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Mau News: विशिष्ट जरूरत की पहचान के लिए विद्यार्थियों की स्क्रीनिंग की जाएगी
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मऊ। जिले के माध्यमिक विद्यालयों में अध्ययनरत विद्यार्थियों की विशिष्ट आवश्यकता की पहचान के लिए प्रशस्त 2.0 एप से स्क्रीनिंग कराई जाएगी। स्क्रीनिंग से पहले सभी प्रधानाचार्यों और शिक्षकों को ऑनलाइन सेंसिटाइजेशन वीडियो देखना अनिवार्य किया गया है। विभाग की तरफ से 10 नवंबर तक प्रक्रिया पूरी करने का आदेश दिया गया है।
जिले में 503 माध्यमिक विद्यालय हैं। शासन की तरफ से प्रत्येक बच्चे की जरूरत के अनुरूप शैक्षिक सहयोग उपलब्ध कराने और विद्यालयों में समावेशी व सहयोगी वातावरण मजबूत करने करने की कवायद तेज हो गई है। नई व्यवस्था के तहत शिक्षा विभाग की तरफ से प्रशस्त एप 2.0 विकसित किया गया है।
इसके माध्यम से 12वीं कक्षा तक के विद्यार्थियों की स्क्रीनिंग होगी, इसके लिए पहले यू-डायस पर विद्यालय शिक्षक और विद्यार्थियों की सूचनाएं अपडेट करनी जरूरी है। राजकीय, सहायता प्राप्त और वित्तविहीन विद्यालयों के शिक्षकों को एप का ऑनलाइन सेंसिटाइजेशन मॉड्यूल पूरा करना होगा, इसमें करीब 40 मिनट के 10 वीडियो हैं, जिनमें विभिन्न दिव्यांगता और उनके लक्षणों की पहचान की जाएगी।
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इनमें समावेशी शिक्षा, गतिशीलता संबंधी दिव्यांगता, दृष्टिबाधिता, श्रवण बाधिता, बौद्धिक दिव्यांगता, विशेष अधिगम अक्षमता, स्वपराणयता, स्पेक्ट्रम विकार, मानसिक दिव्यांगता सहित अन्य दिव्यांगताओं से संबंधित वीडियो हैं।
अंतिम वीडियो में प्रशस्त एप के माध्यम से स्क्रीनिंग के बारे में जानकारी दी गई है। स्क्रीनिंग से पहले विद्यालयो के सभी प्रधानाचार्यो और शिक्षकों को ऑनलाइन सेंसिटाइजेशन वीडियो देखना अनिवार्य किया गया है। सभी प्रक्रिया 10 नवंबर तक प्रक्रिया को पूरा करने का निर्देश दिया गया है। इस बारे में जिला विद्यालय निरीक्षक गौतम ने बताया कि जिले के सभी माध्यमिक विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को निर्धारित समय में प्रक्रिया पूरी करने के लिए पत्र जारी कर दिया गया है। संवाद
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जिले में 503 माध्यमिक विद्यालय हैं। शासन की तरफ से प्रत्येक बच्चे की जरूरत के अनुरूप शैक्षिक सहयोग उपलब्ध कराने और विद्यालयों में समावेशी व सहयोगी वातावरण मजबूत करने करने की कवायद तेज हो गई है। नई व्यवस्था के तहत शिक्षा विभाग की तरफ से प्रशस्त एप 2.0 विकसित किया गया है।
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इसके माध्यम से 12वीं कक्षा तक के विद्यार्थियों की स्क्रीनिंग होगी, इसके लिए पहले यू-डायस पर विद्यालय शिक्षक और विद्यार्थियों की सूचनाएं अपडेट करनी जरूरी है। राजकीय, सहायता प्राप्त और वित्तविहीन विद्यालयों के शिक्षकों को एप का ऑनलाइन सेंसिटाइजेशन मॉड्यूल पूरा करना होगा, इसमें करीब 40 मिनट के 10 वीडियो हैं, जिनमें विभिन्न दिव्यांगता और उनके लक्षणों की पहचान की जाएगी।
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इनमें समावेशी शिक्षा, गतिशीलता संबंधी दिव्यांगता, दृष्टिबाधिता, श्रवण बाधिता, बौद्धिक दिव्यांगता, विशेष अधिगम अक्षमता, स्वपराणयता, स्पेक्ट्रम विकार, मानसिक दिव्यांगता सहित अन्य दिव्यांगताओं से संबंधित वीडियो हैं।
अंतिम वीडियो में प्रशस्त एप के माध्यम से स्क्रीनिंग के बारे में जानकारी दी गई है। स्क्रीनिंग से पहले विद्यालयो के सभी प्रधानाचार्यो और शिक्षकों को ऑनलाइन सेंसिटाइजेशन वीडियो देखना अनिवार्य किया गया है। सभी प्रक्रिया 10 नवंबर तक प्रक्रिया को पूरा करने का निर्देश दिया गया है। इस बारे में जिला विद्यालय निरीक्षक गौतम ने बताया कि जिले के सभी माध्यमिक विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को निर्धारित समय में प्रक्रिया पूरी करने के लिए पत्र जारी कर दिया गया है। संवाद