{"_id":"631793150e2dcb57ba5494c7","slug":"ten-point-memorandum-submitted-by-employment-servants-mau-news-vns672898014","type":"story","status":"publish","title_hn":"रोजगार सेवकों ने सौंपा दस सूत्रीय ज्ञापन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
रोजगार सेवकों ने सौंपा दस सूत्रीय ज्ञापन
विज्ञापन
उत्तर प्रदेश ग्राम रोजगार सेवक संघ की तरफ से मंगलवार को जिलाध्यक्ष वेद प्रकाश गुप्ता के नेतृत्व में रोजगार सेवकों ने मुख्यमंत्री के नाम दस सूत्रीय मांग पत्र जिलाधिकारी को सौंपा। जिलाध्यक्ष ने कहा कि हमारी सभी मांग पूरी नहीं हुई तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
जिलाध्यक्ष ने बताया कि 4 अक्टूबर 2021 को लखनऊ में सम्मेलन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ग्राम रोजगार सेवकों को मनरेगा कर्मियों के संबंध में कई घोषणाएं किये थे। लेकिन उन्हें लागू नहीं किया गया। ज्ञापन में ग्राम रोजगार सेवकों से मूल ग्राम पंचायत के साथ रिक्त ग्राम पंचायतों का काम लेने, कोविड के अतिरिक्त आकस्मिक दुर्घटना से मृत्यु होने पर उनके आश्रितों को सेवा में लेने , राज्य वित्त, केंद्रीय वित्त एवं अन्य निधियों में श्रमिकों की मजदूरी का भुगतान मनरेगा से करने, ईपीएफ कटौती की धनराशि कर्मचारियों के यूएएन खाते में भेजने , अनुमोदन से वंचित ग्राम रोजगार सेवकों का अनुमोदन करवाने , ग्राम रोजगार सेवकों को नियमित करने के लिए राज्य कर्मचारी का दर्जा देने, पूर्व वित्त वर्षो में बकाया मानदेय का जल्द भुगतान करने,बिल वाउचर मस्टरोल पर अनिवार्य करने, हस्ताक्षर व श्रमिकों की डिमांड ग्राम रोजगार सेवकों से ही लेने, प्रत्येक माह प्रदेश स्तर पर जनपद समस्याओं के निपटारे के लिए बैठक का आयोजन करने की मांगें शामिल हैं। इस दौरान धर्मेंद्र यादव,उमेश यादव,संजीव राय,मनोज कुमार, लखीचंद, दीपक सिंह सहित सैकड़ों रोजगार सेवक उपस्थित रहे।
विज्ञापन
जिलाध्यक्ष ने बताया कि 4 अक्टूबर 2021 को लखनऊ में सम्मेलन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ग्राम रोजगार सेवकों को मनरेगा कर्मियों के संबंध में कई घोषणाएं किये थे। लेकिन उन्हें लागू नहीं किया गया। ज्ञापन में ग्राम रोजगार सेवकों से मूल ग्राम पंचायत के साथ रिक्त ग्राम पंचायतों का काम लेने, कोविड के अतिरिक्त आकस्मिक दुर्घटना से मृत्यु होने पर उनके आश्रितों को सेवा में लेने , राज्य वित्त, केंद्रीय वित्त एवं अन्य निधियों में श्रमिकों की मजदूरी का भुगतान मनरेगा से करने, ईपीएफ कटौती की धनराशि कर्मचारियों के यूएएन खाते में भेजने , अनुमोदन से वंचित ग्राम रोजगार सेवकों का अनुमोदन करवाने , ग्राम रोजगार सेवकों को नियमित करने के लिए राज्य कर्मचारी का दर्जा देने, पूर्व वित्त वर्षो में बकाया मानदेय का जल्द भुगतान करने,बिल वाउचर मस्टरोल पर अनिवार्य करने, हस्ताक्षर व श्रमिकों की डिमांड ग्राम रोजगार सेवकों से ही लेने, प्रत्येक माह प्रदेश स्तर पर जनपद समस्याओं के निपटारे के लिए बैठक का आयोजन करने की मांगें शामिल हैं। इस दौरान धर्मेंद्र यादव,उमेश यादव,संजीव राय,मनोज कुमार, लखीचंद, दीपक सिंह सहित सैकड़ों रोजगार सेवक उपस्थित रहे।
विज्ञापन