{"_id":"5fb413238ebc3e9bca1b0842","slug":"paddy-procurement-at-many-purchasing-centers-stalled-since-one-month-due-to-lack-of-sacks-mau-news-vns558690595","type":"story","status":"publish","title_hn":"बोरे के अभाव में कई क्रय केंद्रों पर ठप है धान खरीद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बोरे के अभाव में कई क्रय केंद्रों पर ठप है धान खरीद
विज्ञापन
दोहरीघाट के भैरोपुर स्थित साधन सहकारी समिति पर बोरे के अभाव में धान खरीद न होने से परेशान किसान।
- फोटो : MAU
मऊ। धान खरीद शुरू होने के एक माह बाद भी केंद्रों पर खरीद की रफ्तार गति में कोई तेजी नहीं हो रही है। इसका परिणाम है कि किसान परेशान है, खासतौर से वह किसान जिनके पास पूंजी की कमी है और वे रबी की फसल की बुआई की तैयारी में जुटे हैं। इस समय बोरे के अभाव में कई क्रय केंद्रों पर धान की खरीद ठप है। जिले में अभी तक 394 किसानों से महज 1740.532 एमटी ही धान की खरीद हो सकी है। जबकि विभाग की वेबसाइट पर 5457 किसानों ने ऑनलाइन पंजीकरण कराया है।
किसानों को फसल का उचित मूल्य दिलाने और उनकी सुविधा को देखते हुए जिला प्रशासन ने जिले में 45 धान क्रय केंद्र बनाया है। ताकि किसान को बेचने में और विभाग धान खरीदने में आसानी हो। शासन से मऊ जिले के लिए वर्ष 2020-21 में 50 हजार एमटी धान खरीद का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। लेकिन धान खरीद शुरू होने के एक माह बाद भी महज 394 किसानों से 1740.532 एमटी ही धान खरीद की जा सकी है। एफसीआई, यूपी एग्रो तथा पीसीएफ एजेंसी से संबद्ध क्रय केंद्रों पर खरीद धीमी गति से चल रही है। कई केंद्रों पर बोरों के अभाव मेें धान खरीद ठप है। धान खरीद बाधित होने से आढ़तियों की चांदी कट रही है। वह किसानों की फसल को औने पौने दाम में खरीद रहे हैं। क्रय केंद्रों पर बोरा कब तक आएगा। क्रय केंद्रों के प्रभारी आज कल कहकर किसानों को टाल दे रहे हैं। किसानों की मानें तो छठ पर्व तथा रबी फसल के लिए बीज, खाद आदि खरीद के लिए पैसे की सख्त जरूरत है, लेकिन फसल न बिकने से कर्ज लेकर काम चलाना पड़ रहा है।
एजेंसीवार खरीद पर नजर डाला जाए तो खाद्य विपणन विभाग से 1027.40 एमटी, पीसीएफ से 691.992एमटी, यूपी एग्रो से 16.44 एमटी तथा भारतीय खाद्य निगम से 4.56 एमटी की खरीद हुई है। इस बाबत अपर जिलाधिकारी के हरि सिंह का कहना है कि क्रय एजेंसियों से रिपोर्ट मांगी गई है। समीक्षा में लापरवाही मिलने पर संबंधित के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
समस्या नंबर एक
बोरे के अभाव में एक सप्ताह से ठप है खरीद:
मधुबन। क्षेत्र के विभिन्न इलाकों में बने धान क्रय केंद्रों पर धान खरीद ठप होने से किसानों को तमाम समस्याओं से जूझना पड़ रहा है। मधुबन विपणन शाखा पर कुल लक्ष्य 17 हजार कुंतल का है। जबकि अभी तक 164 कुंतल खरीद हो सकी है। जबकि 53 किसानों ने अपना रजिस्ट्रेशन करा दिया है। गजियापुर एवं साधन सहकारी समिति भैरोपुर को धान क्रय केंद्र बनाया गया है। परसुपुर न्याय पंचायत के किसानों का क्रय केंद्र 15 किलोमीटर दूर नेमड़ाड़ बनाए जाने के कारण वह अपना धान बिक्री नहीं कर पा रहे हैं। वही भैरोपुर धान खरीद केंद्र पर बोरे के अभाव मे एक सप्ताह से धान खरीद ठप है। इस बाबत सचिव सुभाष यादव का कहना है कि जिस जगह से बोरे का वितरण होना है। उस केंद्र का बोरे का पिछला पेमेंट बाकी है। इसके चलते वह बोरी की सप्लाई नहीं कर रहा।
---
समस्या नंबर दो
एक माह से ठप है धान खरीद:
इंदारा। धान खरीद न होने से किसानों की मुश्किलें बढ़ती ही जा रही है। साधन सहकारी समिति कसारा में बोरे के अभाव में एक माह से धान खरीद ठप है। धान खरीद न होने से आढ़तियों की चांदी कट रही है। इस संबंध में क्षेत्र के किसान मुन्ना सिंह, संजय कुमार सिंह, लल्लन सिंह, रामकृपाल का कहना है कि खरीद न होने से आर्थिक संकट उत्पन्न हो गया है। पैसे के अभाव में रबी की खेती पिछड़ने लगी है। शिकायत के बाद भी समस्या का समाधान नहीं हो सका है।
समस्या नंबर तीन
24 हजार कुंतल के सापेक्ष दो हजार कुंतल खरीद:
रतनपुरा। क्षेत्र के विभिन्न इलाकों में बने धान क्रय केंद्रों पर खरीद धीमी गति से चल रही है। विपणन विभाग के क्रय केंद्र पर अभी तक लक्ष्य 24 हजार कुंतल के सापेक्ष दो हजार कुंतल ही खरीद हो सकी है।
