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बारिश से किसानों की खुशी पर फिरा पानी
ब्यूरो, मऊ, अमर उजाला
Updated Mon, 30 Mar 2015 11:42 PM IST
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बेमौसम बरसात ने एक बार फिर से किसानों और फसलों पर कहर ढाया है। बेमौसम बारिश ने जहां गेहूं सहित दलहनी फसलों को काफी क्षति पहुंचाई है वहीं किसानों की कमर तोड़कर रख दी है।
सोमवार को हुई बरसात से किसानों का दिल बैठ गया है। दिन भर हुई बरसात से खराब हो रही फसलों को देखकर किसान चिंतित होते दिखाई दिए। जबकि इस आंधी के साथ हुई बरसात से पेड़-पौधों को भी क्षति पहुंचाई है। अधिकांश स्थानों पर टीनशेड और छप्पर भी उड़ गए।
एक सप्ताह पूर्व हुई बरसात से गिरी फसलों से किसान अभी उबर भी नहीं पाए थे कि सोमवार को हुई तेज बारिश और आंधी ने उन्हें दोहरा झटका दे दिया।
किसान अभी अपनी गेहूं की गिरी फसलों को जैसे तैसे इकट्ठा करके किसी प्रकार मड़ाई की तैयारी कर रहे थे कि दोबारा बरसात ने उनके मंसूबे पर पानी फेर दिया। सोमवार को चारो तरफ से घिरे काले बादल को देखकर तो किसानों का कलेजा बैठने लगा।
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छोटे किसान तो जिसके पास सिर्फ खाने भर के लिए ही फसल है वह अपने खेतों में कटे गेहूं के डंठलों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने लगे।
बावजूद इसके अचानक हुई तेज बारिश से किसानों की खड़ी और काटी फसल भीग गई। दलहनी फसल जैसे चना, मटर, अरहर को भारी क्षति पहुंची। मटर और चना की फसल तो 50 प्रतिशत से अधिक किसानों ने काट ली थी और अधिकांश ने उसे संरक्षित भी कर लिया था
लेकिन फिर भी अरहर, सरसों आदि की फसलों को भारी क्षति पहुंची है। तेज हवा और बरसात के चलते कई स्थानों पर टीनशेड ओर छप्पर भी उड़ गए। वहीं मधुबन, घोसी, रानीपुर थाना क्षेत्र के ग्रामीण अंचलों में बिजली के तार टूटने से कुछ स्थानों पर बिजली भी बाधित हो गई। खुरहट में कई पेड़ गिर गए।
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सोमवार को हुई बरसात से किसानों का दिल बैठ गया है। दिन भर हुई बरसात से खराब हो रही फसलों को देखकर किसान चिंतित होते दिखाई दिए। जबकि इस आंधी के साथ हुई बरसात से पेड़-पौधों को भी क्षति पहुंचाई है। अधिकांश स्थानों पर टीनशेड और छप्पर भी उड़ गए।
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एक सप्ताह पूर्व हुई बरसात से गिरी फसलों से किसान अभी उबर भी नहीं पाए थे कि सोमवार को हुई तेज बारिश और आंधी ने उन्हें दोहरा झटका दे दिया।
किसान अभी अपनी गेहूं की गिरी फसलों को जैसे तैसे इकट्ठा करके किसी प्रकार मड़ाई की तैयारी कर रहे थे कि दोबारा बरसात ने उनके मंसूबे पर पानी फेर दिया। सोमवार को चारो तरफ से घिरे काले बादल को देखकर तो किसानों का कलेजा बैठने लगा।
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छोटे किसान तो जिसके पास सिर्फ खाने भर के लिए ही फसल है वह अपने खेतों में कटे गेहूं के डंठलों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने लगे।
बावजूद इसके अचानक हुई तेज बारिश से किसानों की खड़ी और काटी फसल भीग गई। दलहनी फसल जैसे चना, मटर, अरहर को भारी क्षति पहुंची। मटर और चना की फसल तो 50 प्रतिशत से अधिक किसानों ने काट ली थी और अधिकांश ने उसे संरक्षित भी कर लिया था
लेकिन फिर भी अरहर, सरसों आदि की फसलों को भारी क्षति पहुंची है। तेज हवा और बरसात के चलते कई स्थानों पर टीनशेड ओर छप्पर भी उड़ गए। वहीं मधुबन, घोसी, रानीपुर थाना क्षेत्र के ग्रामीण अंचलों में बिजली के तार टूटने से कुछ स्थानों पर बिजली भी बाधित हो गई। खुरहट में कई पेड़ गिर गए।