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Mau News: विवेचना में लापरवाही पर एडीजे ने सीओ के खिलाफ कार्रवाई के लिए गृह सचिव और डीजीपी को पत्र भेजा पत्र

Mon, 02 Feb 2026 11:24 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Mon, 02 Feb 2026 11:24 PM IST
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The Additional District Judge sent a letter to the Home Secretary and the Director General of Police recommending action against the Circle Officer for negligence in the investigation.
रामपुर थाने में दर्ज एक प्राथमिकी के मामले में न्यायालय विशेष न्यायाधीश एससी/एसटी एक्ट अजय कुमार श्रीवास्तव ने अपर मुख्य सचिव गृह और पुलिस महानिदेशक को पत्र भेज कर सीओ मधुबन के विरुद्ध कार्यवाही करने का आदेश दिया। साथ ही कार्यवाही से न्यायालय को अवगत कराने को कहा हैं।
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पत्र में लिखा है कि थाना रामपुर के एक एससी/एसटी एक्ट केस के विवेचक अंजनी कुमार पांडेय क्षेत्राधिकारी मधुबन ने विवेचना लापरवाही ढंग की गई दिख रही है। विवेचक द्वारा तैयार पुलिस रिपोर्ट धारा 193 बीएनएसएस के कॉलम नंबर 8 में आईओ का नाम गलत लिखा गया है।
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केस डायरी के पर्चा नं. 34, 35, 36, 37, 38, 39 तथा 40 में संक्षिप्त हस्ताक्षर अंजनी कुमार पांडेय ने बनाया है, वहीं विवेचक का नाम अभय कुमार सिंह लिखा है। केस डायरी में विवेचक का नाम किसी और का लिखकर स्वयं हस्ताक्षर बनाया जाना संदिग्ध लग रहा है।
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अंजनी कुमार पाण्डेय पुलिस अधिकारी/विवेचक ने विवेचना के दौरान न्यायालय में प्रस्तुत किये गये रिमांड अनुरोध के प्रपत्र में अपराध की कई धाराएं काटी हुईं, ओवर राइटिंग की हुई और लापरवाही से लिखी हुई हैं।
इसमें रिमांड अनुरोध प्रपत्र में हस्ताक्षर विवेचक का है, जबकि उसकी प्रविष्टियां भिन्न हस्ताक्षर में रफ तरीके से लिखी हुई है। रिमांड तिथियों पर विवेचक द्वारा केस डायरी न प्रस्तुत करने तथा साक्ष्यों के संबंध में न्यायालय की पृच्छा का उत्तर देने में स्वयं असमर्थ रहे तथा अपने साथ लाये कांस्टेबल मुहर्रिर को न्यायपीठ के समक्ष बताने के लिए प्रस्तुत किए।

जबकि अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) नियम 1995 के नियम 7 में यह उल्लिखित है कि ''इस अधिनियम के अधीन किए गए अपराध का अन्वेषण ऐसे पुलिस अधिकारी द्वारा किया जाएगा, जो कि पुलिस उपाधीक्षक के रैंक से कम का न हो। इस मामले में विवेचक अंजनी कुमार पांडेय पुलिस क्षेत्राधिकारी मधुबन द्वारा अपने विधिक दायित्वों का निर्वहन नहीं किया गया है।
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