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Mau News: दुबारी के ग्रामीणों ने ग्राम सचिव पर लगाया अपने करीबी पर सर्वे कराने का आरोप

Sun, 22 Sep 2024 12:28 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sun, 22 Sep 2024 12:28 AM IST
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The villagers of Dubhari accused the village secretary of getting the survey done by his close aide
2028-29 तक पीएम आवास का लाभ देने के लिए प्रशासन द्वारा पात्रों का सर्वे किया जा रहा है। लेकिन जिन्हें आवास की सबसे अधिक जरूरत है, सर्वे सूची में उनका नाम न देकर ग्राम प्रधान और सचिव अपने करीबियों का नाम दे रहे हैं। सबसे अधिक समस्या बाढ़ग्रस्त इलाके देवारा में है। दुबारी के ग्रामीणों का आरोप है कि ग्राम सचिव कभी गांव में नहीं आते, बल्कि अपने स्थान पर गांव में उनके करीबी एक व्यक्ति को पीएम आवास के लिए सर्वे का काम दे दिया गया है।
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ग्रामीणों का आरोप है कि सचिव का करीबी सर्वे में केवल अपने जान पहचान वाले लोगों का नाम सर्वे सूची में भेजा जा रहा है। दुबारी ग्राम पंचायत की बात करें तो अलग-अलग 24 पुरवा हैं। सभी की आबादी 26 हजार से अधिक है, 12 से 13 हजार वोटर हैं। लेकिन उसका इन्हें कोई लाभ नहीं मिल पाता है। चाहे वो बाढ़ का समय हो या फिर योजनाओं को उन तक पहुंचाने का। नेताजी और स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों के करीबियों को पूरा लाभ दे दिया जाता है। दुबारी के धुस पुरवा में दलित, चौहान सहित अन्य जातियों के लगभग 100 घर हैं। लेकिन यहां केवल 10 घर ऐसे देखने को मिलेंगे जिनकी चहारदीवारी पक्की है, लेकिन छत करकट का है। बचे 90 घर घास फूस और छप्पर के हैं। गर्मी के समय आग और बरसात में पानी इनकी मुसीबत बढ़ा देती है। इनमें एक दर्जन लोग ऐसे हैं जिनका घर एक या दो साल पहले आग की भेंट चढ़ गई थी, लेकिन पीएम आवास की सूची में इनका नाम कभी नहीं आया।
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दो साल पहले मेरा कच्चा घर आग से जल गया। ब्लॉक और ग्राम प्रधान से कई बार आवास के लिए गुहार लगाई, लेकिन आवास नहीं मिला। किसी तरह घास फूस से घर बनाकर पत्नी के साथ रहता हूं।-पारस प्रसाद, निवासी धुस पुरवा
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आवास के लिए कई बार ब्लॉक पर गया लेकिन नाम नहीं आया। सचिव अपने करीबी व्यक्ति से सर्वे करा रहे हैं। लेकिन वो केवल अपने जन पहचान के लोगों का नाम सर्वे की सूची में जोड़ रहा है।-राधेश्याम प्रसाद, निवासी धुस पुरवा
पक्का मकान नहीं होने से परिवार मड़ई में रहता है। बरसात में चारों तरफ पानी से घिर जाता है। घर में सो रहे बच्चों को जहरीले जीव जंतुओं के काटने का खतरा रहता है। फिलहाल पीएम आवास की दरकार है। -सुनीता देवी
हर साल बरसात के समय तेज आंधी में मड़ई के ऊपर का हिस्सा उड़ जाता है। फिर से पैसे लगाकर बनवाना पड़ता है। योजना के तहत पक्का मकान बन जाता तो इस समस्या से छुटकारा मिल जाता।-लालमुनि देवी




अभी टीम गांवों में जाकर ग्रामीणों को आवास के पात्र होने के मानकों की जानकारी दे रही है। अभी सर्वे नहीं किया जा रहा है। सर्वे के समय यदि किसी को लगता है कि उनका नाम छूट गया है और पात्र हैं तो सचिव के पास जाकर सूची में नाम दर्ज करा सकते हैं। इसके लिए किसी तरह का आवेदन नहीं करना होगा और न ही शुल्क लगता है।- दिवाकर सिंह, खंड विकास अधिकारी, फतहपुर मंडाव
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