{"_id":"58dd3e934f1c1b370763de7d","slug":"stadium-team","type":"story","status":"publish","title_hn":"स्टेडियम जांचने पहुंची टीम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
स्टेडियम जांचने पहुंची टीम
अमर उजाला ब्यूरो/मऊ
Updated Thu, 30 Mar 2017 10:58 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जिला मुख्यालय स्थित डॉ. भीमराव स्पोर्ट्स स्टेडियम में जीर्णोद्धार के नाम पर इटावा की कार्यदायी संस्था से काम कराकर गोलमाल करने की शिकायत मिलने पर डीएम ने भुगतान रोकने और पूरे काम की जांच करने का आदेेश जारी किया। गुुुरुवार को जांच के लिए टीम स्टेडियम पहुंची। लेकिन जिला कीड़ाधिकारी के न उपलब्ध होने पर वापस लौट गई।
जिला मुख्यालय स्थित डॉ. भीमराव अंबेडकर स्पोर्ट्स स्टेडियम में जीर्णोद्धार के लिए खेल निदेशालय उप्र सरकार से धनराशि आवंटित थी। आचार संहिता के बीच एक मार्च को नौ लाख रुपये की धनराशि काम कराने के लिए आवंटित हो गई। आरोप है कि जिला क्रीड़ाधिकारी योगेंद्र पाल सिंह ने बिना स्टीमेट बनवाए और टेंडर कराए ही इस काम को इटावा की कार्यदायी संस्था उपभोक्ता से करा लिया। इसकी शिकायत डीएम से की गई। जिलाधिकारी निखिलचंद्र शुक्ला के अनुसार उन्होंने काम का भुगतान रोकने का आदेश दिया। साथ ही कराए गए काम की जांच के लिए ईएक्सईएन आरईएस के नेतृत्व में तीन सदस्यों की कमेटी गठित की। डीएम के आदेश पर गुरुवार की शाम यह टीम स्टेडियम में हुए काम की जांच के लिए पहुंची। लेकिन कुछ देर बाद वापस लौट गई।
एक्सईएन आरईएस के साथ जांच को पहुंचे एक्सईएन एकराउल्लाह ने बताया कि जिला क्रीड़ाधिकारी योगेंद्र पाल के उपलब्ध न होने के कारण टीम बिना जांच के बैरंग वापस हो गई। जबकि संपर्क करने पर जिला क्रीड़ाधिकारी ने फोन पर बताया कि काम सब दुरुस्त हुआ, साथ ही स्टेडियम कार्यालय से सारे दस्तावेज की फोटो कापी जांच टीम ले गई है। बोले यह कमीशन का खेल है, इस काम में किसी को कमीशन नहीं दिया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन
जिला मुख्यालय स्थित डॉ. भीमराव अंबेडकर स्पोर्ट्स स्टेडियम में जीर्णोद्धार के लिए खेल निदेशालय उप्र सरकार से धनराशि आवंटित थी। आचार संहिता के बीच एक मार्च को नौ लाख रुपये की धनराशि काम कराने के लिए आवंटित हो गई। आरोप है कि जिला क्रीड़ाधिकारी योगेंद्र पाल सिंह ने बिना स्टीमेट बनवाए और टेंडर कराए ही इस काम को इटावा की कार्यदायी संस्था उपभोक्ता से करा लिया। इसकी शिकायत डीएम से की गई। जिलाधिकारी निखिलचंद्र शुक्ला के अनुसार उन्होंने काम का भुगतान रोकने का आदेश दिया। साथ ही कराए गए काम की जांच के लिए ईएक्सईएन आरईएस के नेतृत्व में तीन सदस्यों की कमेटी गठित की। डीएम के आदेश पर गुरुवार की शाम यह टीम स्टेडियम में हुए काम की जांच के लिए पहुंची। लेकिन कुछ देर बाद वापस लौट गई।
विज्ञापन
एक्सईएन आरईएस के साथ जांच को पहुंचे एक्सईएन एकराउल्लाह ने बताया कि जिला क्रीड़ाधिकारी योगेंद्र पाल के उपलब्ध न होने के कारण टीम बिना जांच के बैरंग वापस हो गई। जबकि संपर्क करने पर जिला क्रीड़ाधिकारी ने फोन पर बताया कि काम सब दुरुस्त हुआ, साथ ही स्टेडियम कार्यालय से सारे दस्तावेज की फोटो कापी जांच टीम ले गई है। बोले यह कमीशन का खेल है, इस काम में किसी को कमीशन नहीं दिया गया।
विज्ञापन