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Mau News: बाढ़ पीड़ितों को कच्चे व पक्के घर को हुए नुकसान का सर्वे शुरू, मिलेगी बढ़ी रकम
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घोसी-मधुबन तहसील में बाढ़ पीड़ितों के लिए एक राहत भरी खबर है। शासन ने आपदा पीड़ितों की राशि में बढ़ोतरी की है। इसके तहत पक्का मकान और कच्चा मकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त होने पर 1.20 लाख रुपये दिए जाएंगे। जबकि आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त होने पर 6,500 रुपये मिलेंगे। प्रशासन ने इसका लाभ देने के उद्देश्य से बाढ़ पीड़ितों को यह सुविधा मुहैया कराने के लिए सर्वे शुरू कर दिया है। इसके तहत दोनों तहसीलों के लेखपालों को इसकी जिम्मेदारी देेते हुए सर्वे कार्य शुरू करा दिया गया है। सर्वे पूरा होने के बाद पीड़ित लाभार्थियों के खाते में यह धनराशि भेजी जाएगी।
बता दें कि इस साल भले ही सरयू नदी छह बार से ज्यादा खतरे के निशान को पार कर चुकी है। लेकिन अभी तक किसी ग्रामीण का आशियाना कटान की जद में नहीं आया है। हालांकि उपजाऊ जमीन कटान की भेंट चढ़ी है। लेकिन बारिश से कच्चे मकान और रिहायशी मढ़ई प्रभावित हुई है। ऐसे लोगाें के लिए शासन ने आपदा राहत की धनराशि को बढ़ा दिया है, जहां अब तक पक्का घर व कच्चा घर पूर्ण रूप से क्षतिग्रस्त होने पर 95100 रुपये दिया जा रहा था। अब यह धनराशि बढ़ाकर 1.20 लाख रुपये कर दी गई है। इसी तरह से जहां पहले पक्का घर आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त होने पर यह धनराशि 5200 रुपये थी, जो अब यह 1300 रुपये बढ़ाकर 6500 रुपये कर दिया गया है। इतना ही नहीं कच्चा घर पहले आंशिक रूप से नुकसान होने पर 3200 रुपये के बजाए 4000 रुपये कर दिया गया है। वहीं रिहायशी मड़ई कि गिरने पर 8000 रुपये दिए जाएंगे। जबकि पहले यह राशि 3900 थी।
आपदा पीड़ितों को शासन स्तर से मिलने वाली सुविधाएं मुहैया कराने को लेकर प्रशासन निरंतर प्रयास कर रहा है। इसके तहत ही बाढ़ और बारिश में नुकसान को लेकर सर्वे कार्य कराया जा रहा है। सर्वे रिपोर्ट आने के बाद इसकी रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी, जिससे लाभार्थियों को आपदा राहत राशि का लाभ मुहैया कराया जा सके। -प्रवीण मिश्रा, डीएम
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बता दें कि इस साल भले ही सरयू नदी छह बार से ज्यादा खतरे के निशान को पार कर चुकी है। लेकिन अभी तक किसी ग्रामीण का आशियाना कटान की जद में नहीं आया है। हालांकि उपजाऊ जमीन कटान की भेंट चढ़ी है। लेकिन बारिश से कच्चे मकान और रिहायशी मढ़ई प्रभावित हुई है। ऐसे लोगाें के लिए शासन ने आपदा राहत की धनराशि को बढ़ा दिया है, जहां अब तक पक्का घर व कच्चा घर पूर्ण रूप से क्षतिग्रस्त होने पर 95100 रुपये दिया जा रहा था। अब यह धनराशि बढ़ाकर 1.20 लाख रुपये कर दी गई है। इसी तरह से जहां पहले पक्का घर आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त होने पर यह धनराशि 5200 रुपये थी, जो अब यह 1300 रुपये बढ़ाकर 6500 रुपये कर दिया गया है। इतना ही नहीं कच्चा घर पहले आंशिक रूप से नुकसान होने पर 3200 रुपये के बजाए 4000 रुपये कर दिया गया है। वहीं रिहायशी मड़ई कि गिरने पर 8000 रुपये दिए जाएंगे। जबकि पहले यह राशि 3900 थी।
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आपदा पीड़ितों को शासन स्तर से मिलने वाली सुविधाएं मुहैया कराने को लेकर प्रशासन निरंतर प्रयास कर रहा है। इसके तहत ही बाढ़ और बारिश में नुकसान को लेकर सर्वे कार्य कराया जा रहा है। सर्वे रिपोर्ट आने के बाद इसकी रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी, जिससे लाभार्थियों को आपदा राहत राशि का लाभ मुहैया कराया जा सके। -प्रवीण मिश्रा, डीएम
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