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Mau News: दवाइयों से भरी बोरी कुएं में फेंक भागे पिकअप सवार
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हलधरपुर थाना क्षेत्र के गुलौरी गांव के एक कुएं में बृहस्पतिवार की देर शाम बोलेरो सवार लोग दवाइयों से भरी बोरी फेंक भाग गए। किसान की शिकायत पर शुक्रवार को डिप्टी सीएमओ स्वास्थ्यकर्मियों के साथ जांच के लिए पहुंचे। हालांकि दवाइयों को कुएं से निकाल कर यह पता नहीं लगाया जा सका है कि यह नकली हैं कि किसी सरकारी अस्पताल की हैं।
रतनपुरा ब्लाक के गुलौरी निवासी अरुण कुमार सिंह ने बताया कि उसका खेत गांव के बीचोबीच से गुजरी रेलवे लाइन के दूसरी तरफ है। खेत में सिंचाई के लिए कुआं बना हुआ है। बीते बृहस्पतिवार की देर शाम पिकअप वाहन से कुछ लोग पहुंचे। बोरी में रखा सामान कुआं में फेंक कर फरार हो गए। शक होने पर उसने कुएं में देखा तो पानी में दवाइयों उतराई हुईं मिलीं।
बताया कि इसकी शिकायत उन्होंने जिलाधिकारी अरुण कुमार तथा स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से की। जिलाधिकारी के निर्देश पर डिप्टी सीएमओ डॉ. एचएन मौर्या रतनपुरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी डॉ. हंसराज सोनी के साथ गुलौरी पहुंचे। हालांकि जांच नहीं कर सके। बिना संसाधन के पहुंची जांच टीम कुएं में डंप दवाइयों को नहीं निकाल सकी।
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वहीं इस मामले में मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. नरेश अग्रवाल ने बताया कि मामला संज्ञान में है, मामले की जांच को लेकर डिप्टी सीएमओ को इसकी जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई है। मामले में किसी भी स्वास्थ्यकर्मी के शामिल होने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। सभी सरकारी सीएचसी और पीएचसी पर दवाइयों के स्टाक का मिलान भी किया जाएगा।
किसकी है दवाइयां, नहीं चला पता
जांच करने को पहुंचे डिप्टी सीएमओ ने बताया कि दवाइयों सरकारी अस्पताल की हैं या कहीं ओर की। एक्सपायर हैं या नहीं। यह तो जांच के बाद ही पता चलेगा। कुएं की गहराई तथा उतरने के लिए साधन न होने से जांच नहीं हो सकी। शनिवार को रतनपुरा सीएचसी प्रभारी डॉ. हंसराज सोनी के नेतृत्व में टीम दवाइयों को बाहर निकालकर जांच करेगी।
दवाइयां बलिया या मऊ की, होती रही चर्चा
जिस जगह कुआं है वहां से रतनपुरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की दूरी करीब छह किमी है। अईलख पीएचसी की दूरी चार किमी है। सीमावर्ती जिला बलिया का रसड़ा सीएचसी की दूरी करीब दस किमी तो चार किमी दूर सरायभारती तथा अईलख पीएचसी है। ऐसे में लोग कयास लगाते रहे कि दवाइयां किस अस्पताल की हैं।
दवा एक्सपायर होने पर वापस करने का है नियम
सीएमओ ने बताया कि दवाइयां सामान्य तौर पर एक्सपायर होने तक बचती नहीं हैं, क्योंकि इन दवाइयां का विवरण आनलाइन पोर्टल पर रहता है। ऐसे में एक्सपायर होने से पहले यह दवाइयां खत्म हो जाती हैं। फिर भी किसी अस्पताल में दवाइयां एक्सपायर हो जाती हैं तो उसकी सूचना देने के साथ औषधि केंद्र पर लौटाया जाता है। बताया कि सीएमची-पीएचसी पर दर्द, एंटीबायोटिक, बुखार, दर्द, जुकाम, उल्टी, दस्त, पानी चढ़ाने की बोतलें आदि रहती हैं।
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रतनपुरा ब्लाक के गुलौरी निवासी अरुण कुमार सिंह ने बताया कि उसका खेत गांव के बीचोबीच से गुजरी रेलवे लाइन के दूसरी तरफ है। खेत में सिंचाई के लिए कुआं बना हुआ है। बीते बृहस्पतिवार की देर शाम पिकअप वाहन से कुछ लोग पहुंचे। बोरी में रखा सामान कुआं में फेंक कर फरार हो गए। शक होने पर उसने कुएं में देखा तो पानी में दवाइयों उतराई हुईं मिलीं।
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बताया कि इसकी शिकायत उन्होंने जिलाधिकारी अरुण कुमार तथा स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से की। जिलाधिकारी के निर्देश पर डिप्टी सीएमओ डॉ. एचएन मौर्या रतनपुरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी डॉ. हंसराज सोनी के साथ गुलौरी पहुंचे। हालांकि जांच नहीं कर सके। बिना संसाधन के पहुंची जांच टीम कुएं में डंप दवाइयों को नहीं निकाल सकी।
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वहीं इस मामले में मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. नरेश अग्रवाल ने बताया कि मामला संज्ञान में है, मामले की जांच को लेकर डिप्टी सीएमओ को इसकी जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई है। मामले में किसी भी स्वास्थ्यकर्मी के शामिल होने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। सभी सरकारी सीएचसी और पीएचसी पर दवाइयों के स्टाक का मिलान भी किया जाएगा।
किसकी है दवाइयां, नहीं चला पता
जांच करने को पहुंचे डिप्टी सीएमओ ने बताया कि दवाइयों सरकारी अस्पताल की हैं या कहीं ओर की। एक्सपायर हैं या नहीं। यह तो जांच के बाद ही पता चलेगा। कुएं की गहराई तथा उतरने के लिए साधन न होने से जांच नहीं हो सकी। शनिवार को रतनपुरा सीएचसी प्रभारी डॉ. हंसराज सोनी के नेतृत्व में टीम दवाइयों को बाहर निकालकर जांच करेगी।
दवाइयां बलिया या मऊ की, होती रही चर्चा
जिस जगह कुआं है वहां से रतनपुरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की दूरी करीब छह किमी है। अईलख पीएचसी की दूरी चार किमी है। सीमावर्ती जिला बलिया का रसड़ा सीएचसी की दूरी करीब दस किमी तो चार किमी दूर सरायभारती तथा अईलख पीएचसी है। ऐसे में लोग कयास लगाते रहे कि दवाइयां किस अस्पताल की हैं।
दवा एक्सपायर होने पर वापस करने का है नियम
सीएमओ ने बताया कि दवाइयां सामान्य तौर पर एक्सपायर होने तक बचती नहीं हैं, क्योंकि इन दवाइयां का विवरण आनलाइन पोर्टल पर रहता है। ऐसे में एक्सपायर होने से पहले यह दवाइयां खत्म हो जाती हैं। फिर भी किसी अस्पताल में दवाइयां एक्सपायर हो जाती हैं तो उसकी सूचना देने के साथ औषधि केंद्र पर लौटाया जाता है। बताया कि सीएमची-पीएचसी पर दर्द, एंटीबायोटिक, बुखार, दर्द, जुकाम, उल्टी, दस्त, पानी चढ़ाने की बोतलें आदि रहती हैं।