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बहाल की जाए पुरानी पेंशन व्यवस्था
ब्यूरो, अमर उजाला, मऊ
Updated Thu, 01 Dec 2016 12:36 AM IST
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उप्र माध्यमिक शिक्षक संघ के तत्वावधान में शिक्षकों ने बुधवार को अपनी विभिन्न विभिन्न मांगों को लेकर जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय पर धरना प्रदर्शन किया। साथ ही जमकर नारेबाजी किया।
धरने को संबोधित करते हुए संगठन के जिलाध्यक्ष शैलेश कुमार सिंह ने कहा कि शासन प्रशासन की ओर से शिक्षकों तथा शिक्षणेत्तर कर्मचारियों की घोर उपेेक्षा की जा रही है। सातवें वेतन आयोग की संस्तुतियों को अभी तक लागू नहीं किया जा सका है।
इसी क्रम में राकेश सिंह ने कहा कि वर्तमान में वेतन आयोग की रिपोर्ट में विलंब की स्थिति में सरकार को उसका खामियाजा भुगतना पड़ सकता है। इसी क्रम में विजय बहादुर सिंह ने कहा कि सरकार का समय अल्पकाल है और इसमें अगर शिक्षक व कर्मचारियों की समस्या का समाधान नहीं किया गया तो शिक्षक सरकार के खिलाफ लामबंद होकर सरकार को हटाने को बाध्य हो जाएंगे।
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कहा कि पुरानी पेंशन को लागू किया जाए। इसी क्रम में संगठन के मंत्री राघवेंद्र सिंह ने कहा कि पेंशन योजना के अंतर्गत की जारी कटौती की धनराशि संबंधित कर्मचारियों के खाते में की जाए। वित्तविहीन विद्यालयों के शिक्षकों का मानदेय अविलंब प्रदान किया जाए।
शिक्षक कर्मचारियों को राजकीय कर्मचारियों की भांति चिकित्सकीय सुविधा देने का शासनादेश निर्गत किया जाए। धरने को राजनाथ सिंह, योगेंद्र सिंह, जगदीश सिंह, विक्रमा चौहान, विद्याशंकर गुप्त, सुरेंद्र सिंह, राजेश सिंह, नसीम अहमद आदि शामिल थे।
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धरने को संबोधित करते हुए संगठन के जिलाध्यक्ष शैलेश कुमार सिंह ने कहा कि शासन प्रशासन की ओर से शिक्षकों तथा शिक्षणेत्तर कर्मचारियों की घोर उपेेक्षा की जा रही है। सातवें वेतन आयोग की संस्तुतियों को अभी तक लागू नहीं किया जा सका है।
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इसी क्रम में राकेश सिंह ने कहा कि वर्तमान में वेतन आयोग की रिपोर्ट में विलंब की स्थिति में सरकार को उसका खामियाजा भुगतना पड़ सकता है। इसी क्रम में विजय बहादुर सिंह ने कहा कि सरकार का समय अल्पकाल है और इसमें अगर शिक्षक व कर्मचारियों की समस्या का समाधान नहीं किया गया तो शिक्षक सरकार के खिलाफ लामबंद होकर सरकार को हटाने को बाध्य हो जाएंगे।
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कहा कि पुरानी पेंशन को लागू किया जाए। इसी क्रम में संगठन के मंत्री राघवेंद्र सिंह ने कहा कि पेंशन योजना के अंतर्गत की जारी कटौती की धनराशि संबंधित कर्मचारियों के खाते में की जाए। वित्तविहीन विद्यालयों के शिक्षकों का मानदेय अविलंब प्रदान किया जाए।
शिक्षक कर्मचारियों को राजकीय कर्मचारियों की भांति चिकित्सकीय सुविधा देने का शासनादेश निर्गत किया जाए। धरने को राजनाथ सिंह, योगेंद्र सिंह, जगदीश सिंह, विक्रमा चौहान, विद्याशंकर गुप्त, सुरेंद्र सिंह, राजेश सिंह, नसीम अहमद आदि शामिल थे।