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Mau News: अधिवक्ता एक्ट में प्रस्तावित संशोधन किया विरोध
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मऊ। सिविल कोर्ट सेंट्रल बार एसोसिएशन की बैठक शुक्रवार को संघ के पुस्तकालय भवन में हुई। इसमें बार काउंसिल आफ उत्तर प्रदेश के आह्वान पर भारत सरकार की तरफ से अधिवक्ता अधिनियम 1961 मे प्रस्तावित संशोधन का विरोध किया। अधिवक्ताओं ने कहा कि प्रस्तावित संशोधन काला कानून के समान है।
संविधान द्वारा प्रदत मौलिक अधिकार एवं मूलभूत आवश्यकताओं के विपरीत है। ऐसे में अधिवक्ता समाज संशोधन का हर स्तर पर विरोध करेगा। इस दौरान अधिवक्ताओं ने बांह पर कालीपट्टी बांधकर अपना विरोध जताया। बैठक के बाद अधिवक्ता बार एसोसिएशन के अध्यक्ष दारोगा सिंह के नेतृत्व मे दीवानी कचहरी से नारेबाजी करते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचे और राष्ट्रपति को संबोधित अपनी आठ सूत्रीय मांगों का ज्ञापन नगर मजिस्ट्रेट को सौंपा। ज्ञापन में अधिवक्ताओं ने भारत सरकार से प्रस्तावित अधिवक्ता संशोधन विधेयक 2025 को तत्काल वापस लिए जाने की मांग किया।
इस दौरान पूर्व महामंत्री हरिद्वार राय, अरविंद तिवारी, स्वतंत्र सिंह, अश्वनी कुमार सिंह, हिमांशु पांडेय, रामजी सैनी, प्रदीप कुमार आदि अधिवक्ता शामिल रहे। उधर टैक्स बार एसोसिएशन के अधिवक्ताओं ने संघ के अध्यक्ष शैलेंद्र कुमार गुप्ता के नेतृत्व में राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन नगर मजिस्ट्रेट को सौंपा। तथा अधिवक्ता संशोधन बिल 2025 को निरस्त करने की मांग किया।
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मधुबन: स्थानीय तहसील परिसर में शुक्रवार को तहसील बार के अध्यक्ष अरुण कुमार त्रिपाठी के नेतृत्व में अधिवक्ता एक्ट में संशोधन के खिलाफ अधिवक्ताओं ने प्रदर्शन किया। वहीं मुहम्मदाबादगोहना। अधिवक्ता अधिनियम बिल 2025 के विरोध में मुहम्मदाबादगोहना अधिवक्ता एसोसिएशन के सदस्यों ने काली पट्टी बांधकर विरोध जताया और बिल वापस होने तक विरोध करने का निर्णय लिया।
घोसी: स्थानीय तहसील के अधिवक्ताओं ने बांह में काली पट्टी बांधकर संशोधित अधिवक्ता एक्ट को मूल रुप से वापस लेने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। साथ ही राष्ट्रपति को संबोधित एसडीएम अभिषेक गोस्वामी को ज्ञापन सौंपा।
तहसील बार एसोसिएशन घोसी के महामंत्री राजेश कुमार सोनकर ने कहा कि यह संशोधन अधिवक्ताओं के अधिकारों को सीमित करने का प्रयास है। इस अवसर पर उमाशंकर सिंह, दुर्गेश सिंह, नितीश राजभर, अखिलेश सिंह, भुवेश कृष्ण श्रीवास्तव, तारिक जफर आजमी, शमशाद अहमद आदि शामिल रहे।
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संविधान द्वारा प्रदत मौलिक अधिकार एवं मूलभूत आवश्यकताओं के विपरीत है। ऐसे में अधिवक्ता समाज संशोधन का हर स्तर पर विरोध करेगा। इस दौरान अधिवक्ताओं ने बांह पर कालीपट्टी बांधकर अपना विरोध जताया। बैठक के बाद अधिवक्ता बार एसोसिएशन के अध्यक्ष दारोगा सिंह के नेतृत्व मे दीवानी कचहरी से नारेबाजी करते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचे और राष्ट्रपति को संबोधित अपनी आठ सूत्रीय मांगों का ज्ञापन नगर मजिस्ट्रेट को सौंपा। ज्ञापन में अधिवक्ताओं ने भारत सरकार से प्रस्तावित अधिवक्ता संशोधन विधेयक 2025 को तत्काल वापस लिए जाने की मांग किया।
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इस दौरान पूर्व महामंत्री हरिद्वार राय, अरविंद तिवारी, स्वतंत्र सिंह, अश्वनी कुमार सिंह, हिमांशु पांडेय, रामजी सैनी, प्रदीप कुमार आदि अधिवक्ता शामिल रहे। उधर टैक्स बार एसोसिएशन के अधिवक्ताओं ने संघ के अध्यक्ष शैलेंद्र कुमार गुप्ता के नेतृत्व में राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन नगर मजिस्ट्रेट को सौंपा। तथा अधिवक्ता संशोधन बिल 2025 को निरस्त करने की मांग किया।
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मधुबन: स्थानीय तहसील परिसर में शुक्रवार को तहसील बार के अध्यक्ष अरुण कुमार त्रिपाठी के नेतृत्व में अधिवक्ता एक्ट में संशोधन के खिलाफ अधिवक्ताओं ने प्रदर्शन किया। वहीं मुहम्मदाबादगोहना। अधिवक्ता अधिनियम बिल 2025 के विरोध में मुहम्मदाबादगोहना अधिवक्ता एसोसिएशन के सदस्यों ने काली पट्टी बांधकर विरोध जताया और बिल वापस होने तक विरोध करने का निर्णय लिया।
घोसी: स्थानीय तहसील के अधिवक्ताओं ने बांह में काली पट्टी बांधकर संशोधित अधिवक्ता एक्ट को मूल रुप से वापस लेने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। साथ ही राष्ट्रपति को संबोधित एसडीएम अभिषेक गोस्वामी को ज्ञापन सौंपा।
तहसील बार एसोसिएशन घोसी के महामंत्री राजेश कुमार सोनकर ने कहा कि यह संशोधन अधिवक्ताओं के अधिकारों को सीमित करने का प्रयास है। इस अवसर पर उमाशंकर सिंह, दुर्गेश सिंह, नितीश राजभर, अखिलेश सिंह, भुवेश कृष्ण श्रीवास्तव, तारिक जफर आजमी, शमशाद अहमद आदि शामिल रहे।