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Mau News: मेडिकल काॅलेज में भी होगा टीबी का इलाज
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मऊ। जिले के तीन हजार से ज्यादा टीबी मरीजों को अब मेडिकल काॅलेज में उपचार मिलेगा। कसारा स्थित कल्पनाथ राय इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस एंड हॉस्पिटल में क्षय रोग उपचार केंद्र के रूप में टीबी की जांच शुरू करने की कवायद अंतिम चरण में है। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग और मेडिकल कॉलेज के जिम्मेदारों के बीच बैठक भी हो चुकी है। इस सुविधा से टीबी मरीजों को दूसरे जिले में इलाज कराने के लिए जाने की जरूरत नहीं होगी।
डीटीओ डॉक्टर हंसराज सोनी ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग ने जनपद को प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान को सफल बनाने की कवायद तेज कर दी है। जिला टीबी केंद्र, जिला अस्पताल और सीएचसी पर जांच उपचार के अलावा बेहतर सुविधा के लिए अब मेडिकल कॉलेज में क्षय रोग उपचार केंद्र शुरू करने की योजना है। इसके लिए मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर मनीष राय और कॉलेज के मैनेजर हमीद, डॉ. सुमित आर्य और डॉ. आसमा हबीब के साथ बैठक कर रूपरेखा तैयार की जा चुकी है।
बताया कि मेडिकल कॉलेज में टीबी रोग की दवाएं निशुल्क उपलब्ध होंगी। यहां जांच की सुविधा भी उपलब्ध होगी। मेडिकल कॉलेज के डायरेक्टर डॉॅ. मनीष राय ने बताया कि इस सेंटर से जांच एवं दवा के साथ मरीज को मासिक पोषण धनराशि भी उपलब्ध होगी। मेडिकल कॉलेज में यह सुविधा शुरू होने से कोपागंज, घोसी और मधुबन ब्लॉक के सैकड़ों गांवों के साथ सीमावर्ती बलिया जिले के नगरा ब्लॉक के सैकड़ों गांवों के लोगों को लाभ मिलेगा।
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सीबी नॉट की सुविधा वाला आठवां अस्पताल बनेगा मेडिकल कॉलेज
मऊ। डीपीएमसी जयदेश यादव ने बताया कि वर्तमान में टीबी क्लीनिक के साथ जिला अस्पताल में सीबी नॉट से जांच की सुविधा है। इसके अलावा घोसी, रतनपुरा, रानीपुर, परदहा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में सीबी नॉट से जांच की सुविधा है।
तीन हजार से ज़्यादा का हो रहा इलाज
मऊ। डीटीओ डॉक्टर हंसराज सोनी ने बताया कि जिले में वर्तमान में 3252 मरीजों का उपचार किया जा रहा है। इसमें 212 एमडीआर स्टेज के मरीज हैं। इनका उपचार वर्तमान में मेडिकल काॅलेज आजमगढ़ से हो रहा है।
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डीटीओ डॉक्टर हंसराज सोनी ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग ने जनपद को प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान को सफल बनाने की कवायद तेज कर दी है। जिला टीबी केंद्र, जिला अस्पताल और सीएचसी पर जांच उपचार के अलावा बेहतर सुविधा के लिए अब मेडिकल कॉलेज में क्षय रोग उपचार केंद्र शुरू करने की योजना है। इसके लिए मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर मनीष राय और कॉलेज के मैनेजर हमीद, डॉ. सुमित आर्य और डॉ. आसमा हबीब के साथ बैठक कर रूपरेखा तैयार की जा चुकी है।
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बताया कि मेडिकल कॉलेज में टीबी रोग की दवाएं निशुल्क उपलब्ध होंगी। यहां जांच की सुविधा भी उपलब्ध होगी। मेडिकल कॉलेज के डायरेक्टर डॉॅ. मनीष राय ने बताया कि इस सेंटर से जांच एवं दवा के साथ मरीज को मासिक पोषण धनराशि भी उपलब्ध होगी। मेडिकल कॉलेज में यह सुविधा शुरू होने से कोपागंज, घोसी और मधुबन ब्लॉक के सैकड़ों गांवों के साथ सीमावर्ती बलिया जिले के नगरा ब्लॉक के सैकड़ों गांवों के लोगों को लाभ मिलेगा।
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सीबी नॉट की सुविधा वाला आठवां अस्पताल बनेगा मेडिकल कॉलेज
मऊ। डीपीएमसी जयदेश यादव ने बताया कि वर्तमान में टीबी क्लीनिक के साथ जिला अस्पताल में सीबी नॉट से जांच की सुविधा है। इसके अलावा घोसी, रतनपुरा, रानीपुर, परदहा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में सीबी नॉट से जांच की सुविधा है।
तीन हजार से ज़्यादा का हो रहा इलाज
मऊ। डीटीओ डॉक्टर हंसराज सोनी ने बताया कि जिले में वर्तमान में 3252 मरीजों का उपचार किया जा रहा है। इसमें 212 एमडीआर स्टेज के मरीज हैं। इनका उपचार वर्तमान में मेडिकल काॅलेज आजमगढ़ से हो रहा है।