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Mau News: ऑनलाइन कोचिंग से गणित और विज्ञान में पारंगत होंगे छात्र
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जिले के माध्यमिक विद्यालयों में अध्ययनरत नौवीं से 12वीं कक्षा तक के छात्रों को ऑनलाइन कोचिंग के माध्यम से गणित और विज्ञान विषयों में दक्ष बनाया जाएगा। इस पहल के तहत विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित विषयों की पढ़ाई कराई जाएगी।
हर विद्यालय में एक शिक्षक को नोडल बनाया जाएगा, जो छात्रों का पंजीकरण कराने से लेकर उनकी ऑनलाइन कक्षाओं की निगरानी तक की जिम्मेदारी निभाएंगे।
जिले में 17 राजकीय, 67 सहायता प्राप्त माध्यमिक और 436 माध्यमिक विद्यालय हैं। माध्यमिक विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए विभाग की ओर से खान अकादमी के सहयोग से सभी छात्रों को ऑनलाइन कोचिंग मुहैया कराने की कवायद तेज हो गई है।
राजकीय विद्यालयों में दो वर्ष पूर्व यह व्यवस्था शुरू की गई थी। एसटीईएम (साइंस, टेक्नोलॉजी, इंजीनियरिंग, मैथमेटिक्स) कार्यक्रम का विस्तार करते हुए सभी माध्यमिक विद्यालयों में ऑनलाइन कोचिंग की व्यवस्था शुरू की गई है।
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इसके तहत प्रत्येक विद्यालय के एक-एक शिक्षक को नोडल के रूप में जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। ये शिक्षक छात्रों का पंजीकरण कराने से लेकर उनकी ऑनलाइन कक्षाओं की निगरानी करेंगे।
इस सुविधा से छात्रों को न सिर्फ गणित और विज्ञान की शिक्षा मिलेगी, बल्कि उन्हें प्रौद्योगिकी और इंजीनियरिंग के सिद्धांत भी सिखाए जाएंगे। इससे संबंधित विषयों के प्रति छात्रों की अभिरुचि बढ़ेगी और वे उन्हें बेहतर तरीके से समझ पाएंगे।
इसके लिए प्रक्रिया पूरी होने के बाद छात्रों को आईडी और पासवर्ड मिलेगा। इसके बाद छात्र स्मार्टफोन के माध्यम से कभी भी नि:शुल्क पढ़ सकेंगे। साथ ही विद्यालयों में बने स्मार्ट क्लास और आईसीटी लैब के माध्यम से भी कोचिंग ले सकेंगे।
इस संबंध में जिला समन्वयक समग्र शिक्षा माध्यमिक सीपी श्रीवास्तव ने बताया कि नि:शुल्क ऑनलाइन कोचिंग के माध्यम से छात्र अपने बहुमूल्य समय का सदुपयोग कर सकेंगे। प्रक्रिया पूरी होने के बाद छात्र ऑनलाइन कक्षाओं का लाभ ले सकते हैं।
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हर विद्यालय में एक शिक्षक को नोडल बनाया जाएगा, जो छात्रों का पंजीकरण कराने से लेकर उनकी ऑनलाइन कक्षाओं की निगरानी तक की जिम्मेदारी निभाएंगे।
जिले में 17 राजकीय, 67 सहायता प्राप्त माध्यमिक और 436 माध्यमिक विद्यालय हैं। माध्यमिक विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए विभाग की ओर से खान अकादमी के सहयोग से सभी छात्रों को ऑनलाइन कोचिंग मुहैया कराने की कवायद तेज हो गई है।
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राजकीय विद्यालयों में दो वर्ष पूर्व यह व्यवस्था शुरू की गई थी। एसटीईएम (साइंस, टेक्नोलॉजी, इंजीनियरिंग, मैथमेटिक्स) कार्यक्रम का विस्तार करते हुए सभी माध्यमिक विद्यालयों में ऑनलाइन कोचिंग की व्यवस्था शुरू की गई है।
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इसके तहत प्रत्येक विद्यालय के एक-एक शिक्षक को नोडल के रूप में जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। ये शिक्षक छात्रों का पंजीकरण कराने से लेकर उनकी ऑनलाइन कक्षाओं की निगरानी करेंगे।
इस सुविधा से छात्रों को न सिर्फ गणित और विज्ञान की शिक्षा मिलेगी, बल्कि उन्हें प्रौद्योगिकी और इंजीनियरिंग के सिद्धांत भी सिखाए जाएंगे। इससे संबंधित विषयों के प्रति छात्रों की अभिरुचि बढ़ेगी और वे उन्हें बेहतर तरीके से समझ पाएंगे।
इसके लिए प्रक्रिया पूरी होने के बाद छात्रों को आईडी और पासवर्ड मिलेगा। इसके बाद छात्र स्मार्टफोन के माध्यम से कभी भी नि:शुल्क पढ़ सकेंगे। साथ ही विद्यालयों में बने स्मार्ट क्लास और आईसीटी लैब के माध्यम से भी कोचिंग ले सकेंगे।
इस संबंध में जिला समन्वयक समग्र शिक्षा माध्यमिक सीपी श्रीवास्तव ने बताया कि नि:शुल्क ऑनलाइन कोचिंग के माध्यम से छात्र अपने बहुमूल्य समय का सदुपयोग कर सकेंगे। प्रक्रिया पूरी होने के बाद छात्र ऑनलाइन कक्षाओं का लाभ ले सकते हैं।