{"_id":"6186ae3fe7e810621a5e1ba6","slug":"three-crore-one-lakh-98-thousand-sent-to-the-account-of-4078-cooks-mau-news-vns6211864165","type":"story","status":"publish","title_hn":"4078 रसोइयों के खाते में भेजा तीन करोड़ एक लाख 98 हजार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
4078 रसोइयों के खाते में भेजा तीन करोड़ एक लाख 98 हजार
विज्ञापन
मऊ। बेसिक शिक्षा विभाग से संचालित परिषदीय विद्यालयों में मध्याह्न भोजन बनाने के लिए कार्यरत रसोइयों का मानदेय माह मार्च से बकाया था। विभाग की तरफ से बकाया मानदेय उनके खाते में भेजा गया है। 4078 रसोइयों के खाते में कुल तीन करोड़ एक लाख 98 हजार खाते में भेजा गया है।
जिले में मिड-डे-मील योजना से करीब 1400 विद्यालय आच्छादित हैं। इसमें 4078 रसोइए कार्यरत हैं। विद्यालय खुलने के बाद अब आने वाले बच्चों को निर्धारित मेन्यू के मुताबिक भोजन दिया जा रहा है। भोजन बनाने की जिम्मेदारी रसोइयों के ही जिम्मे है। सामान्य तथा पिछड़े वर्ग की रसोइयों का मार्च, अप्रैल, मई जुलाई तथा अनुसूचित जाति के रसोइयों का मार्च से अक्तूबर तक मानदेय न मिलने से उनके सामने काफी परेशानियां थीं। आर्थिक संकट से परेशान कई बार रसोइयों ने मानदेय की मांग को लेकर प्रदर्शन भी किया था। बार-बार आंदोलन करने की चेतावनी दे रहे थे।
विभाग की तरफ से सामान्य तथा पिछड़े वर्ग की रसोइयों का मार्च, अप्रैल, मई जुलाई तथा अनुसूचित जाति के रसोइयों का मार्च से अक्तूबर तक मानदेय रसोइयों के खाते में भेजा गया। जबकि अनुुुसूचित जाति वर्ग के रसोइयों को मार्च से अक्तूबर तक मानेदय 4078 रसोइयों के खातों में भेज दिया गया। इस संबंध में जिला समन्वयक (एमडीएम) पीयूष पांडेय का कहना था कि 4078 रसोइयों के खाते में मानदेय भेज दिया गया है।
विज्ञापन
बीएसए डॉ. संतोष कुमार सिंह ने बताया कि सामान्य तथा पिछड़े वर्ग की रसोइयों का मार्च, अप्रैल, मई जुलाई का मानेदय एक करोड़ 23 लाख 93 हजार रुपया तथा अनुसूचित वर्ग की रसोइयों का मार्च से अक्तूबर तक का मानदेय एक करोड़ 78 लाख पांच हजार रुपया खाते में तीन नवंबर को जारी कर दिया गया है।
विज्ञापन
जिले में मिड-डे-मील योजना से करीब 1400 विद्यालय आच्छादित हैं। इसमें 4078 रसोइए कार्यरत हैं। विद्यालय खुलने के बाद अब आने वाले बच्चों को निर्धारित मेन्यू के मुताबिक भोजन दिया जा रहा है। भोजन बनाने की जिम्मेदारी रसोइयों के ही जिम्मे है। सामान्य तथा पिछड़े वर्ग की रसोइयों का मार्च, अप्रैल, मई जुलाई तथा अनुसूचित जाति के रसोइयों का मार्च से अक्तूबर तक मानदेय न मिलने से उनके सामने काफी परेशानियां थीं। आर्थिक संकट से परेशान कई बार रसोइयों ने मानदेय की मांग को लेकर प्रदर्शन भी किया था। बार-बार आंदोलन करने की चेतावनी दे रहे थे।
विज्ञापन
विभाग की तरफ से सामान्य तथा पिछड़े वर्ग की रसोइयों का मार्च, अप्रैल, मई जुलाई तथा अनुसूचित जाति के रसोइयों का मार्च से अक्तूबर तक मानदेय रसोइयों के खाते में भेजा गया। जबकि अनुुुसूचित जाति वर्ग के रसोइयों को मार्च से अक्तूबर तक मानेदय 4078 रसोइयों के खातों में भेज दिया गया। इस संबंध में जिला समन्वयक (एमडीएम) पीयूष पांडेय का कहना था कि 4078 रसोइयों के खाते में मानदेय भेज दिया गया है।
विज्ञापन
बीएसए डॉ. संतोष कुमार सिंह ने बताया कि सामान्य तथा पिछड़े वर्ग की रसोइयों का मार्च, अप्रैल, मई जुलाई का मानेदय एक करोड़ 23 लाख 93 हजार रुपया तथा अनुसूचित वर्ग की रसोइयों का मार्च से अक्तूबर तक का मानदेय एक करोड़ 78 लाख पांच हजार रुपया खाते में तीन नवंबर को जारी कर दिया गया है।