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Mau News: डायलिसिस यूनिट में पंजीकृत 75 मरीजों में तीस की उम्र 30 से कम

Thu, 13 Mar 2025 12:16 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Thu, 13 Mar 2025 12:16 AM IST
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Thirty out of 75 patients registered in the dialysis unit are under 30 years of age
मऊ। अनियमित दिनचर्या के साथ फास्ट फूड सेवन युवाओं कई गंभीर बीमारियों की जद में आ रहे हैं। इसमें किडनी की समस्या भी है। जिले के डायलिसिस यूनिट में दर्ज 75 मरीजों में 37 मरीज ऐसे हैं जिनकी उम्र तीस साल से कम है। इसमें तो सात मरीज 16 से 18 वर्ष के हैं। उन्हें सप्ताह में दो बार यानी माह में आठ बार डायलिसिस करानी पड़ती है।
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जिला अस्पताल के सीएमएस डॉक्टर धनंजय कुमार ने बताया कि आमतौर पर यह बीमारी ब्लड प्रेशर या मधुमेह मरीजों में पाई जाती है। लेकिन फास्ट फूड का बढ़ता चलन युवाओं की किडनी खराब कर रहा है। जिले के तीन अस्पतालों में डायलिसिस कराने वाले मरीजों में 28 से 32 फीसदी तक के मरीजों की उम्र 40 साल से कम हैं।
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बताया कि फास्ट फूड, बाजार का खाना, चिकनाईयुक्त भोजन से किडनी की बीमारी ज्यादा बढ़ रही है। वहीं जिला अस्पताल में संचालित डायलिसिस यूनिट के मैनेजर वशिष्ठ नारायण ने बताया कि पंजीकृत 75 मरीजों में 30 मरीजों की उम्र तीस साल से कम है। जबकि सात मरीजों की उम्र 16 से 18 वर्ष के बीच है। कई ऐसे युवा मरीज हैं जिन्होंने बताया कि वह धूम्रपान, अल्कोहल के अलावा फास्ट फूड के आदी थे। बताया कि इसके पीछे फास्ट-जंक फूड में अतिरिक्त चिकनाई और हानिकारक तत्व का होना है।
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यह हैं बीमारी के लक्षण
मऊ। फास्टफूड के लगातार सेवन से वजन बढ़ता है। लोग ब्लड प्रेशर और मधुमेह की चपेट में आ जाते हैं। बीमारी में मरीज को बार बार रात में पेशाब आना, संक्रमण होना, पेशाब करते वक्त दर्द, जलन, रक्त आने के साथ पेशाब का रंग बदलना, पैरों में सूजन आना जैसे लक्षण मुख्य हैं।

कम करें नमक, चीनी और तेल
मऊ। जिला अस्पताल के सीनियर फीजिशियन डॉ. अनिल कुमार ने बताया कि किडनी शरीर की सफाई करती है। यह रक्त को शुद्ध करते हुए हानिकारक तत्वों को पेशाब के जरिये बाहर निकालती है। बीमारी से बचाव के लिए डॉक्टर लोगों को एक-एक चम्मच नमक, चीनी और तेल कम इस्तेमाल के लिए जागरूक कर रहे हैं। साथ ही शारीरिक परिश्रम और व्यायाम करने के लिए भी प्रेरित कर रहे हैं।
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