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Mau News: लापरवाही पर नोडल विज्ञान शिक्षकों का रोका जाएगा वेतन
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मऊ। इंस्पायर अवॉर्ड योजना के तहत बाल वैज्ञानिकों का पोर्टल पर पंजीकरण कराने में उदासीनता बरत रहे विद्यालय प्रशासन की सुधि विभागीय अधिकारियों ले ली है। शासन की तरफ से पंजीकरण कराने के लिए पोर्टल खोलने के 103 दिन बाद मात्र 19 राजकीय और सहायता प्राप्त सहित 67 विद्यालयों ने ही पंजीकरण कराया है।
अमर उजाला ने 25 अगस्त 2025 के अंक में ऑनलाइन आवेदन मेें 21 दिन शेष, 48 विद्यालयों के 208 विद्यार्थियों ने कराया पंजीकरण शीर्षक से प्रमुखता से इसे प्रकाशित किया था। खबर के प्रकाशित होने के बाद जिला विद्यालय निरीक्षक गौतम प्रसाद ने लापरवाह नोडल विज्ञान शिक्षकों को चेतावनी पत्र जारी किया है। सभी विद्यालयों से ऑनलाइन आवेदन न होने की स्थिति मेें नोडल विज्ञान शिक्षकों का वेतन रोकने की कार्रवाई की जाएगी।
जिले में 17 राजकीय, 67 सहायता प्राप्त, 436 मान्यता प्राप्त माध्यमिक विद्यालय हैं। इसके अलावा बेसिक शिक्षा विभाग के 442 परिषदीय उच्च पाथमिक विद्यालय, सीबीएसई के 36 और आईसीएसई के दो विद्यालय हैं। इंस्पायर अवॉर्ड प्रतियोगिता में छात्रों को राष्ट्रीय स्तर तक अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर प्राप्त होता है। विद्यालयों के छात्र प्रधानाचार्य के माध्यम से ऑनलाइन पोर्टल पर अपने आइडिया को अपलोड करते हैं। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय की तरफ से विद्यालयों में अध्यनरत छठवीं से 12वीं के छात्रों को शामिल किया गया है। प्रत्येक विद्यालय से पांच-विद्यार्थियों का चयन कर पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन कराना होता है। विद्यालयों में इंस्पायर अवॉर्ड प्रतियोगिता आयोजित की जाती है। जिला स्तर से चयनित विद्यार्थी राज्य और फिर राष्ट्रीय स्तर पर होने वाली प्रदर्शनी में अपने आइडिया पर बनाए गए मॉडल को प्रस्तुत करते हैं। राष्ट्रीय स्तर पर चयनित होने वाले विद्यार्थी को प्रोत्साहन राशि देकर पुरस्कृत किया जाता है। योजना के तहत आवेदन 15 जून से शुरू किए गए थे। अंतिम तिथि 15 सितंबर 2025 निर्धारित की गई है। लेकिन अभी तक राजकीय और सहायता प्राप्त माध्यमिक के 19 विद्यालयों सहित 67 विद्यालयों के 300 विद्यार्थियों ने ऑनलाइन आवेदन किया है। 25 अगस्त के अंक में खबर प्रकाशित होने के बाद जिला विद्यालय निरीक्षक ने राजकीय और सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों के नोडल विज्ञान शिक्षकों को चेतावनी पत्र जारी किया है। प्रत्येक माध्यमिक विद्यालयों से पांच-पांच विद्यार्थियों का ऑनलाइन आवेदन करने का निर्देश दिया है। इस बाबत जिला विद्यालय निरीक्षक गौतम प्रसाद का कहना है कि जिले के सभी माध्यमिक विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को पत्र जारी कर दिया गया है। समीक्षा में लापरवाही मिलने पर संबंधित विद्यालय के नोडल विज्ञान शिक्षकों का वेतन रोक दिया जाएगा।
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अमर उजाला ने 25 अगस्त 2025 के अंक में ऑनलाइन आवेदन मेें 21 दिन शेष, 48 विद्यालयों के 208 विद्यार्थियों ने कराया पंजीकरण शीर्षक से प्रमुखता से इसे प्रकाशित किया था। खबर के प्रकाशित होने के बाद जिला विद्यालय निरीक्षक गौतम प्रसाद ने लापरवाह नोडल विज्ञान शिक्षकों को चेतावनी पत्र जारी किया है। सभी विद्यालयों से ऑनलाइन आवेदन न होने की स्थिति मेें नोडल विज्ञान शिक्षकों का वेतन रोकने की कार्रवाई की जाएगी।
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जिले में 17 राजकीय, 67 सहायता प्राप्त, 436 मान्यता प्राप्त माध्यमिक विद्यालय हैं। इसके अलावा बेसिक शिक्षा विभाग के 442 परिषदीय उच्च पाथमिक विद्यालय, सीबीएसई के 36 और आईसीएसई के दो विद्यालय हैं। इंस्पायर अवॉर्ड प्रतियोगिता में छात्रों को राष्ट्रीय स्तर तक अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर प्राप्त होता है। विद्यालयों के छात्र प्रधानाचार्य के माध्यम से ऑनलाइन पोर्टल पर अपने आइडिया को अपलोड करते हैं। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय की तरफ से विद्यालयों में अध्यनरत छठवीं से 12वीं के छात्रों को शामिल किया गया है। प्रत्येक विद्यालय से पांच-विद्यार्थियों का चयन कर पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन कराना होता है। विद्यालयों में इंस्पायर अवॉर्ड प्रतियोगिता आयोजित की जाती है। जिला स्तर से चयनित विद्यार्थी राज्य और फिर राष्ट्रीय स्तर पर होने वाली प्रदर्शनी में अपने आइडिया पर बनाए गए मॉडल को प्रस्तुत करते हैं। राष्ट्रीय स्तर पर चयनित होने वाले विद्यार्थी को प्रोत्साहन राशि देकर पुरस्कृत किया जाता है। योजना के तहत आवेदन 15 जून से शुरू किए गए थे। अंतिम तिथि 15 सितंबर 2025 निर्धारित की गई है। लेकिन अभी तक राजकीय और सहायता प्राप्त माध्यमिक के 19 विद्यालयों सहित 67 विद्यालयों के 300 विद्यार्थियों ने ऑनलाइन आवेदन किया है। 25 अगस्त के अंक में खबर प्रकाशित होने के बाद जिला विद्यालय निरीक्षक ने राजकीय और सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों के नोडल विज्ञान शिक्षकों को चेतावनी पत्र जारी किया है। प्रत्येक माध्यमिक विद्यालयों से पांच-पांच विद्यार्थियों का ऑनलाइन आवेदन करने का निर्देश दिया है। इस बाबत जिला विद्यालय निरीक्षक गौतम प्रसाद का कहना है कि जिले के सभी माध्यमिक विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को पत्र जारी कर दिया गया है। समीक्षा में लापरवाही मिलने पर संबंधित विद्यालय के नोडल विज्ञान शिक्षकों का वेतन रोक दिया जाएगा।
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