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मौसम ने ली करवट, रात में घंटों हुई बूंदाबांदी से बढ़ी ठंड

Fri, 07 Jan 2022 11:33 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Fri, 07 Jan 2022 11:33 PM IST
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The weather took a turn, due to drizzling for hours in the night, the cold increased
मऊ। बृहस्पतिवार की शाम से ही मौसम में बदलाव नजर आया। शाम से शुरू हुई सर्द हवा के झोकों से ठिठुरन बढ़ गई।इसके कुछ देर बाद से शुरू हल्की बारिश शुरू होने के बाद बाजार में सन्नाटा की स्थिति रही। देर शाम हुई बारिश के बीच लोगों को भीगते हुए अपने गंतव्य को जाते दिखे। आकाश मेें घने बादल छाने से दिन में ही अंधेरा हो गया। वाहन चालक हेडलाइट जलाकर घर व गंतव्य को जाते देखे गए।वहीं बूंदाबांदी से ठंड बढ़ने पर लोग अलाव जलाकर ठंड से राहत पाने का प्रयास करते दिखे।
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शुक्रवार की से ही आसमान में बादल छाए रहे। गलन भरी ठंड होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। पूरा दिन बादल छाए होने के चलते धूप नहीं निकली, इस बीच सर्द हवाओं के बहने से गलन बरकरार रही।इससे पूरे दिन लोग ठिठुरते नजर आए। वहीं घोसी, दोहरीघाट, मधुबन में शुक्रवार को भी हल्की बूंदाबांदी होती रही।उधर ठंडे मौसम से रेलवे तथा रोडवेज पर प्रतीक्षारत यात्रियों का हाल बेहाल रहा। तापमान पर नजर डाला जाए तो अधिकतम तापमान 19 डिग्री सेल्सियस तथा न्यूनतम तापमान 13 डिग्री सेल्सियस रहा।
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किसानों के खिले चेहरे, रबी को फायदा
बढुआ गोदाम। जनवरी महीने के पहले सप्ताह में हुई हल्की बारिश का असर बृहस्पतिवार से ही जिले समेत आसपास के क्षेत्रों पर दिखने को मिल रहा हैं। बारिश से जहां रबी फसलों को काफी फायदा हुआ वहीं बृहस्पतिवार को आसमान में आंशिक बादल छाने से अधिकतम तापमान में सामान्य से तीन चार डिग्री तक गिरावट दर्ज की गई। कृषि विज्ञान केंद्र पिलखी के प्रभारी और वरिष्ठ वैज्ञानिक डा. एलसी वर्मा ने बताया कि जनवरी में पाला पड़ने की संभावना अधिक होती है जिससे रबी फसलों को काफी नुकसान होता है। जिस दिन ठंड अधिक हो, शाम को हवा का चलना रुक जाए, रात्रि में आकाश साफ हो एवं आद्रता प्रतिशत अधिक हो तो उस रात पाला पड़ने की संभावना सबसे अधिक होती है।
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पाला से आलू, टमाटर, मटर, मसूर, सरसों, बैगन, अलसी, जीरा, अरहर, धनिया, पपीता, नव रोपित फसलें अधिक प्रभावित होती हैं। पाले की तीव्रता अधिक होने पर गेहूं, गन्ना भी इसकी चपेट में आ जाते हैं। बृहस्पतिवार को हुई बारिश से रबी फसल को काफी फायदा हुआ है। जनवरी के शुरूआत में हुई इस बारिश से गेहूं और सरसों की फसल को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है। बारिश से फसलों में पानी की कुछ पूर्ति हुई हैं साथ ही असिंचित क्षेत्रों मैं बोई गई फसलों के लिए बारिश फायदेमंद रहेगी जबकि आलू की फसल पर मैंगोजेब दवा का छिड़काव कर पाला से बचाया जा सकता हैं। बारिश और कोहरे पडने से रवि सीजन की फसल बेहतर होने की उम्मीद जागी है, क्योंकि यह बारिश रबी फसलों के लिए फायदेमंद साबित होगी। सरसों, जौ, मटर, चना, मसूर और गेहूं की फसल को फायदा करेगी जिससे उत्पादन बढेगा।
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