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माध्यमिक स्कूलों को परीक्षा केंद्र बनाने में पुलिस अधिकारियों की होगी भूमिका

Sun, 23 Oct 2022 11:42 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sun, 23 Oct 2022 11:42 PM IST
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Police officers will have a role in making secondary schools examination centers
बोर्ड परीक्षा केंद्र निर्धारण में पुलिस अधिकारियों की भी होगी भूमिका
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समिति जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित की जाएगी
दसवी और बारहवीं में इस बार 89,626 परीक्षार्थी होंगे शामिल
संवाद न्यूज एजेंसी
मऊ। यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट बोर्ड परीक्षा के लिए परीक्षा केंद्र बनाने में अब पुलिस अफसरों की भूमिका भी होगी। केंद्र निर्धारण के लिए गठित होने वाली जिलास्तरीय समिति के छह सदस्यों में पुलिस अधिकारी शामिल किए जाएंगे। समिति जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित की जाएगी। पुलिस अधीक्षक या फिर पुलिस कमिश्नर की ओर से नामित पुलिस अधिकारी को समिति में बतौर सदस्य शामिल किया जाएगा।
इस बार माध्यमिक शिक्षा परिषद से यूपी बोर्ड हाईस्कूल, इंटरमीडिएट परीक्षा में 89,626 परीक्षार्थी शामिल होंगे। बोर्ड परीक्षाएं मार्च में प्रस्तावित हैं। परीक्षा की तैयारियों को प्रशासन की ओर से अंतिम रूप दिया जा रहा है। समिति जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित की जाएगी। जिला विद्यालय निरीक्षक समिति के सचिव होंगे। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी और तहसीलों में तैनात उपजिलाधिकारी के साथ ही जिले के दो वरिष्ठ प्रधानाचार्य समिति के सदस्य होंगे।
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शासनादेश में पुलिस अफसर की भूमिका का जिक्र नहीं किया गया है पर माना जा रहा है कि पुलिस अफसर को इसलिए शामिल किया गया है ताकि उन स्कूलों के बारे में सही जानकारी मिल सके, जो पूर्व में दागी रहे हैं। यदि वित्तविहीन स्कूलों के कमरों की खिड़की सार्वजनिक सड़क या संकरी गली में खुलेगी तो उसे परीक्षा केंद्र नहीं बनाया जाएगा। राजकीय, सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों को इससे छूट दी जाएगी। वहीं प्रति छात्र 20 वर्गफीट का स्थान आवंटित किया जाएगा। एक स्कूल में एक से अधिक स्कूलों के छात्रों का परीक्षा केंद्र बनाया जा सकेगा।
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स्कूलों की संदिग्ध छवि या प्रतिकूल तथ्य संज्ञान में आने पर एलआईयू से रिपोर्ट ली जाएगी। परीक्षा केंद्र नीति में मोबाइल एप के माध्यम से स्कूलों की भौगोलिक स्थिति और मूलभूत संसाधनों की जानकारी जिला विद्यालय निरीक्षक और फिर जिलाधिकारी की टीम करेगी। हमेशा की तरह इस बार भी बोर्ड परीक्षा वायस रिकार्डर व सीसीटीवी कैमरे की निगरानी में ही होगी।
सभी प्रधानाचार्यों को निर्देश दिए गए हैं कि केंद्र पर इंटरनेट कनेक्टिविटी की सुविधा, राउटर और डीवीआर लगाएं। कम से कम 30 दिनों तक की रिकार्डिंग रखी जाएगी। मानकों के मुताबिक परीक्षा केंद्रों की सूची तैयार की जाएगी। 24 दिसंबर को परीक्षा केंद्रों की सूची सार्वजनिक करते हुए बोर्ड की वेबसाइट पर अपलोड किया जाएगा। जिले में कंट्रोल रूम बनाया जाएगा। एक कंप्यूटर से न्यूनतम 10 व अधिकतम 16 परीक्षा केंद्रों की निगरानी होगी। राजकीय इंटर कॉलेजों के शिक्षकों की ड्यूटी कंट्रोल रूम में लगाई जाएगी।

शासन से जारी गाइडलाइन के अनुरूप बोर्ड परीक्षा केंद्रों का निर्धारण किया जाएगा। प्रक्रिया चल रही है। केंद्रों के निर्धारण के लिए सभी बिंदुओं पर ध्यान दिया जा रहा है। दागी केंद्रों को चिह्नित कर लिया गया है। दिसंबर तक केंद्रों का निर्धारण हो जाएगा।
देवेंद्र कुमार गुप्ता, जिला विद्यालय निरीक्षक
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