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समय खत्म, नहीं बनीं सड़कें
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मऊ। अब इसे विभागीय लापरवाही कहें या फिर उदासीनता, कि धनराशि खर्च होने के साथ साथ तयशुदा समय भी बीतने के बाद जिले की आठ सड़कों का निर्माण नहीं हो सका। अधर में पड़ी सड़कों में दो बड़ी सड़क शामिल है, जिनका स्टीमेट दो बार रिवाइज भी किया जा चुका है। इसके अलावा अन्य सड़कों पर अभी काम चलना बताया जा रहा है। हालांकि मानसून आने के बाद तीन माह वैसे भी कार्य नहीं होगें। ऐसे में लोगों को न चाह कर भी बरसात के दौरान क्षतिग्रस्त सड़कों से ही होकर गुजरना होगा।
अधुरी पड़ी सड़कों में पहले नंबर पर बलिया-लखनऊ मार्ग है। इस सड़क पर राज्य योजना से मऊ से आजमगढ़ के बीच करीब 31.51 किमी चौड़ीकरण के साथ मरम्मत कार्य होना था। प्रांतीय खंड से मार्च 2016 में इस सड़क के निर्माण के लिए विभाग से अनुबंध किया गया था, इसके अनुसार 286.89 करोड़ रुपया की लागत से इस सड़क का निर्माण मार्च 2021 में पूरा होना था। लेकिन कार्य अधुरा होने पर इसका समय अप्रैल फिर जून तक बढ़ा दिया गया। जानकारी करने पर पता चला कि अभी तक 82 प्रतिशत धनराशि अवमुक्त हुई है, कार्य 85 फीसदी पूरा हुआ है। इसीक्रम में दूसरी सड़क भी प्रांतीय खंड से मऊ-रानीपुर-सुल्तानीपुर मार्ग का निर्माण करने के लिए जुलाई 2016 में अनुबंध किया गया था, 21.525 किमी इस सड़क के निर्माण के लिए मार्च 2021 का समय निर्धारित किया गया था। 26.25 करोड़ की लागत से बनने वाला ये मार्ग अभी भी अधर में है, जबकि 95फीसदी का भुगतान हो चुका है। इसके अलावा कोपागंज भातकोल 18 किमी लंबे सड़क मार्ग के लिए आठ मई 20 में अनुबंध हुआ था। तय समय के अंदर इस मार्ग को सात मई को पूरा होना था, 33.01 करोड़ की लागत से बनने वाली सड़क पर समय सीमा बीतने के बाद 70 फीसदी निर्माण हो सका है। जबकि सड़क निर्माण के लिए 13.45 रुपया अवमुक्त किया जा चुका है। इसीक्रम में चिरैयाकोट मुहम्मदाबाद गोहना-घोसी मधुबन मार्ग के निर्माण की जिम्मेदारी निर्माण खंड को सौपी गई थी। पार्ट पार्ट में बनने वाले इस मार्ग की कुल दूरी 11.940 किमी है। 15 सितंबर 20 के अनुबंध के अनुसार इस सड़क के लिए 18.52 करोड़ रुपया स्वीकृत कर 6.95 रुपया अवमुक्त किया गया है। इस तरह से सड़क महज पांच किमी बन सकी है। इसक्रम में निर्माण खंड की देखरेख में बनने वाला मधुबन दुबारी मार्ग की लंबाई 4.500 किमी है। इसके लिए अनुबंध पांच मार्च 2021 को हुआ, इसके निर्माण के लिए कुल 7.21 करोड़ रुपया स्वीकृत कर विभाग से 1.80 करोड़ अवमुक्त किया गया है। अभी तक कार्य की प्रगति शून्य है। मधुबन-दुबारी-परसिया मार्ग जिसकी लंबाई 9.300किमी है। इसके निर्माण के लिए 25 मार्च 2021 में अनुबंध कर विभाग ने 15.78 करोड़ रुपया स्वीकृत किया। इसमें से विभाग ने स्वीकृत धनराशि के तीन फीसदी धनराशि अवमुक्त किया। इसके चलते यहां भी कार्य प्रगति अभी शून्य है। अनुबंध के अनुसार इस मार्ग को 24 मार्च 2022 में पूरा होना है। इसके अलावा निर्माण खंड के अधीन 1.540 किमी लंबे कोपागंज-भातकोल मार्ग, 1.400किमी लंबे दोहरीघाट मधुबन मार्ग पर मौजूद बनकटा संपर्क मार्ग और तीन किमी लंबे मधुबन भैरोपुर मार्ग पर कमरौली मेहदिया पर होने वाला निर्माण भी अधर में है। इन मार्गो के निर्माण के लिए धनराशि अभी विभाग से अवमुक्त नहीं हुई है।
