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Mau News: एक क्लिक पर ऑनलाइन उपलब्ध होगा मरीजों का पूरा रिकॉर्ड
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जिला महिला अस्पताल में अब पीजीआई की तर्ज पर सुविधाएं मिलेंगी। स्वास्थ्य सेवाओं को हाईटेक बनाने की पहल के तहत अब महिला अस्पताल में भर्ती होने वाले मरीजों का पूरा ब्योरा ऑनलाइन होगा।
यही नहीं, ओपीडी में बैठने वाले डॉक्टर को भी सेंट्रल डिस्प्ले बोर्ड पर दवाओं का स्टॉक दिखाई देगा, जिससे वह मरीजों के लिए अस्पताल में उपलब्ध दवाएं ही लिख सकेंगे।
अभी तक कुछ दवाओं के स्टॉक की सही जानकारी न होने की वजह से मजबूरी में डॉक्टर बाहर की दवाएं लिखते थे, लेकिन यह व्यवस्था लागू होने के बाद इस समस्या पर रोक लगेगी।
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सीएमएस डॉ. निलेश श्रीवास्तव ने बताया कि इसकी तैयारी और स्टाफ का प्रशिक्षण जल्द शुरू होगा। इसके लागू होने के बाद महिला अस्पताल में मरीज के भर्ती होने से लेकर डिस्चार्ज होने तक की सभी प्रक्रियाएं ऑनलाइन हो जाएंगी।
अब यहां भर्ती होने वाले मरीजों को किसी भी कार्य के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। दवा मिलने से लेकर डॉक्टर के राउंड तक की जानकारी तथा डिस्चार्ज होने के बाद अगली विजिट की तिथि भी ऑनलाइन उपलब्ध होगी।
उन्होंने बताया कि जिला महिला अस्पताल में इलाज कराने वाले मरीजों की सबसे बड़ी परेशानी यह होती थी कि यदि उनका पर्चा गुम हो जाता था तो दोबारा डॉक्टर को दिखाने में काफी परेशानी होती थी।
यह व्यवस्था लागू होने से उनकी इस समस्या का भी समाधान हो जाएगा। अब एक क्लिक पर ही पुराने मरीज का पूरा ब्योरा उपलब्ध हो जाएगा, जिससे दोबारा डॉक्टर को दिखाने के लिए मरीज को भटकना नहीं पड़ेगा।
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सेंट्रल सर्वर से जुड़ेगा महिला अस्पताल
सीएमएस ने बताया कि नई व्यवस्था के तहत महिला अस्पताल को लखनऊ में बने सेंट्रल सर्वर से जोड़ा जाएगा। इससे यहां की ओपीडी की आवश्यकता के अनुसार सभी जरूरी दवाएं समय-समय पर उपलब्ध रहेंगी। स्टोर इंचार्ज चीफ फार्मासिस्ट ओपी यादव ने बताया कि सेंट्रल सर्वर से जुड़ने के बाद दवाओं की कोई कमी नहीं होने पाएगी। स्टॉक की पूरी जानकारी मुख्यालय लखनऊ को भी उपलब्ध रहेगी।
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यही नहीं, ओपीडी में बैठने वाले डॉक्टर को भी सेंट्रल डिस्प्ले बोर्ड पर दवाओं का स्टॉक दिखाई देगा, जिससे वह मरीजों के लिए अस्पताल में उपलब्ध दवाएं ही लिख सकेंगे।
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अभी तक कुछ दवाओं के स्टॉक की सही जानकारी न होने की वजह से मजबूरी में डॉक्टर बाहर की दवाएं लिखते थे, लेकिन यह व्यवस्था लागू होने के बाद इस समस्या पर रोक लगेगी।
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सीएमएस डॉ. निलेश श्रीवास्तव ने बताया कि इसकी तैयारी और स्टाफ का प्रशिक्षण जल्द शुरू होगा। इसके लागू होने के बाद महिला अस्पताल में मरीज के भर्ती होने से लेकर डिस्चार्ज होने तक की सभी प्रक्रियाएं ऑनलाइन हो जाएंगी।
अब यहां भर्ती होने वाले मरीजों को किसी भी कार्य के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। दवा मिलने से लेकर डॉक्टर के राउंड तक की जानकारी तथा डिस्चार्ज होने के बाद अगली विजिट की तिथि भी ऑनलाइन उपलब्ध होगी।
उन्होंने बताया कि जिला महिला अस्पताल में इलाज कराने वाले मरीजों की सबसे बड़ी परेशानी यह होती थी कि यदि उनका पर्चा गुम हो जाता था तो दोबारा डॉक्टर को दिखाने में काफी परेशानी होती थी।
यह व्यवस्था लागू होने से उनकी इस समस्या का भी समाधान हो जाएगा। अब एक क्लिक पर ही पुराने मरीज का पूरा ब्योरा उपलब्ध हो जाएगा, जिससे दोबारा डॉक्टर को दिखाने के लिए मरीज को भटकना नहीं पड़ेगा।
सेंट्रल सर्वर से जुड़ेगा महिला अस्पताल
सीएमएस ने बताया कि नई व्यवस्था के तहत महिला अस्पताल को लखनऊ में बने सेंट्रल सर्वर से जोड़ा जाएगा। इससे यहां की ओपीडी की आवश्यकता के अनुसार सभी जरूरी दवाएं समय-समय पर उपलब्ध रहेंगी। स्टोर इंचार्ज चीफ फार्मासिस्ट ओपी यादव ने बताया कि सेंट्रल सर्वर से जुड़ने के बाद दवाओं की कोई कमी नहीं होने पाएगी। स्टॉक की पूरी जानकारी मुख्यालय लखनऊ को भी उपलब्ध रहेगी।