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Mau News: डंपिंग ग्राउंड नहीं, खुले में कूड़ा गिराकर आग लगा रहे कर्मी
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चिरैयाकोट नगर पंचायत के 15 वार्ड से प्रतिदिन करीब 1080 किलोग्राम कूड़ा निकलता है। सफाई कर्मी सभी वार्डों और मुहल्लों से कूड़ा उठाकर कमालचक-मंदे नहर मार्ग के किनारे औसतपुर वार्ड में गिरा देते हैं और कूड़े की ढेर में आग लगा देते हैं।
इससे राहगीर, मस्जिद के नमाजियों और आस-पास के लोगों को सांस लेने में काफी दिक्कतें होती हैं। नगर पंचायत के गठन के बाद अभी तक कूड़ा निस्तारण के लिए डंपिंग ग्राउंड का निर्माण नहीं हो सका है। दावा है कि पूरे नगर की सफाई दो चक्र में की जाती है।
स्थानीय निवासी सऊद खान, अबुसहमा, आमिर हसन, आफताब, सेराज, शकील और धर्मदेव ने कहा कि स्वच्छता अभियान को लेकर नगर पंचायत सावधान नहीं है। सफाई कर्मी कूड़ा सड़कों किनारे फेंककर चले जाते हैं। कई बार शिकायत के बावजूद कोई पहल नहीं हुई।
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नगर पंचायत चिरैयाकोट का गठन 11 मार्च 2015 को हुआ था। डंपिंग ग्राउंड के लिए नगर पंचायत को करीब तीन बिस्वा जमीन की जरूरत है। राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण ने नगर पंचायत में अनिवार्य रूप से कूड़ा डंपिंग ग्राउंड बनाने का निर्देश दिया था।
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इससे राहगीर, मस्जिद के नमाजियों और आस-पास के लोगों को सांस लेने में काफी दिक्कतें होती हैं। नगर पंचायत के गठन के बाद अभी तक कूड़ा निस्तारण के लिए डंपिंग ग्राउंड का निर्माण नहीं हो सका है। दावा है कि पूरे नगर की सफाई दो चक्र में की जाती है।
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स्थानीय निवासी सऊद खान, अबुसहमा, आमिर हसन, आफताब, सेराज, शकील और धर्मदेव ने कहा कि स्वच्छता अभियान को लेकर नगर पंचायत सावधान नहीं है। सफाई कर्मी कूड़ा सड़कों किनारे फेंककर चले जाते हैं। कई बार शिकायत के बावजूद कोई पहल नहीं हुई।
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नगर पंचायत चिरैयाकोट का गठन 11 मार्च 2015 को हुआ था। डंपिंग ग्राउंड के लिए नगर पंचायत को करीब तीन बिस्वा जमीन की जरूरत है। राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण ने नगर पंचायत में अनिवार्य रूप से कूड़ा डंपिंग ग्राउंड बनाने का निर्देश दिया था।