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परंपरागत तरीके से मनाया गया विजयादशमी का पर्व

Mon, 26 Oct 2020 11:15 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Mon, 26 Oct 2020 11:15 PM IST
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The festival of Vijayadashami was celebrated in the traditional way
मऊ। असत्य पर सत्य की विजय का पर्व विजयादशर्मी परंपरागत और हर्षोल्लासपूर्वक नगर सहित जिले के विभिन्न इलाकों में मनाया गया। इस मौके पर पर्व के मुताबिक दोहरीघाट, गोठा, मधुबन तहसील क्षेत्र के दरगाह, घोसी कस्बा सहित विभिन्न इलाकों में रावण वध की लीला का मंचन किया गया। घोसी तथा दरगाह में रावण के पुतले का दहन किया गया। रावण का अंत होते ही दर्शकों के जयश्रीराम के जयकारे से लीला स्थल गूंज उठा।
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विजयदशमी पर्व के विषय में मान्यता है कि अश्वनि मास की दशमी को ही भगवान राम ने अहंकारी रावण का वध किया था। एक अन्य मान्यता यह भी है कि देवी दुर्गा ने महिषासुर राक्षस पर विजय प्राप्त किया था। विजय दशमी के अवसर पर स्वयंसेवक संघ की तरफ से स्थापना-दिवस व शष्त्र पूजन किया गया। इस अवसर पर पूरे नगर क्षेत्र को भगवा रंग के झंडे से सजाया गया फिर नगर के कोने-कोने से सैकड़ों स्वयंसेवक पूर्ण गणवेश में रामस्वरूप भारती इंटर कॉलेज परिसर स्थित मैदान में उपस्थित हुए। कोविड-19 प्रोटोकॉल का पूरी तरह पालन करते हुए विजयदशमी उत्सव को हर्ष और उल्लास के साथ मनाया।
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गोरक्षप्रांत के प्रांतप्रचारक सुभाष ने कहा कि आज ही के दिन विजयदशमी 1925 को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना हुई थी। संघ 95 वर्षों से बुराई पर अच्छाई को प्रतिस्थापित करने के अभियान में लगा हुआ है। आज का उत्सव भी लोगों के शारीरिक, चारित्रिक, मानसिक, सांस्कृतिक एवं सांगठनिक उन्नति का महापर्व मनाया गया। कहा कि यह दिन विजय, शौर्य, संयम,धैर्य, असत्य पर सत्य की विजय शक्ति की पूजा एवं संघ की स्थापना का दिन है। हिंदू समाज पूरे विश्व में अधर्म पर धर्म की विजय के रूप में विजय दशमी का पर्व मना रहा है। अध्यक्षता श्री भवानीशंकर थरड ने किया। इस अवसर पर रामप्रताप, जिलाप्रचारक राजीव नयन, अरविंद आदि उपस्थित रहे।
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नवमी तथा दशहरा पर मलिन थारू बस्ती में ओम कोशिश रिसर्च फाउंडेशन ने संपूर्ण सफाई अभियान के उपरांत कन्या पूजन किया। इस दौरान सिलाई प्रशिक्षण प्राप्त करने वाली बालिकाओं को वस्त्र वितरित किया गया। इस अवसर पर ग्राम प्रधान रामभवन यादव ने कहा कि कोशिश के प्रयासों से थारू बस्ती में आमूलचूल बदलाव आया है। इस दौरान मदन, श्रवन, रुबीना, सुमन, रेहाना, शैलेंद्र, वीरेंद्र, गुरु कृपा आदि शामिल रहे।
