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मांगों पर डाक्टरों का सत्याग्रह
ब्यूरो, अमर उजाला/ मऊ
Updated Thu, 17 Nov 2016 01:06 AM IST
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जिला अस्पताल पर आईएमए के तत्वावधान में अपनी मांगों को लेकर विरोध दर्ज कराते चिकित्सक।
- फोटो : mau
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सरकार द्वारा जबरी थोपे गए नियमावली के विरोध में बुधवार को डाक्टरों ने आईएमए के तत्वाधान में एक दिवसीय सत्याग्रह कर जिला अस्पताल परिसर में धरना दिया। इसके बाद सिटी मजिस्ट्रेट से मिलकर डाक्टरों ने उन्हें ज्ञापन सौंपा।
सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपे गए छह सूत्री ज्ञापन में डाक्टरों ने मांग की कि एनएमसी को तत्काल समाप्त किया जाए। एमसीआई एक्ट में बिना स्वायत्ता से समझौता किए संशोधन किया जाए। कंज्यूमर प्रोटेक्शन एक्ट में दिए जाने वाले मुआवजे को सीमित किया जाए।
लाइसेंस राज्य को समाप्त किए जाने और एकल डाक्टर क्लिनिक को क्लिनिकल एस्टैब्लिशमेंट एक्ट से मुक्त किया जाए, भ्रूण लिंग परीक्षण और गर्भपात पर दंडात्मक सजा दिए जाए ना कि कागजी गलतियों पर सजा का निर्धारण किया जाए। चिकित्सक एवं अस्पतालों पर हिंसा रोकने के लिए सेंट्रल एक्ट लागू किया जाए, माडर्न मेडिसीन और देशी चिकित्सा पद्घतियों के अवैज्ञानिक मेल पर रोक लगाई जाए। अंग्रेजी दवाओं को लिखने का अधिकार केवल माडर्न मेडिसीन से शिक्षित चिकित्सकों को दिया जाए।
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आईएमए के प्रेसिडेंट एसएन राय, सेक्रेटरी डाॅ. ऐके रंजन, डाॅ. एके सिंह, डाॅ. एनके सिंह, डाॅ. एचएन सिंह, डा. पीएल गुप्ता, प्रतिमा सिंह, डाॅ. बदरे आलम, डा प्रतिमा सिंह आदि चिकित्सक मौजूद रहे।
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सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपे गए छह सूत्री ज्ञापन में डाक्टरों ने मांग की कि एनएमसी को तत्काल समाप्त किया जाए। एमसीआई एक्ट में बिना स्वायत्ता से समझौता किए संशोधन किया जाए। कंज्यूमर प्रोटेक्शन एक्ट में दिए जाने वाले मुआवजे को सीमित किया जाए।
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लाइसेंस राज्य को समाप्त किए जाने और एकल डाक्टर क्लिनिक को क्लिनिकल एस्टैब्लिशमेंट एक्ट से मुक्त किया जाए, भ्रूण लिंग परीक्षण और गर्भपात पर दंडात्मक सजा दिए जाए ना कि कागजी गलतियों पर सजा का निर्धारण किया जाए। चिकित्सक एवं अस्पतालों पर हिंसा रोकने के लिए सेंट्रल एक्ट लागू किया जाए, माडर्न मेडिसीन और देशी चिकित्सा पद्घतियों के अवैज्ञानिक मेल पर रोक लगाई जाए। अंग्रेजी दवाओं को लिखने का अधिकार केवल माडर्न मेडिसीन से शिक्षित चिकित्सकों को दिया जाए।
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आईएमए के प्रेसिडेंट एसएन राय, सेक्रेटरी डाॅ. ऐके रंजन, डाॅ. एके सिंह, डाॅ. एनके सिंह, डाॅ. एचएन सिंह, डा. पीएल गुप्ता, प्रतिमा सिंह, डाॅ. बदरे आलम, डा प्रतिमा सिंह आदि चिकित्सक मौजूद रहे।