मऊ। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में बृहस्पतिवार को जिला मुख्यालय पर मौजूद बाल संप्रेषण गृह का निरीक्षण, प्राधिकरण के सचिव सत्यवीर सिंह ने किया। निरीक्षण में कुल 93 किशोर सुधार गृह में निरुद्घ मिले। इसमें आजमगढ़ और मऊ के 37-37 तथा बलिया के 18 किशोर शामिल है। सचिव ने निरुद्घ किशोरों से पढ़ाई सहित संप्रेषण गृह में मिलने वाली अन्य सुविधाओं के बारे में जानकारी हासिल किया। इसके बाद प्रभारी को निरुद्घ किशोरों के खेलकूद पर ध्यान देने और समाज की मुख्य धारा में जुड़ने वाली एक्टिविटी कराने का निर्देश दिया। किशोर बंदियों से बातचीत करने के दौरान प्राधिकरण के सचिव ने किशोर बंदियों से पूछा कि उन्हें भोजन, फल तथा पढ़ाई की सुविधा मिलती है कि नहीं? इस दौरान दो किशोरों ने दवा इलाज की मांग किया। जिस पर सचिव ने अधीक्षक को आदेश दिया कि समुचित उपचार की सुविधा मुहैया कराए। जांच के दौरान पता चला कि सात बच्चे, जो इस बार यूपी बोर्ड की परीक्षा में शामिल होंगे, इन बच्चों ने पुस्तक उपलब्ध कराए जाने की मांग किया। प्राधिकरण के सचिव ने पुस्तकें उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। इस दौरान सचिव ने संप्रेषण गृह का भोजनालय, पुस्तकालय, शौचालय तथा कंप्यूटर कक्ष का निरीक्षण किया। निरीक्षण में सब कुछ सामान्य मिला। निरीक्षण के दौरान बाल संरक्षण अधिकारी शिवानंद सिंह, प्रभारी अधीक्षक जयप्रकाश, डॉ दिलीप, केयरटेकर अनिल कुमार शर्मा और ओमप्रकाश सिंह, अधिवक्ता विनोद कुमार सिंह, ईश्वर दत्त, दिलशाद, जितेंद्र, असगर, मोतीलाल मिश्रा आदि लोग उपस्थित रहे।