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आधुनिक खेती के सिखाए गुर
mau
Updated Fri, 02 Nov 2018 11:19 PM IST
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नगर पालिका कम्युनिटी हाल में रबी गोष्ठी और किसान मेले में आए किसानों को संबोधित करते विधायक घोसी फागू चौहान।
- फोटो : mau
सब-मिशन ऑन एग्रीकल्चर एक्सटेंशन (आत्मा) योजना के तहत जनपद स्तरीय रबी उत्पादकता गोष्ठी, किसान मेला तथा कृषि प्रदर्शनी का आयोजन नगरपालिका कम्युनिटी हाल में किया गया। मुख्य अतिथि विधायक घोसी फागू चौहान ने फीता काटकर मेले का उद्घाटन किया। साथ ही स्टाल, प्रदर्शनी का निरीक्षण किया। उप कृषि निदेशक एसपी श्रीवास्तव ने मुख्य अतिथि को बुके प्रदान कर स्वागत किया।
किसान मेला परिसर में विभागों तथा निजी संस्थाओं द्वारा 40 से अधिक स्टाल प्रदर्शनी लगाए गए थे। विभिन्न विकासखंडो से विभिन्न गांवों से भारी संख्या किसानों की भागीदारी रही। उप कृषि निदेशक एसपी श्रीवास्तव ने रबी उत्पादकता की रणनीति के बारे में विस्तार से प्रकाश डाला। जिला कृषि अधिकारी उमेश कुमार ने खेती किसानी के आधुनिक तकनीक अपनाने पर प्रकाश डाला। वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक डॉ. पीएस पांडेय ने किसानों को मृदा तथा फसल उत्पादन की नई तकनीक को विस्तार से बताया। वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. वीके सिंह ने कहा कि समय से लाइन में बुवाई, बीज शोधन, बीज का सही चयन, बीज की सही मात्रा, संतुलित उर्वरक का प्रयोग करने पर अधिक उत्पादन लिया जा सकता है। मृदा स्वास्थ्य कार्ड के आधार पर ही संतुलित उर्वरकों का प्रयोग करने पर विस्तार से प्रकाश डाला। एनबीएआईएम कुशमौर के निदेशक डॉ. आलोक श्रीवास्तव ने भी संबोधित किया। किसान नेता देवप्रकाश राय तथा भूतपूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष राकेश सिंह ने बताया कि धान की फसल, सूखा के कारण क्षतिग्रस्त हो गई है।
सभी किसानों द्वारा एक स्वर से जनपद को सूखा ग्रस्त घोषित कराने की मांग की। जिलाधिकारी प्रकाश बिंदु ने किसानों की मांग पर जनपद को सूखाग्रस्त घोषित कराने के लिए शासन को रिपोर्ट भेजने का आश्वासन दिया। किसान मेला में प्रश्नोत्तरी का आयोजन किया गया। जिसमें दोहरीघाट से वृजेश यादव, गुलाब राय, रानीपुर से सुमन देवी, प्रियंका भारती, जयप्रकाश सिंह, परदहां से स्वामीनाथ यादव, संतलाल चैहान, मुहम्मदाबाद से जयप्रकाश सिंह, विश्राम चैहान, तथा रतनपुरा से रीना सिंह, वीर बहादुर यादव सहित कुल 25 विजेता किसानों को टार्च, सरसो का बीज तथा घुलनशील उर्वरक का पैकेट देकर सम्मानित किया गया।
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किसान मेला परिसर में विभागों तथा निजी संस्थाओं द्वारा 40 से अधिक स्टाल प्रदर्शनी लगाए गए थे। विभिन्न विकासखंडो से विभिन्न गांवों से भारी संख्या किसानों की भागीदारी रही। उप कृषि निदेशक एसपी श्रीवास्तव ने रबी उत्पादकता की रणनीति के बारे में विस्तार से प्रकाश डाला। जिला कृषि अधिकारी उमेश कुमार ने खेती किसानी के आधुनिक तकनीक अपनाने पर प्रकाश डाला। वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक डॉ. पीएस पांडेय ने किसानों को मृदा तथा फसल उत्पादन की नई तकनीक को विस्तार से बताया। वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. वीके सिंह ने कहा कि समय से लाइन में बुवाई, बीज शोधन, बीज का सही चयन, बीज की सही मात्रा, संतुलित उर्वरक का प्रयोग करने पर अधिक उत्पादन लिया जा सकता है। मृदा स्वास्थ्य कार्ड के आधार पर ही संतुलित उर्वरकों का प्रयोग करने पर विस्तार से प्रकाश डाला। एनबीएआईएम कुशमौर के निदेशक डॉ. आलोक श्रीवास्तव ने भी संबोधित किया। किसान नेता देवप्रकाश राय तथा भूतपूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष राकेश सिंह ने बताया कि धान की फसल, सूखा के कारण क्षतिग्रस्त हो गई है।
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सभी किसानों द्वारा एक स्वर से जनपद को सूखा ग्रस्त घोषित कराने की मांग की। जिलाधिकारी प्रकाश बिंदु ने किसानों की मांग पर जनपद को सूखाग्रस्त घोषित कराने के लिए शासन को रिपोर्ट भेजने का आश्वासन दिया। किसान मेला में प्रश्नोत्तरी का आयोजन किया गया। जिसमें दोहरीघाट से वृजेश यादव, गुलाब राय, रानीपुर से सुमन देवी, प्रियंका भारती, जयप्रकाश सिंह, परदहां से स्वामीनाथ यादव, संतलाल चैहान, मुहम्मदाबाद से जयप्रकाश सिंह, विश्राम चैहान, तथा रतनपुरा से रीना सिंह, वीर बहादुर यादव सहित कुल 25 विजेता किसानों को टार्च, सरसो का बीज तथा घुलनशील उर्वरक का पैकेट देकर सम्मानित किया गया।
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