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मुख्तार की विधायक निधि से मदद नहीं ले रहे लोग
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मऊ। सदर विधायक मुख्तार अंसारी की विधायक निधि से मदद लेने के लिए पिछले पांच महीने से कोई प्रस्ताव नहीं आया है। पहले धन प्राप्त करने के लिए होड़ लगी रहती थी, इनमें विद्यालय प्रबंधक आगे रहते थे। विधायक वर्तमान समय में बांदा जेल में बंद है और उनके करीबी सन्नाटे में हैं। पहले अंसारी के लेटर पैड पर ही प्रस्ताव लिखकर विकास भवन में दे दिए जाते थे और उस पर धन आवंटित हो जाता था, लेकिन अब शासन की सख्ती से हर कोई बच रहा है।
उल्लेखनीय है कि कोरोना संकट के चलते सरकार ने दो साल तक विधायक निधि स्थगित कर दी थी। वर्तमान वित्तीय वर्ष में मई में सरकार की ओर से विधायक निधि जारी की गई है। जिला ग्राम्य विकास अभिकरण विभाग के अनुसार शासन से विधायक निधि का बजट मिलने पर विधायक अपने लेटर पैड पर जरूरत वाले स्थानों पर विकास कार्य मसलन सड़क, खड़ंजा, नाली, पुल, पुलिया, विद्युत पोल, तार अथवा निजी स्कूूल कालेजों में कमरों के निर्माण के लिए प्रबंधकों को मदद के लिए परियोजना निदेशक को पत्र लिखते हैं। इन प्रस्ताव पर स्टीमेट और सत्यापन के बाद निर्दिष्ट धनराशि संबंधित संस्था को निर्गत कर दी जाती है।
पहले इन प्रस्तावों की संख्या इतनी अधिक हो जाती थी कि निधि से अधिक प्रस्ताव हो जाते थे। जिन्हें अगली किश्त के लिए रखना पड़ता था इस बार मई 2021 के पहले सप्ताह में विधायक निधि के ढाई करोड़ रुपये शासन से आ गए थे, लेकिन एक भी प्रस्ताव नहीं आया है। नियमानुसार विधायक के जेल में होने पर प्रस्ताव जेल अधीक्षक के माध्यम से विभाग को भेजना होता है।
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इस मामले में जिला ग्राम्य विकास अभिकरण के परियोजना निदेशक मत्स्येंद्र नाथ द्विवेदी ने बताया कि अब तक सदर विधायक मुख्तार अंसारी का विधायक निधि से किसी कालेज प्रबंधक अथवा संस्था को मदद के लिए कोई प्रस्ताव प्राप्त नहीं हुआ है। उनकी निधि के ढाई करोड़ रुपये शासन से मिले हैं।
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उल्लेखनीय है कि कोरोना संकट के चलते सरकार ने दो साल तक विधायक निधि स्थगित कर दी थी। वर्तमान वित्तीय वर्ष में मई में सरकार की ओर से विधायक निधि जारी की गई है। जिला ग्राम्य विकास अभिकरण विभाग के अनुसार शासन से विधायक निधि का बजट मिलने पर विधायक अपने लेटर पैड पर जरूरत वाले स्थानों पर विकास कार्य मसलन सड़क, खड़ंजा, नाली, पुल, पुलिया, विद्युत पोल, तार अथवा निजी स्कूूल कालेजों में कमरों के निर्माण के लिए प्रबंधकों को मदद के लिए परियोजना निदेशक को पत्र लिखते हैं। इन प्रस्ताव पर स्टीमेट और सत्यापन के बाद निर्दिष्ट धनराशि संबंधित संस्था को निर्गत कर दी जाती है।
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पहले इन प्रस्तावों की संख्या इतनी अधिक हो जाती थी कि निधि से अधिक प्रस्ताव हो जाते थे। जिन्हें अगली किश्त के लिए रखना पड़ता था इस बार मई 2021 के पहले सप्ताह में विधायक निधि के ढाई करोड़ रुपये शासन से आ गए थे, लेकिन एक भी प्रस्ताव नहीं आया है। नियमानुसार विधायक के जेल में होने पर प्रस्ताव जेल अधीक्षक के माध्यम से विभाग को भेजना होता है।
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इस मामले में जिला ग्राम्य विकास अभिकरण के परियोजना निदेशक मत्स्येंद्र नाथ द्विवेदी ने बताया कि अब तक सदर विधायक मुख्तार अंसारी का विधायक निधि से किसी कालेज प्रबंधक अथवा संस्था को मदद के लिए कोई प्रस्ताव प्राप्त नहीं हुआ है। उनकी निधि के ढाई करोड़ रुपये शासन से मिले हैं।