, रौदा भगवानपुर, पतनई, सरयां, दर्शनटोला, रेवली नरहरपुर सहित विभिन्न गांवों से होकर गुजरी है। गेहूं का खेत खाली हो गया है, लेकिन पशुओं के लिए हरा चारा, मूंग, उर्द, गन्ना, भिंडी,करैली सहित अन्य जायद की फसल की बुआई तो दूर खेत की भराई नहीं हो पाई है। शिकायत के बाद भी आला अधिकारी एक पंप चलाने का दावा कर इतिश्री कर ले रहे हैं।इस संबंध में क्षेत्र के चुन्नू राय, भारतेंदु उपाध्याय, करुणेंद्र राय, रामनिवास यादव, श्यामधारी का कहना है कि गेेेहूं का खेत खाली पड़ा है, लेकिन नहर में पानी न आने से जायद फसल के लिए खेत की भराई तक नहीं हो पाई है। जायद की खेती पिछड़ना तय लग रहा है। नहर में भरपूर पानी अविलंब नहीं छोड़ा गया तो हम लोग चुप नहीं बैठेंगे।
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