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शिक्षा सत्र का तीन माह बीता, निदेशालय से अभी पाई है 10 प्रतिशत पाठ्यपुस्तकें

Thu, 08 Jul 2021 10:30 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Thu, 08 Jul 2021 10:30 PM IST
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Three months of education session has passed, 10 percent textbooks have been received from the directorate now
मऊ। शिक्षा सत्र शुरू हुए तीन माह बीत गए लेकिन अभी तक परिषदीय विद्यालयों के बच्चों को मुफ्त किताबें नहीं दी जा सकी हैं। निदेशालय से अभी तक 10 प्रतिशत ही पाठ्यपुस्तकें ही आई हैं। सत्यापन होने के बाद वितरण शुरू होगा। ऐसे में बच्चे बिन किताब के ही पढ़ाई करने को विवश हैं।
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जिले में 1060 प्राथमिक तथा 442 उच्च प्राथमिक विद्यालयों में लगभग 1.56 लाख बच्चे अध्ययनरत हैं। कोरोना संक्रमण के चलते विद्यालय बंद चल रहे हैं। आनलाइन पढ़ाई चल रही है। लगभग 50 प्रतिशत ही बच्चे आनलाइन शिक्षा से जुड़ पाए हैं। शिक्षा सत्र का चौथा माह चल रहा है लेकिन शासन की तरफ से बच्चों को मिलने वाली नि:शुल्क पाठ्यपुस्तकों का वितरण नहीं हो सका है। निदेशालय से लगभग 10 प्रतिशत ही पाठ्यपुस्तकें आ पाई है। विभाग से 11 लाख नि:शुल्क पाठ्यपुस्तकें आनी हैं। अभी तक कक्षा छह की 56 हजार, कक्षा तीन की 26 हजार तथा कक्षा एक की 10 हजार पुस्तकें ही आ सकी है। सूत्रों की मानें तो निदेशालय स्तर से पाठ्यपुस्तकों के प्रकाशन सहित अन्य प्रक्रिया में देरी हुई है। सत्यापन होने के बाद भी पुस्तक वितरण की प्रक्रिया शुरू होगी। शासन की तरफ से एक जुुलाई से विद्यालय खोल दिया गया है, लेकिन बच्चों को पाठ्यपुस्तक न मिलने से परेेशान अभिभावक विद्यालय पहुंचकर शिक्षकों को खरी खोटी सुना रहे हैं। कई अभिभावक तो हंगामा करने पर उतर जा रहे हैं। शिक्षक परेशान हो जा रहे हैं। अभिभावकों का कहना था कि सरकार की तरफ से शुरू की गई नि:शुल्क पाठ्यपुस्तक योजना का लाभ बच्चों को नहीं मिल पा रहा है। किताब न मिल पाने से बच्चे पढ़ाई नहीं कर पा रहे हैं। इस बाबत जिला समन्वयक सामुदायिक सहभागिता बृजबिहारी पांडेय का कहना है कि नि:शुल्क पाठ्यपुस्तकों की खेप आनी शुरू हो गई है। सत्यापन प्रक्रिया के बाद वितरित की जाएगी।
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