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छात्रवृत्ति के लिए विद्यार्थियों ने किया प्रदर्शन
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नगर के डीसीएसके पीजी कालेज में छात्रवृति को लेकर प्रदर्शन करते छात्र और छात्राएं।
- फोटो : MAU
मऊ। नगर स्थित डीसीएसके पीजी कालेज में अध्ययनरत स्नातक के विद्यार्थी सोमवार को उस समय भड़क गए, जब उन्हें पता चला कि छात्रवृत्ति का ऑनलाइन डाटा प्रमाणित कर समाज कल्याण विभाग को नहीं भेजा गया। इस दौरान नाराज छात्र महाविद्यालय कैंपस में धरना प्रदर्शन किया। इस दौरान छात्रों ने नारेबाजी करते हुए कालेज प्राचार्य को ज्ञापन सौंपा।
प्रदर्शनकारी छात्र-छात्राओं का आरोप था कि छात्रवृत्ति लिपिक की लापरवाही से आनलाइन आवेदन पत्र वेरीफाई होकर समाज कल्याण विभाग में नहीं भेजा गया। कालेज में हाईस्पीड इंटरनेट सुविधा होने के बावजूद वेबसाइट के ठीक से काम न करने के चलते छात्रवृत्ति के 44 फार्म वेरीफाई नहीं हो पाए। मामले की जांच कर छात्रों के साथ न्याय किया जाए।
प्राचार्य डा. एके मिश्रा का कहना था कि प्रारंभ में न्यूनतम 50 प्रतिशत अंक होने पर ही छात्रवृत्ति के लिए आवेदन करने की मंजूरी थी, लेेकिन बाद में यह बाध्यता समाप्त कर दी गई। इसे लेकर शासन से आवेदन की दो बार तिथि बढ़ाई गई, लेकिन संबंधित वेबसाइट में तकनीकी समस्या आई। वेबसाइट के ठीक से काम न करने को लेकर तीन बार समाज कल्याण विभाग को पत्र लिखकर शिकायत की गई। छात्रों का आक्रोश जायज है। मामले की जांच कराई जाएगी। यदि लिपिक की गड़बड़ी या लापरवाही पाई जाएगी तो उस पर कार्रवाई की जाएगी। प्राचार्य के आश्वासन पर छात्र शांत हुए। प्रदर्शन करने वालों में मुहम्मद कलीम, जियाउद्दीन, राहुल सिंह, सिमरन, मानसी, किरन चौहान, अंकित यादव, मनीष व कार्तिक श्रीवास्तव, आदि शामिल रहे।
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प्रदर्शनकारी छात्र-छात्राओं का आरोप था कि छात्रवृत्ति लिपिक की लापरवाही से आनलाइन आवेदन पत्र वेरीफाई होकर समाज कल्याण विभाग में नहीं भेजा गया। कालेज में हाईस्पीड इंटरनेट सुविधा होने के बावजूद वेबसाइट के ठीक से काम न करने के चलते छात्रवृत्ति के 44 फार्म वेरीफाई नहीं हो पाए। मामले की जांच कर छात्रों के साथ न्याय किया जाए।
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प्राचार्य डा. एके मिश्रा का कहना था कि प्रारंभ में न्यूनतम 50 प्रतिशत अंक होने पर ही छात्रवृत्ति के लिए आवेदन करने की मंजूरी थी, लेेकिन बाद में यह बाध्यता समाप्त कर दी गई। इसे लेकर शासन से आवेदन की दो बार तिथि बढ़ाई गई, लेकिन संबंधित वेबसाइट में तकनीकी समस्या आई। वेबसाइट के ठीक से काम न करने को लेकर तीन बार समाज कल्याण विभाग को पत्र लिखकर शिकायत की गई। छात्रों का आक्रोश जायज है। मामले की जांच कराई जाएगी। यदि लिपिक की गड़बड़ी या लापरवाही पाई जाएगी तो उस पर कार्रवाई की जाएगी। प्राचार्य के आश्वासन पर छात्र शांत हुए। प्रदर्शन करने वालों में मुहम्मद कलीम, जियाउद्दीन, राहुल सिंह, सिमरन, मानसी, किरन चौहान, अंकित यादव, मनीष व कार्तिक श्रीवास्तव, आदि शामिल रहे।
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