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कलश यात्रा संग महायज्ञ शुरू
ब्यूरो, अमर उजाला, मऊ
Updated Thu, 10 Nov 2016 11:49 PM IST
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कलश यात्रा में शामिल युवतियां और महिलाएं।
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अखिल विश्व गायत्री परिवार शांति कुंज हरिद्वार के तत्वावधान में नगर के सोनीधापा के मैदान में गुरुवार से आयोजित चार दिवसीय 108 कुंडीय गायत्री महायज्ञ का शुभारंभ भव्य कलश यात्रा के साथ हुआ। गायत्री परिवार के जिला संयोजक डॉ. रामसुख यादव तथा मुख्य ट्रस्टी रणछोर दास अग्रवाल ने संकल्प के साथ रवाना किया।
21वीं की प्रतीक माताओं, बहनों ने ब्रह्मांड के प्रतीक कलश भगवान को सिर पर धारण कर नगर की परिक्रमा करते हुए 108 कुंडीय गायत्री महायज्ञ का शंखनाद करते हुए श्रद्धालुओं को आमंत्रण दिया। कलश यात्रा में गगनभेदी जयघोष नारी का सम्मान जहां है संस्कृति का उत्थान वहां है, भारतीय संस्कृति के निर्माता यज्ञ पिता गायत्री माता करते हुए चल रहे थे। कलश यात्रा यज्ञ स्थल से बाल निकेतन, भीटी चौराहा, पुरानी तहसील, ब्रह्मस्थान, गाजीपुर तिराहा, गायत्री शक्तिपीठ होते हुए यज्ञ परिसर पहुंची। जहां पर शांति कुंज से पधारे मनीषियों ने पुष्प वर्षा के साथ माताओं, बहनों का स्वागत किया। मंत्र आवाहन व आरती के साथ मंगल कलश को यज्ञशाला में स्थापित किया गया। जगह-जगह श्रद्धालुओं द्वारा जल शर्बत पिलाकर कलश यात्रा में चल रहे माताओं बहनों सहित साथ- साथ चल रहे परिजनों का स्वागत किया।
इस अवसर पर रामसुख यादव, रणछोर दास अग्रवाल, रामजपित पांडेय, जगत नारायण सिंह, प्रमोद राय, अवधेश त्रिपाठी, लालबहादुर सिंह, अशोक सिंह, पतिराम, रमाकांत सिंह, रामनिवास मौर्य आदि शामिल थे।
21वीं की प्रतीक माताओं, बहनों ने ब्रह्मांड के प्रतीक कलश भगवान को सिर पर धारण कर नगर की परिक्रमा करते हुए 108 कुंडीय गायत्री महायज्ञ का शंखनाद करते हुए श्रद्धालुओं को आमंत्रण दिया। कलश यात्रा में गगनभेदी जयघोष नारी का सम्मान जहां है संस्कृति का उत्थान वहां है, भारतीय संस्कृति के निर्माता यज्ञ पिता गायत्री माता करते हुए चल रहे थे। कलश यात्रा यज्ञ स्थल से बाल निकेतन, भीटी चौराहा, पुरानी तहसील, ब्रह्मस्थान, गाजीपुर तिराहा, गायत्री शक्तिपीठ होते हुए यज्ञ परिसर पहुंची। जहां पर शांति कुंज से पधारे मनीषियों ने पुष्प वर्षा के साथ माताओं, बहनों का स्वागत किया। मंत्र आवाहन व आरती के साथ मंगल कलश को यज्ञशाला में स्थापित किया गया। जगह-जगह श्रद्धालुओं द्वारा जल शर्बत पिलाकर कलश यात्रा में चल रहे माताओं बहनों सहित साथ- साथ चल रहे परिजनों का स्वागत किया।
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इस अवसर पर रामसुख यादव, रणछोर दास अग्रवाल, रामजपित पांडेय, जगत नारायण सिंह, प्रमोद राय, अवधेश त्रिपाठी, लालबहादुर सिंह, अशोक सिंह, पतिराम, रमाकांत सिंह, रामनिवास मौर्य आदि शामिल थे।
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