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पुलिस की नाकेबंदी को धता बता मुख्यालय पहुंचे सपाई
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किसानों के समर्थन में समाजवादी पार्टी के धरना प्रदर्शन के दौरान बुनकर कालोनी में सपा कार्यकर्ता
- फोटो : MAU
मऊ। किसान आंदोलन के समर्थन में सोमवार को सपा कार्यकर्ताओं का आंदोलन इतना व्यापक रहा कि जिला और पुलिस प्रशासन की तैयारियां धरी की धरी रह गईं। हालांकि कलेक्ट्रेट में चारों तरफ किलाबंदी सरीखे व्यवस्था कर पुलिस और पीएसी को तैनात किया गया था। इसका परिणाम रहा कि सपा कार्यकर्ता कलेक्ट्रेट तक नहीं पहुंच सकें। लेकिन सड़कों पर पुलिस की तैयारियां धरी की धरी रह गईं।
राष्ट्रीय सचिव, जिलाध्यक्ष, विधान परिषद सदस्य सहित कई बड़े नेता अपने समर्थकों सहित पुुलिस की घर पर नजरबंद करने की तैयारियों की हवा निकाल सभी कार्यकर्ता जिला मुख्यालय पहुंच गए। हालांकि कलेक्ट्रेट पर पहुंचने से पहले ही इन्हें रोक लिया गया। पुलिस के सामने ही सपा नेताओं ने प्रदेश और केंद्र सरकार के विरुद्ध जमकर नारेबाजी की। सरकार को तानाशाही के रास्ते पर चलने वाली सरकार बताकर कोसा। नेताओं ने कहा कि सरकार को तीनों किसान बिल वापस लेने चाहिए।
किसान आंदोलन के समर्थन में अपने पूर्व घोषित कार्यक्रम के तहत सपा जिलाध्यक्ष धर्मप्रकाश यादव, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष अंशा यादव, पूर्व मंत्री राजेंद्र कुमार ,राष्ट्रीय सचिव राम हरि चौहान, एमएलसी राजजतन राजभर, केके पांडेय, महासचिव कुद्दूस अंसारी, राजेंद्र यादव, लालधर यादव अपने कई कार्यकर्ताओं के साथ अलग अलग रास्तों से होकर आजमगढ़ मोड़ पहुंचे। वहां से जुलूस के शक्ल में नारेबाजी करते हुए कचहरी मोड़ पहुंचे। यहां की गई बैरेकेटिंग के कारण सपा कार्यकर्ताओं को पुलिस ने रोक लिया। इस दौरान अपर पुलिस अधीक्षक टीएन त्रिपाठी और अपर जिलाधिकारी केहरि सिंह ने इन्हें रोक लिया।
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पुलिस के रोकने पर सपा कार्यकर्ता सड़क पर ही धरना देकर बैठ गए, इस दौरान कार्यकर्ताओं ने जमकर सरकार विरोधी नारे लगाया। पुलिस बड़ी मुश्किल से कार्यकर्ताओं को उठाकर किसी तरह से बुनकर कॉलोनी के मैदान में ले गई। इसके बाद सड़क पर आवागमन शुरू हुआ। बुनकर कॉलोनी से सभी को गिरफ्तार कर पुलिस लाइन भेजा।
सपा जिलाध्यक्ष धर्मप्रकाश ने कहा कि प्रदेश सरकार को प्रजातंत्र में विश्वास नहीं रहा। वह तानाशाही पर उतर आई है। किसानों, नौजवानों, छात्रों की आवाज दबाना चाहते हैं। संविधान प्रदत्त शांति पूर्ण विरोध प्रदर्शन नहीं करने दे रहे हैं। इन्हें रोकने के लिए पूरे पुलिस तंत्र को लगा देते हैं। पुलिस के सामने ही सपा जनों ने सरकार और पुलिस तथा प्रशासन विरोधी नारे लगाए। यहीं पर सिटी मजिस्ट्रेट जेएन सचान को ज्ञापन सौंपा।
पूर्व जिलाध्यक्ष को कोपागंज पुलिस ने दबोचा
मऊ। पूर्व जिलाध्यक्ष समाजवादी पार्टी अल्ताफ अंसारी और साधू यादव के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने हाईवे जाम कर दिया। इस दौरान मौके पर पहुंची पुलिस ने सभी को गिरफ्तार कर लिया। इस दौरान सभी को थाने में बैठाए रही। समाचार लिखे जाने तक सभी पकड़े गए लोगों को थाने में ही रखा गया था। अल्ताफ अंसारी ने कहा कि किसानों के साथ गलत कर अब सरकार डर गई है। उसे डर लग रहा कि उसकी करनी सब जान जाएंगे, तो उनका बंटाधार हो जाएगा।
