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Mau News: होम्योपैथी के पांच अस्पतालों में चिकित्सक नहीं, फाॅर्मासिस्ट करते हैं उपचार

Sun, 27 Apr 2025 12:37 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sun, 27 Apr 2025 12:37 AM IST
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There are no doctors in five homeopathy hospitals, pharmacists provide treatment
मऊ। जिले में होमियोपैथी विधा से नौ ब्लॉकों में 24 अस्पताल संचालित हो रहे हैं। तीन अस्पतालों में 12 तो, दो में 14 माह से अधिक समय से डॉक्टर नहीं हैं। रतनपुरा ब्लॉक के पांच में से अस्पताल ऐसे हैं, जिनमें डॉक्टर ही नहीं है। ऐसे में यहां फार्मासिस्ट और उनके भी न रहने पर वार्ड ब्वॉय द्वारा इलाज किया जाता है। जहां डॉक्टरों की तैनाती है, वो डॉक्टर घर से ही ऑनलाइन हाजिरी लगाकर अपना प्राइवेट क्लिनिक चलाते हैं।
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अब इन अस्पतालों में आने वाले मरीजों की संख्या भी नाम मात्र की रह गई है। जिले की 25 लाख की आबादी को होमियोपैथी विधा से उपचार दिलाने के उद्देश्य से 24 होमियोपैथिक अस्पताल संचालित हो रहे हैं। इसमें कार्यालय जिला होम्योपैथिक चिकित्साधिकारी, जिला अस्पताल परिसर के अलावा रतनपुरा ब्लॉक के नगवां, मानिकपुर, सिधवल, कुडसर, अरदौना के साथ कोईरियापार, मूंगमास, सरसेना में अस्पताल है।
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वहीं सौसवा, पकड़ी बुजुर्ग, पूनापार, सौदी, सुल्तानीपुर, कुड़सर, सरायगगनेश, खालिसपुर, सहरोज, पिपरीडीह, पलिगढ़, परसूपुर, कटघरा महलू, अन्नूपार, सिरसा में अस्पताल संचालित हो रहा है। लेकिन रतनपुरा ब्लॉक के सिधवल, अरदौना के साथ पिपरीडीह, पलिगढ़ में बीते कई माह से डॉक्टर की तैनाती नहीं हुई है। ऐसे में इन अस्पतालों में अधिकांश समय या तो ताला बंद रहता है या मौजूद फार्मासिस्ट और उनके न रहने पर वार्ड ब्वॉय इलाज किया जाता है।
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वहीं जिला अस्पताल परिसर स्थित होम्योपैथिक अस्पताल में डॉक्टर के दो पद हैं, लेकिन यहां भी एक ही डॉक्टर की तैनाती है। पिपरीडीह, सिधवल, पलिगढ़, अरदौना के ग्रामीणों ने बताया कि उनके गांव में भले ही होमियोपैथिक अस्पताल है, लेकिन इसमें डॉक्टर ही नहीं है। ऐसे में बहुत ही कम ही लोग इस अस्पताल में इलाज को प्राथमिकता देते हैं, अगर कोई मरीज भी चला जाता है तो डॉक्टर न होने से लौट जाता है।

घर से ही हाजिरी लगाकर चलाते हैं प्राइवेट क्लिनिक
जहां डॉक्टरों के पद खाली हैं, वहां तो फार्मासिस्ट इलाज करते हैं, लेकिन जहां डॉक्टर तैनात हैं, वो घर से ही अस्पताल चलाते हैं। ऑनलाइन हाजिरी लगाकर अपना प्राइवेट क्लिनिक चलाते हैं। इसका सीधा उदाहरण शहरोज होम्योपैथिक अस्पताल है, जो कोपागंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में संचालित होता है। सीएचसी के कर्मचारियों और स्थानीय लोगों के अनुसार तैनात चिकित्सक को काफी दिनों से किसी ने अस्पताल में नहीं देखा है। फार्मासिस्ट और वार्ड ब्वाय ही मरीजों को दवा देते हैं। शुक्रवार को भी फार्मासिस्ट ही मौजूद मिलीं।

जिन अस्पतालों में चिकित्सकों का पद खाली है, वहां दूसरे चिकित्सक की तैनाती की गई है। सप्ताह में तीन दिन तैनाती वाले और तीन दिन अतिरिक्त प्रभार वाले अस्पताल पर मरीजों का उपचार करते हैं। रोजाना किसी न किसी अस्पताल पर पहुंचकर निरीक्षण किया जाता है। ड्यूटी के समय अस्पताल में न मिलने वाले चिकित्सकों पर कार्रवाई की जाएगी। - डॉ. अंजू गुप्ता, जिला होम्योपैथिक अधिकारी, मऊ
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