मऊ। देश को 2025 तक क्षय रोग यानि टीबी मुक्त बनाने के लिए जिला मुख्यालय समेत सभी ब्लाकों पर गुरुवार को जनपद के एक हजार टीबी रोगियों को गोद लिये जाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई। जनपद में इसकी प्रक्रिया 13 अप्रैल तक पूरी कर ली जायेगी। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. श्याम नारायन दुबे ने कहा कि राज्यपाल आनंदीबेन पटेल की आह्वान पर जिले में क्षय रोगियों को गोद लेने की व्यवस्था प्रारंभ की गई है। प्रयास है कि क्षय रोगी जल्द स्वस्थ होकर मुख्य धारा में जीवन यापन कर सकें। निर्देशित किया कि जो लोग क्षय रोगियों को गोद ले रहे हैं वह सभी नियमित फोन कर मरीज या उनके परिजन से हालचाल लेते रहें। अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आरबी सिंह ने कहा कि क्षय रोग का इलाज उपलब्ध है, इससे डरने की जरूरत नहीं है। समय से उपचार हो जाने पर यह बीमारी पूरी तरह से ठीक हो जाती है। जिला क्षय रोग अधिकारी सुनिश्चित करें कि टीबी मरीज के पते और संपर्क नंबर सही से दर्ज हों। जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. एसपी अग्रवाल ने कहा कि भारत सरकार की ओर से 2025 तक देश को टीबी मुक्त करने की योजना है। गोद लेने वाले रोटरी क्लब के अध्यक्ष डॉ. संजय सिंह ने कहा कि मैं खुद को धन्य मानता हूं कि मुझे क्षय रोगियों की सेवा करने का अवसर मिल रहा है। गोद ली गई पींकी चौरसिया ने बताया कि मुझे गत आठ माह से क्षय रोग है। जांच के बाद दवा और निक्षय योजना से 500 रुपये प्रति माह मिल रहा है। जनपद में वर्ष 2018 में 3362, वर्ष 2019 में 3771, वर्ष 2020 में 3412, वर्ष 2021 में 3772 टीबी से ग्रसित मरीज मिले। क्षय रोगियों को चिह्नित कर जनपद के रेड क्रॉस सोसाइटी के उप सभापति देव भास्कर तिवारी, आईएमए अध्यक्ष डॉ. गंगासागर, डॉ .जोगिंदर यादव, सौरभ मद्धेशिया एवं ब्लॉक के ग्राम प्रधानों द्वारा गोद लेने की प्रक्रिया चलाई जा रही है।