राजीव राय को एआरटीओ आफिस के पास से किया गिरफ्तार:
मऊ। सपा के राष्ट्रीय सचिव और राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव राय का इंतजार पुलिस बलिया मोड़ पर कर रही थी। लेकिन पुलिस की तैयारी को चकमा देते हुए एआरटीओ होते हुए वे कलेक्ट्रेट जा रहे थे। लेकिन पुलिस ने उन्हें पूर्व जिलाध्यक्ष शिवप्रताप यादव मुन्ना, रमेश दुबे वीरेंद्र चौहान, श्रवण यादव, प्रभात राय और अन्य समर्थकों सहित एआरटीओ के पास ही रोक लिया। पुलिस अधीक्षक घुले सुशील खुद उन्हें गिरफ्तार कराने जा पहुंचे। इसके बाद उन्हें पुलिस लाइन ले जाया गया।
पूर्व विधायक उमेश पांडेय को समर्थकों संग शहीद चौराहा से किया गया गिरफ्तार:
मधुबन। सपा नेता ब्लाक प्रमुख प्रतिनिधि चंद्रमणि यादव गुड्डू, पूर्व विधायक उमेश पांडेयब गिजला पंचायत सदस्य सुभाष यदुवंशी,अखिलेश सिंह राठौर और अन्य समथरक़कों संग जुलूस के साथ मऊ आ रहे थे। पुलिस ने उन्हें शहीद चौराहा के पास रोक लिया और थाने ले गई। वहां थाने में सपा जनों ने सरकार विरोधी जमकर नारेबाजी किया।
अंशा यादव को अन्य नेताओं संग ले गए चिरैयाकोट
मऊ। कचहरी मोड़ पर पति जिलाध्यक्ष धर्मप्रकाश यादव के साथ धरना दे रही पूर्व जिलाध्यक्ष अंशा यादव को पूर्व पालिकाध्यक्ष अरशद जमाल, रामधनी यादव राजेश यादव , केकेपांडेय, अरविंद द्विवेदी, महेंद्र यादव ,रविंद्र खरवार, राजेंद्र यादव रमेश यादव आदि नेताओं को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। इन्हें अन्य सपा जनों के साथ पुलिस वाहन में बिठाकर चिरैयाकोट थाने ले जाया गया। इस दौरान कोई महिला पुलिस ने नहीं थी और न ही पुलिस की बस में कोई अन्य महिला ही थी। घोसी में जिला मुख्यालय आने की तैयारी में लगे पूर्व विधायक सुधाकर सिंह के बेटे और ब्लाक प्रमुख घोसी सुजीत सिंह को समर्थकों संग गिरफ्तार कर पुलिस घोसी कोतवाली ले गई।
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राष्ट्रीय सचिव, जिलाध्यक्ष, विधान परिषद सदस्य सहित कई बड़े नेता अपने समर्थकों सहित पुुलिस की घर पर नजरबंद करने की तैयारियों की हवा निकाल सभी कार्यकर्ता जिला मुख्यालय पहुंच गए। हालांकि कलेक्ट्रेट पर पहुंचने से पहले ही इन्हें रोक लिया गया। पुलिस के सामने ही सपा नेताओं ने प्रदेश और केंद्र सरकार के विरुद्ध जमकर नारेबाजी की। सरकार को तानाशाही के रास्ते पर चलने वाली सरकार बताकर कोसा। नेताओं ने कहा कि सरकार को तीनों किसान बिल वापस लेने चाहिए।
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किसान आंदोलन के समर्थन में अपने पूर्व घोषित कार्यक्रम के तहत सपा जिलाध्यक्ष धर्मप्रकाश यादव, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष अंशा यादव, पूर्व मंत्री राजेंद्र कुमार ,राष्ट्रीय सचिव राम हरि चौहान, एमएलसी राजजतन राजभर, केके पांडेय, महासचिव कुद्दूस अंसारी, राजेंद्र यादव, लालधर यादव अपने कई कार्यकर्ताओं के साथ अलग अलग रास्तों से होकर आजमगढ़ मोड़ पहुंचे। वहां से जुलूस के शक्ल में नारेबाजी करते हुए कचहरी मोड़ पहुंचे। यहां की गई बैरेकेटिंग के कारण सपा कार्यकर्ताओं को पुलिस ने रोक लिया। इस दौरान अपर पुलिस अधीक्षक टीएन त्रिपाठी और अपर जिलाधिकारी केहरि सिंह ने इन्हें रोक लिया।
