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Mau News: घाटा दिखाकर दो साल पहले बंद कर दी गई थी आसवानी इकाई

Fri, 27 Feb 2026 12:58 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Fri, 27 Feb 2026 12:58 AM IST
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The distillery unit was closed two years ago after incurring losses.
सहकारी चीनी मिल को घाटे से उबारने के लिए लगी डिस्टलरी व एथनॉल (हर्बल पेट्रोल) यूनिट दो साल से बंद पड़ी है। इसे प्रबंधन ने लगातार घाट दिखाते हुए बंद करने के साथ इस यूनिट में लगे 22 स्थायी कर्मचारियों को मिल में समायोजित कर दिया।
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16 अस्थायी कर्मचारी एक साल से रोजगार के लिए दर दर भटकने को मजबूर हैं। इस यूनिट से हर दिन मिल प्रबंधन को 3000 लीटर अल्कोहल (ओटी) बनाकर राजस्व प्राप्त होता था। ईकाई की आमदनी 3.60 करोड़ रुपये प्रति महीने थी।
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दी किसान सहकारी चीनी मिल घोसी के आसवानी इकाई का निर्माण तत्कालीन खाद्य राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार कल्पनाथ राय के प्रयास से वर्ष 1992 में हुआ था। जिसका शुभारंभ 13 मार्च 1993 को किया गया था। इस यूनिट में 22 स्थाई, 16 न्यूनतम वेतन भोगी कर्मचारी और आउट सोर्सिंग के 100 ये ज्यादा कर्मचारियों की तैनाती की गई थी।
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संचालन के बाद से ही लगातार घाटे में चलने के कारण मई 2024 को चीनी मिल आसवनी इकाई को बंद करते हुए 22 स्थाई कर्मचारियों को चीनी मिल घोसी के मूल भाग में समायोजित कर दिया गया।
न्यूनतम वेतन भोगी 16 कर्मचारियों को कार्य से बाहर कर दिया गया। विभागीय सूत्रों के अनुसार मिल प्रबंधन द्वारा लगातार घाटा दिखाए जाने के कारण शासन ने तत्काल बंद करने का आदेश जारी कर दिया था जबकि उस समय आसवनी इकाई घाटे में नहीं थी।
आसवनी इकाई में कार्यरत कर्मचारियों को वेतन के रूप में लगभग 14 लाख रुपये प्रतिमाह खर्च होता था। वहीं इस यूनिट से 3000 लीटर अल्कोहल (ओटी) बनती थी। जिसे देश के अलग अलग राज्यों को भेजकर मिल प्रबंधन हर माह लाखों का राजस्व प्राप्त कर रहा था। आसवानी इकाई के प्रबंधक नंद किशोर शंखवार ने बताया उत्तर प्रदेश सरकार के सचिव चीनी मिल के आदेश पर मई 2024 से बंद है, अगले आदेश आने पर ही चालू की जायेगी। संवाद

पहले तैनात किया फिर मनमानी तरीके से हटा दिया
आसवानी यूनिट में मार्च 2025 से पूर्व में तैनात स्टोर बॉय धीरेन्द्र पाण्डेय, फायरमैन रामनरेश, फायरमैन सूर्य बली चौहान, मजदूर सूबेदार मौर्या, लैब ब्वॉय शिवमुनी यादव, स्वीपर फैयाज अहमद, उदय नारायण राय लेखाकार, डिस्पैच लिपिक शैलेन्द्र राय आदि ने बताया कि 16 कर्मचारियों की नियुक्ति 13 अगस्त 1996 को तत्कालीन जिलाधिकारी के अनुमोदन पर चीनी मिल के आसवानी यूनिट में हुई थी। विगत पेराई सत्र के दौरान 17 मार्च 2025 को बिना किसी कारण व पूर्व सूचना के कार्यालय से उनका उपस्थिति रजिस्टर हटा लिया गया और अब उन्हें मानदेय भी नहीं दिया जा रहा है। बताया कि इस संबंध में कर्मचारियों द्वारा 18 मार्च 2025, 23 जुलाई 2025, 4 अगस्त 2025 व 25 अगस्त 2025 को पत्र भेजकर अपनी सेवा बहाल किये जाने का अनुरोध किया गया था।


आसवानी यूनिट के बंद होने की जानकारी तो उन्हें है, यह क्यों बंद हुई वह उनके कार्यकाल से पहले का मामला है। वहीं 16 कर्मचारियों के आरोप पर कहा कि उन्होंने दो दिन पहले ही पदभार संभाला है, ऐसे में उनके समक्ष यह मामला अभी नहीं आया है।
-पवन कुमार, प्रधान प्रबंधक, चीनी मिल
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