विजय दशमी के अवसर पर नगर के मुंशीपुरा स्थित मांकाली मंदिर काली चौरा में श्री हनुमत कृपा सेवा समिति की तरफ से श्री सुंदर कांड पाठ का आयोजन किया गया। इस अवसर पर समिति के प्रमुख रामगोपाल गुप्ता ने कहा कि दशहरा का पर्व दानवता पर मानवता तथा कुटिलता पर सरलता की विजय का प्रतीक है। इसका सच्चा सबूत श्री राम चरित मानस मे श्रीराम का चरित्र-चित्रण है। कहा कि श्री हनुमान जी महाराज के प्रसन्न हो जाने पर सभी अष्ट सिद्धि व नव निधियो की प्राप्ति होती हैं। पाठ के समापन के बाद ओम प्रकाश प्रजापति ढोलकिया ने बहुत ही सुंदर व रोचक पचरा गीत गाया। इस अवसर पर अरुण वर्मा, संतोष मद्धेशिया, राम प्रवेश चौहान, सत्यजित राय, राजू मद्धेशिया, डॉ. एस लाल, श्याम मद्धेशिया, आनंद गुप्ता, राम प्यारे गुप्ता, रवि प्रकाश आदि शामिल रहे।
कुसुम्हा: क्षेत्र के विभिन्न इलाकों में विजयादशमी का पर्व हर्षोल्लासपूर्वक मनाया गया। गोंठा में रामलीला समिति के तत्वावधान में राम रावण युद्ध का मंचन किया गया। अत्याचारी रावण का अंत होते ही दर्शकों के जयघोष से वातावरण गूंज उठा। रानीपुर/हलधरपुर: क्षेत्र के विभिन्न इलाकों में दशहरा का पर्व धूमधाम से मनाया गया।
दोहरीघाट : कोविड 19 की गाइडलाइन के पालन में कस्बे में रामलीला समिति व व्यापार मंडल तरफ से कस्बे में चल रही रामलीला में बुराई के प्रतीक रावण-वध की लीला का मंचन किया गया। रावण का अंत होते ही दर्शकों के जयकारे से वातवरण गूंज उठा। वहीं रामलीला समिति के अध्यक्ष विनोद वर्मा ने रामलीला के सकुशल संपन्न होने पर सभी कालाकारों, नगरवासियों तथा प्रशासन को धन्यवाद देते सबके प्रति आभार प्रकट किया। वही मिट्टी के चूल्हे बर्तन आदि को बेचने वाले कुम्हार व अन्य दुकानदारों को काफी निराश होने पड़ा। राष्ट्रीय स्वयंसेवक सेवक संघ द्वारा मुख्य अतिथि बलिया विभाग के विभाग कार्यवाह रामविलास चौबे ने कहा कि अपने बौधिक मे कहा अपने समाज की एकरसता का सहज करुणा स्वतंत्रता के बाद धैर्य मिली है।
घोसी: कड़े कोविड19 गाइडलाइन को ध्यान में रखते हुए रविवार की शाम घोसी नगर की प्राचीन रामलीला व दशहरा मेला संपन्न हो गया। मझवारा मोड़ स्थित रामलीला मैदान में राम की सेना व रावण की सेना के बीच युद्ध और सत्य की असत्य पर विजय के बाद प्रतीकात्मक रावण का पुतला दहन किया गया।कड़ाई के चलते नगर के प्रमुख स्थानों मझवारमोड़, बस स्टेशन, पकड़ीमोड पर स्थित होने वाली दुर्गा प्रतिमाओं के न स्थापित होने से दशहरा मेला फीका रहा। रविवार को रामलीला की कड़ी में श्री राम के द्वारा युद्धघोष किया गया। अंत मे रावण का पुतला दहन हुआ।रामलीला समिति के दशहरा मेला आयोजन में प्रमुख रूप से संरक्षक हरिश्चंद्र वर्मा, सुधीर श्रीवास्तव, रामलीला प्रमुख वायुनंदन मिश्र कोषाध्यक्ष, उमेश कुमार मिश्र मंत्री, परशुराम चौहान उपाध्यक्ष, रामधारी सोनकर, डॉ वृजेश बरनवाल की विशेष भूमिका रही। शांति व्यवस्था में कोतवाल एसबी सिंह, उपनिरीक्षक प्रतापनारायण, प्रदीप मिश्रा आदि फोर्स के साथ चक्रमण करते रहे।

फतहपुर मंडाव: मधुबन तहसील क्षेत्रस्त्रत्त् के दरगाह में रविवार को दशहरे के पावन पर्व पर रामलीला समिति की तरफ से राम रावण युद्ध का मंचन किया गया। रावण का अंत होते ही दर्शकों के जयकारे से वातावरण गूंज उठा।इसके बाद रावण के पुतले का दहन किया गया।
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