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पुलिस के रोकने पर सपा कार्यकर्ता सड़क पर ही धरना देकर बैठ गए, इस दौरान कार्यकर्ताओं ने जमकर सरकार विरोधी नारे लगाया। पुलिस बड़ी मुश्किल से कार्यकर्ताओं को उठाकर किसी तरह से बुनकर कॉलोनी के मैदान में ले गई। इसके बाद सड़क पर आवागमन शुरू हुआ। बुनकर कॉलोनी से सभी को गिरफ्तार कर पुलिस लाइन भेजा।
सपा जिलाध्यक्ष धर्मप्रकाश ने कहा कि प्रदेश सरकार को प्रजातंत्र में विश्वास नहीं रहा। वह तानाशाही पर उतर आई है। किसानों, नौजवानों, छात्रों की आवाज दबाना चाहते हैं। संविधान प्रदत्त शांति पूर्ण विरोध प्रदर्शन नहीं करने दे रहे हैं। इन्हें रोकने के लिए पूरे पुलिस तंत्र को लगा देते हैं। पुलिस के सामने ही सपा जनों ने सरकार और पुलिस तथा प्रशासन विरोधी नारे लगाए। यहीं पर सिटी मजिस्ट्रेट जेएन सचान को ज्ञापन सौंपा।
पूर्व जिलाध्यक्ष को कोपागंज पुलिस ने दबोचा
मऊ। पूर्व जिलाध्यक्ष समाजवादी पार्टी अल्ताफ अंसारी और साधू यादव के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने हाईवे जाम कर दिया। इस दौरान मौके पर पहुंची पुलिस ने सभी को गिरफ्तार कर लिया। इस दौरान सभी को थाने में बैठाए रही। समाचार लिखे जाने तक सभी पकड़े गए लोगों को थाने में ही रखा गया था। अल्ताफ अंसारी ने कहा कि किसानों के साथ गलत कर अब सरकार डर गई है। उसे डर लग रहा कि उसकी करनी सब जान जाएंगे, तो उनका बंटाधार हो जाएगा।
राजीव राय को एआरटीओ आफिस के पास से किया गिरफ्तार:
मऊ। सपा के राष्ट्रीय सचिव और राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव राय का इंतजार पुलिस बलिया मोड़ पर कर रही थी। लेकिन पुलिस की तैयारी को चकमा देते हुए एआरटीओ होते हुए वे कलेक्ट्रेट जा रहे थे। लेकिन पुलिस ने उन्हें पूर्व जिलाध्यक्ष शिवप्रताप यादव मुन्ना, रमेश दुबे वीरेंद्र चौहान, श्रवण यादव, प्रभात राय और अन्य समर्थकों सहित एआरटीओ के पास ही रोक लिया। पुलिस अधीक्षक घुले सुशील खुद उन्हें गिरफ्तार कराने जा पहुंचे। इसके बाद उन्हें पुलिस लाइन ले जाया गया।
पूर्व विधायक उमेश पांडेय को समर्थकों संग शहीद चौराहा से किया गया गिरफ्तार:
मधुबन। सपा नेता ब्लाक प्रमुख प्रतिनिधि चंद्रमणि यादव गुड्डू, पूर्व विधायक उमेश पांडेयब गिजला पंचायत सदस्य सुभाष यदुवंशी,अखिलेश सिंह राठौर और अन्य समथरक़कों संग जुलूस के साथ मऊ आ रहे थे। पुलिस ने उन्हें शहीद चौराहा के पास रोक लिया और थाने ले गई। वहां थाने में सपा जनों ने सरकार विरोधी जमकर नारेबाजी किया।
अंशा यादव को अन्य नेताओं संग ले गए चिरैयाकोट
मऊ। कचहरी मोड़ पर पति जिलाध्यक्ष धर्मप्रकाश यादव के साथ धरना दे रही पूर्व जिलाध्यक्ष अंशा यादव को पूर्व पालिकाध्यक्ष अरशद जमाल, रामधनी यादव राजेश यादव , केकेपांडेय, अरविंद द्विवेदी, महेंद्र यादव ,रविंद्र खरवार, राजेंद्र यादव रमेश यादव आदि नेताओं को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। इन्हें अन्य सपा जनों के साथ पुलिस वाहन में बिठाकर चिरैयाकोट थाने ले जाया गया। इस दौरान कोई महिला पुलिस ने नहीं थी और न ही पुलिस की बस में कोई अन्य महिला ही थी। घोसी में जिला मुख्यालय आने की तैयारी में लगे पूर्व विधायक सुधाकर सिंह के बेटे और ब्लाक प्रमुख घोसी सुजीत सिंह को समर्थकों संग गिरफ्तार कर पुलिस घोसी कोतवाली ले गई।