मऊ। माल गाड़ियों के कारण रूट व्यस्त न हो इसके लिए भटनी-वाराणसी रेलखंड पर बाईपास रेलमार्ग बनाने की योजना पर काम चल रहा है। दो अलग-अलग रूटों को जोड़ने के लिए रेलवे जल्द ही सर्वे करेगा। इसमें से एक इंदारा बाईपास लाइन है, जो किड़िहिरापुर से रतनपुरा तक 16 किलोमीटर लंबी होगी। जनपद के इंदारा जंक्शन से दो रेलमार्ग निकले हैं। एक इंदारा-फेफना मार्ग, दूसरा भटनी-वाराणसी रेलमार्ग है। वहीं मऊ जंक्शन से दो लाइन एक खुरहट से आजमगढ़ होते हुए शाहगंज और दूसरी दुल्लहपुर से औड़िहार होते हुए वाराणसी निकल जाती है। भटनी-वाराणसी रेलमार्ग पर किड़िहिरापुर, इंदारा, मऊ जंक्शन होते हुए 38 ट्रेनें वाराणसी और दूसरे प्रदेशों को जाती हैं।
इनमें से 12 ट्रेनें रोजाना, 16 साप्ताहिक और 10 सप्ताह में चार या पांच दिन चलती हैं। वहीं इंदारा-फेफना मार्ग पर बलिया से फेफना, रतनपुरा, मऊ होते हुए 26 ट्रेनें महानगरों को चलती हैं। इनमें 8 ट्रेनें रोजाना, 8 साप्ताहिक और 10 ट्रेनें सप्ताह में तीन या चार दिन चलती हैं। इन्हीं में से कुछ खुरहट होते हुए शाहगंज की तरफ और दुल्लहपुर, सादात, औड़िहार होते हुए वाराणसी से दिल्ली और मुंबई निकल जाती हैं। इन रूटों पर मालगाड़ियों का भी संचालन बड़ी संख्या में होता है। जिससे कभी कभी रूट व्यस्त हो जाता है। वहीं डायवर्जन होने के बाद दबाव अधिक होने पर कुछ ट्रेनों का संचालन बंद करना पड़ता है। इसे देखते हुए जिले में तीन बाईपास बनाने की योजना पर काम चल रहा है।