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Mau News: प्रतिदिन यूनिफॉर्म पहनकर आने वाले विद्यार्थियों की लगेगी फोटो
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मऊ। जिले के परिषदीय विद्यालयों में यूनिफॉर्म पहनकर और प्रतिदिन उपस्थित रहने वाले विद्यार्थियों की कक्षा के बाहर फोटो लगाई जाएगी। यह फोटो पूर्ण यूनिफॉर्म में विद्यालय की टीम फ्लैक्स पर प्रिंट कराकर कक्षा के बाहर लगाएगी। इससे अन्य बच्चों में प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने जिले के सभी विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों को इस बारे में आदेश दिया है।
जिले में 1208 परिषदीय विद्यालयों में 1.10 लाख बच्चे अध्ययनरत हैं। शासन की तरफ से विद्यालयों के बच्चों को गुणवत्तापरक शिक्षा और बेहतर शैक्षिक माहौल उपलब्ध कराने के लिए कई प्रयास किए जा रहे हैं। छात्र-छात्राओं की उपस्थिति बढ़ाने और शारीरिक पोषण के लिए मिड-डे मील योजना के तहत मध्याह्न भोजन कराया जाता है। पढ़ाई में कोई परेशानी न आए इसके लिए निशुल्क किताबें वितरित की जाती हैं। वहीं, विद्यार्थियों को यूनिफॉर्म, बैग, जूता-मोजा के लिए डीबीटी के जरिये 1200 रुपये प्रति छात्र के रूप में उनके अभिभावकों के खाते में भेजी जाती हैं। इस धनराशि को भेजे जाने का उद्देश्य छात्र-छात्राओं को प्रतिदिन यूनिफॉर्म में विद्यालय आने और निर्बाध पढ़ाई करने को लेकर है। बावजूद इसके कई विद्यार्थी ऐसे हैं जो बिना यूनिफॉर्म के ही विद्यालय जाते हैं। अधिकारियों के निरीक्षण के दौरान कई बच्चे कक्षा में बिना यूनिफॉर्म के पढ़ते हुए मिलते हैं। शिक्षकों और विभाग के तमाम दिशा निर्देश के बाद भी बच्चे बिना यूनिफार्म के ही स्कूल आ रहे हैं। इसको लेकर अब विभाग ने एक नई पहल शुरू की है। अधिकारियों की मानें तो ऐसे विद्यार्थियों को चयनित किया जाएगा, जोकि विद्यालयों में पूर्ण यूनिफॉर्म पहनकर प्रतिदिन उपस्थित रहते हैं। उनकी यूनिफॉर्म में फोटो कक्षा के बाहर लगाई जाएगी। इसका खर्च विद्यालयों को मिलने वाले कंपोजिट ग्रांट से वहन किया जाएगा। इस बाबत नगर शिक्षा अधिकारी रजित लाल रत्नाकर का कहना है कि सभी विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों को दिशा निर्देश दिया गया है। इस पहल से बच्चों में प्रतिदिन यूनिफॉर्म में विद्यालय आने की ललक बढ़ेगी।
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जिले में 1208 परिषदीय विद्यालयों में 1.10 लाख बच्चे अध्ययनरत हैं। शासन की तरफ से विद्यालयों के बच्चों को गुणवत्तापरक शिक्षा और बेहतर शैक्षिक माहौल उपलब्ध कराने के लिए कई प्रयास किए जा रहे हैं। छात्र-छात्राओं की उपस्थिति बढ़ाने और शारीरिक पोषण के लिए मिड-डे मील योजना के तहत मध्याह्न भोजन कराया जाता है। पढ़ाई में कोई परेशानी न आए इसके लिए निशुल्क किताबें वितरित की जाती हैं। वहीं, विद्यार्थियों को यूनिफॉर्म, बैग, जूता-मोजा के लिए डीबीटी के जरिये 1200 रुपये प्रति छात्र के रूप में उनके अभिभावकों के खाते में भेजी जाती हैं। इस धनराशि को भेजे जाने का उद्देश्य छात्र-छात्राओं को प्रतिदिन यूनिफॉर्म में विद्यालय आने और निर्बाध पढ़ाई करने को लेकर है। बावजूद इसके कई विद्यार्थी ऐसे हैं जो बिना यूनिफॉर्म के ही विद्यालय जाते हैं। अधिकारियों के निरीक्षण के दौरान कई बच्चे कक्षा में बिना यूनिफॉर्म के पढ़ते हुए मिलते हैं। शिक्षकों और विभाग के तमाम दिशा निर्देश के बाद भी बच्चे बिना यूनिफार्म के ही स्कूल आ रहे हैं। इसको लेकर अब विभाग ने एक नई पहल शुरू की है। अधिकारियों की मानें तो ऐसे विद्यार्थियों को चयनित किया जाएगा, जोकि विद्यालयों में पूर्ण यूनिफॉर्म पहनकर प्रतिदिन उपस्थित रहते हैं। उनकी यूनिफॉर्म में फोटो कक्षा के बाहर लगाई जाएगी। इसका खर्च विद्यालयों को मिलने वाले कंपोजिट ग्रांट से वहन किया जाएगा। इस बाबत नगर शिक्षा अधिकारी रजित लाल रत्नाकर का कहना है कि सभी विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों को दिशा निर्देश दिया गया है। इस पहल से बच्चों में प्रतिदिन यूनिफॉर्म में विद्यालय आने की ललक बढ़ेगी।
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