बताई समस्याएं
शासन की मंशा के अनुसार कोई भी किसान अपना धान कहीं भी भेज सकता है परंतु क्रय केंद्रों से गांवों को संबद्ध कर दिए जाने से हम अपना धान मनवांछित केंद्र पर नहीं भेज पा रहे हैं। -राम नारायण सिंह, किसान दीघेड़ा गांव निवासी
हर रोग से धान की फसल काफी प्रभावित हुई है उस पर से ताल में बाढ़ के पानी लग जाने से फसल बर्बाद हो गई है। ऐसे में केवल खाने के लिए धान पैीदा हो सका है। -चंद्रिका यादव, किसान कमरौली गांव निवासी
विज्ञापन
किसानों को फसल का उचित मूल्य दिलाने और उनकी सुविधा को देखते हुए जिला प्रशासन ने जिले में 45 धान क्रय केंद्र बनाया है। ताकि किसान को बेचने में और विभाग धान खरीदने में आसानी हो। शासन से मऊ जिले के लिए वर्ष 2020-21 में 50 हजार एमटी धान खरीद का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। लेकिन धान खरीद शुरू होने के एक माह बाद भी महज 394 किसानों से 1740.532 एमटी ही धान खरीद की जा सकी है। एफसीआई, यूपी एग्रो तथा पीसीएफ एजेंसी से संबद्ध क्रय केंद्रों पर खरीद धीमी गति से चल रही है। कई केंद्रों पर बोरों के अभाव मेें धान खरीद ठप है। धान खरीद बाधित होने से आढ़तियों की चांदी कट रही है। वह किसानों की फसल को औने पौने दाम में खरीद रहे हैं। क्रय केंद्रों पर बोरा कब तक आएगा। क्रय केंद्रों के प्रभारी आज कल कहकर किसानों को टाल दे रहे हैं। किसानों की मानें तो छठ पर्व तथा रबी फसल के लिए बीज, खाद आदि खरीद के लिए पैसे की सख्त जरूरत है, लेकिन फसल न बिकने से कर्ज लेकर काम चलाना पड़ रहा है।
विज्ञापन
एजेंसीवार खरीद पर नजर डाला जाए तो खाद्य विपणन विभाग से 1027.40 एमटी, पीसीएफ से 691.992एमटी, यूपी एग्रो से 16.44 एमटी तथा भारतीय खाद्य निगम से 4.56 एमटी की खरीद हुई है। इस बाबत अपर जिलाधिकारी के हरि सिंह का कहना है कि क्रय एजेंसियों से रिपोर्ट मांगी गई है। समीक्षा में लापरवाही मिलने पर संबंधित के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
समस्या नंबर एक
बोरे के अभाव में एक सप्ताह से ठप है खरीद:
मधुबन। क्षेत्र के विभिन्न इलाकों में बने धान क्रय केंद्रों पर धान खरीद ठप होने से किसानों को तमाम समस्याओं से जूझना पड़ रहा है। मधुबन विपणन शाखा पर कुल लक्ष्य 17 हजार कुंतल का है। जबकि अभी तक 164 कुंतल खरीद हो सकी है। जबकि 53 किसानों ने अपना रजिस्ट्रेशन करा दिया है। गजियापुर एवं साधन सहकारी समिति भैरोपुर को धान क्रय केंद्र बनाया गया है। परसुपुर न्याय पंचायत के किसानों का क्रय केंद्र 15 किलोमीटर दूर नेमड़ाड़ बनाए जाने के कारण वह अपना धान बिक्री नहीं कर पा रहे हैं। वही भैरोपुर धान खरीद केंद्र पर बोरे के अभाव मे एक सप्ताह से धान खरीद ठप है। इस बाबत सचिव सुभाष यादव का कहना है कि जिस जगह से बोरे का वितरण होना है। उस केंद्र का बोरे का पिछला पेमेंट बाकी है। इसके चलते वह बोरी की सप्लाई नहीं कर रहा।
---
समस्या नंबर दो
एक माह से ठप है धान खरीद:
इंदारा। धान खरीद न होने से किसानों की मुश्किलें बढ़ती ही जा रही है। साधन सहकारी समिति कसारा में बोरे के अभाव में एक माह से धान खरीद ठप है। धान खरीद न होने से आढ़तियों की चांदी कट रही है। इस संबंध में क्षेत्र के किसान मुन्ना सिंह, संजय कुमार सिंह, लल्लन सिंह, रामकृपाल का कहना है कि खरीद न होने से आर्थिक संकट उत्पन्न हो गया है। पैसे के अभाव में रबी की खेती पिछड़ने लगी है। शिकायत के बाद भी समस्या का समाधान नहीं हो सका है।
समस्या नंबर तीन
24 हजार कुंतल के सापेक्ष दो हजार कुंतल खरीद:
रतनपुरा। क्षेत्र के विभिन्न इलाकों में बने धान क्रय केंद्रों पर खरीद धीमी गति से चल रही है। विपणन विभाग के क्रय केंद्र पर अभी तक लक्ष्य 24 हजार कुंतल के सापेक्ष दो हजार कुंतल ही खरीद हो सकी है।
बताई समस्याएं
शासन की मंशा के अनुसार कोई भी किसान अपना धान कहीं भी भेज सकता है परंतु क्रय केंद्रों से गांवों को संबद्ध कर दिए जाने से हम अपना धान मनवांछित केंद्र पर नहीं भेज पा रहे हैं। -राम नारायण सिंह, किसान दीघेड़ा गांव निवासी
हर रोग से धान की फसल काफी प्रभावित हुई है उस पर से ताल में बाढ़ के पानी लग जाने से फसल बर्बाद हो गई है। ऐसे में केवल खाने के लिए धान पैीदा हो सका है। -चंद्रिका यादव, किसान कमरौली गांव निवासी