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अधुरी पड़ी सड़कों में पहले नंबर पर बलिया-लखनऊ मार्ग है। इस सड़क पर राज्य योजना से मऊ से आजमगढ़ के बीच करीब 31.51 किमी चौड़ीकरण के साथ मरम्मत कार्य होना था। प्रांतीय खंड से मार्च 2016 में इस सड़क के निर्माण के लिए विभाग से अनुबंध किया गया था, इसके अनुसार 286.89 करोड़ रुपया की लागत से इस सड़क का निर्माण मार्च 2021 में पूरा होना था। लेकिन कार्य अधुरा होने पर इसका समय अप्रैल फिर जून तक बढ़ा दिया गया। जानकारी करने पर पता चला कि अभी तक 82 प्रतिशत धनराशि अवमुक्त हुई है, कार्य 85 फीसदी पूरा हुआ है। इसीक्रम में दूसरी सड़क भी प्रांतीय खंड से मऊ-रानीपुर-सुल्तानीपुर मार्ग का निर्माण करने के लिए जुलाई 2016 में अनुबंध किया गया था, 21.525 किमी इस सड़क के निर्माण के लिए मार्च 2021 का समय निर्धारित किया गया था। 26.25 करोड़ की लागत से बनने वाला ये मार्ग अभी भी अधर में है, जबकि 95फीसदी का भुगतान हो चुका है। इसके अलावा कोपागंज भातकोल 18 किमी लंबे सड़क मार्ग के लिए आठ मई 20 में अनुबंध हुआ था। तय समय के अंदर इस मार्ग को सात मई को पूरा होना था, 33.01 करोड़ की लागत से बनने वाली सड़क पर समय सीमा बीतने के बाद 70 फीसदी निर्माण हो सका है। जबकि सड़क निर्माण के लिए 13.45 रुपया अवमुक्त किया जा चुका है। इसीक्रम में चिरैयाकोट मुहम्मदाबाद गोहना-घोसी मधुबन मार्ग के निर्माण की जिम्मेदारी निर्माण खंड को सौपी गई थी। पार्ट पार्ट में बनने वाले इस मार्ग की कुल दूरी 11.940 किमी है। 15 सितंबर 20 के अनुबंध के अनुसार इस सड़क के लिए 18.52 करोड़ रुपया स्वीकृत कर 6.95 रुपया अवमुक्त किया गया है। इस तरह से सड़क महज पांच किमी बन सकी है। इसक्रम में निर्माण खंड की देखरेख में बनने वाला मधुबन दुबारी मार्ग की लंबाई 4.500 किमी है। इसके लिए अनुबंध पांच मार्च 2021 को हुआ, इसके निर्माण के लिए कुल 7.21 करोड़ रुपया स्वीकृत कर विभाग से 1.80 करोड़ अवमुक्त किया गया है। अभी तक कार्य की प्रगति शून्य है। मधुबन-दुबारी-परसिया मार्ग जिसकी लंबाई 9.300किमी है। इसके निर्माण के लिए 25 मार्च 2021 में अनुबंध कर विभाग ने 15.78 करोड़ रुपया स्वीकृत किया। इसमें से विभाग ने स्वीकृत धनराशि के तीन फीसदी धनराशि अवमुक्त किया। इसके चलते यहां भी कार्य प्रगति अभी शून्य है। अनुबंध के अनुसार इस मार्ग को 24 मार्च 2022 में पूरा होना है। इसके अलावा निर्माण खंड के अधीन 1.540 किमी लंबे कोपागंज-भातकोल मार्ग, 1.400किमी लंबे दोहरीघाट मधुबन मार्ग पर मौजूद बनकटा संपर्क मार्ग और तीन किमी लंबे मधुबन भैरोपुर मार्ग पर कमरौली मेहदिया पर होने वाला निर्माण भी अधर में है। इन मार्गो के निर्माण के लिए धनराशि अभी विभाग से अवमुक्त नहीं हुई है।
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