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पहले दिन शैलपुत्री की पूजा
अमर उजाला ब्यूरो/मऊ
Updated Wed, 29 Mar 2017 11:12 PM IST
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चैत्र नवरात्र के प्रथम दिन नगर क्षेत्र स्थित मां शीतला धाम पर पूजन अर्चन के लिए उमड़ी महिलाओं की भीड़।
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देवी दुर्गा की पूजा पर्व के प्रथम दिन बुधवार को दुर्गा मंदिरों में भवानी शैल पुत्री की आराधना की गई। दुर्गा के प्रथम अवतार शैल पुत्री की पूजा के लिए मंदिरों में श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। इस दौरान लोगों ने व्रत रखकर मां का पूजन अर्चन किया। नवरात्रि पर्व के मद्देनजर जिले के प्रमुख मंदिरों को काफी आकर्षक ढंग से सजाया गया था। इसके साथ ही प्रमुख मंदिरों पर भारी भीड़ के मद्देनजर सुरक्षा व्यवस्था के व्यापक इंतजाम किए गए थे।
भक्तों ने पूजा के लिए पहले से ही सारी तैयारियां पूरी कर ली थी। यही वजह था कि पहले दिन पूजन अर्चन करने वाले भक्तों में अपूर्व उत्साह देखने को मिला। लोगों के उत्साह को देखते हुए उम्मीद है कि नौ दिनों तक होने वाली मां दुर्गा की पूजा धूमधाम से संपन्न होगी। पहले दिन खास तौर से वनदेवी धाम और शीतला माता धाम पर भारी संख्या में भक्तों की भीड़ देखी गई।
उल्लेखनीय है कि दुर्गा के पहले अवतार शैल पुत्री को प्रकृति की देवी माना जाता है। देवी का यही स्वरूप भक्तों को पर्यावरण संतुलन की ओर प्रेरित करता है। मान्यता के अनुसार देवी का प्रथम अवतार सांस्कृतिक, आध्यात्मिक, धार्मिक और वैज्ञानिक विचारों को प्रभावित करता है। मां दुर्गा के आराधना मात्र से ही मनुष्य के वैचारिक विकार दूर हो जाते हैं। शास्त्रों, पुराणों के मुताबिक हिमालय की पुत्री होने के कारण ही दुर्गा के पहले अवतार का नाम शैलपुत्री पड़ा। प्रकृति के भावों को स्पष्ट करने के लिए ही देवी के प्रथम स्वरूप के रूप में मां शैल पुत्री की आराधना की जाती है। यह भी मान्यता है कि शैल पुत्री की आराधना अकेले ही नहीं बल्कि भगवान शिव के साथ ही की जानी चाहिए। इन्हीं मान्यताओं को देखते हुए श्रद्धालुओं ने मंदिरों में जाकर शैल पुत्री की पूजा की। इस अवसर पर नगर क्षेत्र के प्रसिद्घ मंदिरों माता पोखरा स्थित शीतला माता धाम, आजमगढ़ मोड़ समीप स्थित दुर्गा मंदिर, रोडवेज स्थित दुर्गा मंदिर के साथ जिले के कहिनौर गांव स्थित वनदेवी धाम, खुरहट स्थित सीरियापुर की देई मां मंदिर, कोपागंज स्थित दुर्गा मंदिर, मांदी सिपाह में कोयलमर्याद भवानी माई मंदिर, मधुबन क्षेत्र के निधियांव गांव स्थित अष्टभुजी मंदिर समेत जिले के अन्य गांवों में स्थित तमाम देवी मंदिरों पर श्रद्धालुओं की भीड़ देखी गई। यह श्रद्घालु कतारबद्घ होकर इलायची, नारियल, दाना सहित मिष्ठान चढ़ाकर दर्शन पूजन कर रहे थे। साथ ही जयकारे भी लगा रहे थे। खासतौर से वनदेवी धाम व शीतला धाम पर श्रद्घालुओं की अपार संख्या को देखते हुए मंदिरों में सुरक्षा की व्यापक बंदोबस्त किए गए थे। उधर ,रतनपुरा ब्लाक मुख्यालय स्थित रतनपुरा बाजार स्थित दुर्गा मंदिर, वैष्णो देवी मंदिर सहित क्षेत्र के विभिन्न देवी मंदिरों में श्रद्धालुओं का रेला लगा रहा। भक्तों ने विधि विधान से पूजन अर्चन कर मन्नत मांगी।
