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कागजी साबित हो रही यात्रियों को ठंड से बचाने की कवायद
अमर उजाला ब्यूरो मऊ।
Updated Wed, 16 Dec 2015 11:42 PM IST
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परिवहन निगम यात्रियों को सुविधाएं मुहैया कराने में नाकाम साबित हो रहा है। विभाग की तरफ से अब तक यात्रियों को ठंड से बचाने की कवायद शुरू तक नहीं हो सकी है। दोहरीघाट तथा मऊ डिपो में चालक और परिचालकों कमी से बसों का संचालन प्रभावित हो रहा है। वहीं कई बसों में शीशा न होने तथा रास्ते में बसों के बंद हो जाने से यात्रियों के लिए यात्रा करना कष्टकारक साबित हो रहा है। विभागीय लापरवाही की स्थिति यह है कि दोहरीघाट डिपो में खराब पड़ी एक दर्जन बसों की नीलामी तक नहीं की जा सकी है। कम बसों के चलने से लोगों को घंटों प्रतीक्षा करना पड़ रहा है।
जिले में परिवहन निगम का मऊ डिपो तथा दोहरीघाट डिपो है। मऊ डिपो से 39 बसें तथा दोहरीघाट डिपो से 47 बसों का संचालन होता है। दोहरीघाट डिपो में एक दर्जन बसें खराब पड़ी है। खराब पड़ी बसों की नीलामी न होने से विभाग से नई बसें ही नहीं मिल पा रही है। बलिया रुट पर एक बस तथा इलाहाबाद रुट पर मात्र तीन बसें चल रही है। आठ चालकों का पद रिक्त होने से बसों का संचालन प्रभावित हो रहा है।
अधिकारियों के मुताबिक प्रतिदिन लगभग साढ़े पांच हजार यात्री यात्रा करते हैं। कम बसों के चलने से विभिन्न रूटों पर यात्रियों को घंटों प्रतीक्षा करना पड़ रहा है। इसी तरह मऊ डिपो की स्थिति ठीक नहीं है। यहां से चलने वाली कई बसें रास्ते में ही बंद हो जा रही है। जल्दी स्टार्ट ही नहीं हो पा रही है। बस में बैठे यात्रियों को धक्का देना पड़ रहा है। कई बसों में शीशा तक नहीं है। मऊ-गाजीपुर रूट पर कम बसों के चलने से यात्रियों को ठंड के मौसम में घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। अधिकारी राष्ट्रीय राजमार्ग पर परमिट न मिलने की वजह बता रहे हैं।
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इस बाबत एआरएम मऊ डिपो बीके श्रीवास्तव का कहना है कि राष्ट्रीय राजमार्ग पर बसों के संचालन के लिए परमिट न मिलने से रूटों पर मऊ डिपो की कम बसें चल रही हैं। बसों में यांत्रिक खराबी हो सकती है। एआरएम दोहरीघाट बीके पांडेय का कहना है कि बसों की नीलामी के संबंध में मंडलीय अधिकारियों को पत्र भेजा गया है।
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जिले में परिवहन निगम का मऊ डिपो तथा दोहरीघाट डिपो है। मऊ डिपो से 39 बसें तथा दोहरीघाट डिपो से 47 बसों का संचालन होता है। दोहरीघाट डिपो में एक दर्जन बसें खराब पड़ी है। खराब पड़ी बसों की नीलामी न होने से विभाग से नई बसें ही नहीं मिल पा रही है। बलिया रुट पर एक बस तथा इलाहाबाद रुट पर मात्र तीन बसें चल रही है। आठ चालकों का पद रिक्त होने से बसों का संचालन प्रभावित हो रहा है।
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अधिकारियों के मुताबिक प्रतिदिन लगभग साढ़े पांच हजार यात्री यात्रा करते हैं। कम बसों के चलने से विभिन्न रूटों पर यात्रियों को घंटों प्रतीक्षा करना पड़ रहा है। इसी तरह मऊ डिपो की स्थिति ठीक नहीं है। यहां से चलने वाली कई बसें रास्ते में ही बंद हो जा रही है। जल्दी स्टार्ट ही नहीं हो पा रही है। बस में बैठे यात्रियों को धक्का देना पड़ रहा है। कई बसों में शीशा तक नहीं है। मऊ-गाजीपुर रूट पर कम बसों के चलने से यात्रियों को ठंड के मौसम में घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। अधिकारी राष्ट्रीय राजमार्ग पर परमिट न मिलने की वजह बता रहे हैं।
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इस बाबत एआरएम मऊ डिपो बीके श्रीवास्तव का कहना है कि राष्ट्रीय राजमार्ग पर बसों के संचालन के लिए परमिट न मिलने से रूटों पर मऊ डिपो की कम बसें चल रही हैं। बसों में यांत्रिक खराबी हो सकती है। एआरएम दोहरीघाट बीके पांडेय का कहना है कि बसों की नीलामी के संबंध में मंडलीय अधिकारियों को पत्र भेजा गया है।