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Mau News: बिना स्ट्रेचर के ट्राॅमा सेंटर पहुंच रहे मरीज पचास मीटर मार्ग दो साल से है जर्जर

Wed, 16 Apr 2025 11:41 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Wed, 16 Apr 2025 11:41 PM IST
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Patients are reaching the trauma center without stretchers, the 50 meter road is dilapidated since two years
मऊ। जिला अस्पताल का ट्राॅमा सेंटर हड्डी के मरीजों के लिए राहत तो दे रहा है लेकिन यहां पहुंचना ही इन मरीजों के लिए किसी अग्निपरीक्षा से कम नहीं है। अस्पताल पहुंचने के लिए 50 मीटर का मार्ग दस साल से खराब पड़ा है।
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बारिश के बाद यह स्थिति मरीजों की परेशानी को और भी दोगुनी कर दी है, उधर इस समस्या से परेशान मरीज स्ट्रेचर के बजाए अपनों के कंधे का सहारा लेकर पहुंच रहे है।
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अस्पताल प्रबंधन का दावा है कि वह मजबूर है, इसके लिए बजट नहीं है। इसलिए सांसद, एसडीएम से लेकर हर सड़क बनाने वाली सरकारी विभागीय अधिकारियों को सड़क बनाने को लेकर लिखित शिकायत- पत्र दे चुके है।
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जिला अस्पताल परिसर में मुख्य द्वार से प्रवेश करने वाली सड़क दस साल पहले बनी थी लेकिन अब तक एक बार भी इसका मरम्मत कार्य नहीं किया गया है। इसका सीधा असर ट्राॅमा सेंटर और इमरजेंसी जाने वाले रस्ते पर दिख रहा है, यहां सड़क पर एक से दो फीट तक गहरे गड्ढे बन चुके है।
इमरजेंसी में मरीज सीधे एंबुलेंस से पहुंच जा रहे है लेकिन सबसे ज्यादा दिक्कत ट्राॅमा सेंटर के उन मरीजों को हो रही है जो बिना वाहन के यहां पहुंच रहे है। सड़क खराब होने के चलते वार्ड बॉय स्ट्रेचर देने से इन्कार कर देते है। ऐसी स्थिति में मरीज अपनों के कंधे का सहारा लेकर पहुंच रहे है। कोपागंज कस्बा निवासी रामाधीन ने बताया कि तीन दिन पहले बारिश से यह रास्ता पूरा कीचड़ से सन गया था, जिससे यहां पहुंचने के लिए मरीजों को सबसे ज्यादा दिक्कत से जूझना पड़ा था।
बताते चले कि इस ट्राॅमा सेंटर में रोजाना 100 से ज्यादा मरीजों की ओपीडी होती है। इसमें 40 मरीज फैक्चर से जुड़ी समस्याओं को लेकर इलाज कराने पहुंचते है। अस्पताल के सीएमएस डॉक्टर धनंजय कुमार ने बताया कि समस्या उनके संज्ञान में है।

इसका निदान कैसे हो वो इसके लिए केवल प्रयास कर सकते है। बदहाल सड़क को बनाने की मांग को लेकर सांसद, सदर एसडीएम, पीडब्ल्यूडी, नगर पालिका मऊ के ईओ को कई बार लिखित शिकायत कर चुके है। अस्पताल प्रबंधन के पास इसको लेकर कोई बजट नहीं है।
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