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भक्तों ने पूजा के लिए पहले से ही सारी तैयारियां पूरी कर ली थी। यही वजह था कि पहले दिन पूजन अर्चन करने वाले भक्तों में अपूर्व उत्साह देखने को मिला। लोगों के उत्साह को देखते हुए उम्मीद है कि नौ दिनों तक होने वाली मां दुर्गा की पूजा धूमधाम से संपन्न होगी। पहले दिन खास तौर से वनदेवी धाम और शीतला माता धाम पर भारी संख्या में भक्तों की भीड़ देखी गई।
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उल्लेखनीय है कि दुर्गा के पहले अवतार शैल पुत्री को प्रकृति की देवी माना जाता है। देवी का यही स्वरूप भक्तों को पर्यावरण संतुलन की ओर प्रेरित करता है। मान्यता के अनुसार देवी का प्रथम अवतार सांस्कृतिक, आध्यात्मिक, धार्मिक और वैज्ञानिक विचारों को प्रभावित करता है। मां दुर्गा के आराधना मात्र से ही मनुष्य के वैचारिक विकार दूर हो जाते हैं। शास्त्रों, पुराणों के मुताबिक हिमालय की पुत्री होने के कारण ही दुर्गा के पहले अवतार का नाम शैलपुत्री पड़ा। प्रकृति के भावों को स्पष्ट करने के लिए ही देवी के प्रथम स्वरूप के रूप में मां शैल पुत्री की आराधना की जाती है। यह भी मान्यता है कि शैल पुत्री की आराधना अकेले ही नहीं बल्कि भगवान शिव के साथ ही की जानी चाहिए। इन्हीं मान्यताओं को देखते हुए श्रद्धालुओं ने मंदिरों में जाकर शैल पुत्री की पूजा की। इस अवसर पर नगर क्षेत्र के प्रसिद्घ मंदिरों माता पोखरा स्थित शीतला माता धाम, आजमगढ़ मोड़ समीप स्थित दुर्गा मंदिर, रोडवेज स्थित दुर्गा मंदिर के साथ जिले के कहिनौर गांव स्थित वनदेवी धाम, खुरहट स्थित सीरियापुर की देई मां मंदिर, कोपागंज स्थित दुर्गा मंदिर, मांदी सिपाह में कोयलमर्याद भवानी माई मंदिर, मधुबन क्षेत्र के निधियांव गांव स्थित अष्टभुजी मंदिर समेत जिले के अन्य गांवों में स्थित तमाम देवी मंदिरों पर श्रद्धालुओं की भीड़ देखी गई। यह श्रद्घालु कतारबद्घ होकर इलायची, नारियल, दाना सहित मिष्ठान चढ़ाकर दर्शन पूजन कर रहे थे। साथ ही जयकारे भी लगा रहे थे। खासतौर से वनदेवी धाम व शीतला धाम पर श्रद्घालुओं की अपार संख्या को देखते हुए मंदिरों में सुरक्षा की व्यापक बंदोबस्त किए गए थे। उधर ,रतनपुरा ब्लाक मुख्यालय स्थित रतनपुरा बाजार स्थित दुर्गा मंदिर, वैष्णो देवी मंदिर सहित क्षेत्र के विभिन्न देवी मंदिरों में श्रद्धालुओं का रेला लगा रहा। भक्तों ने विधि विधान से पूजन अर्चन कर मन्नत मांगी।
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