फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Mau News ›   Order to punish the inspector who beat up the minor and wrote his false statement

Mau News: नाबालिग को पीटने और उसका झूठा बयान लिखने वाले दरोगा को दंडित करने का आदेश

Sat, 11 May 2024 01:09 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sat, 11 May 2024 01:09 PM IST
विज्ञापन
Order to punish the inspector who beat up the minor and wrote his false statement
मऊ। विशेष न्यायाधीश पाॅक्सो एक्ट राजवीर सिंह की अदालत ने शुक्रवार को पीड़िता के बयान के आधार पर नाबालिग लड़की के अपहरण और उसके साथ दुष्कर्म के मामले में आरोपी की जमानत अर्जी स्वीकार कर लिया। पुलिस अधीक्षक और डीआईजी आजमगढ़ को आदेश की प्रति भेजकर मामले के विवेचक एसआई आनंद सिंह चौहान के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई के लिए निर्देशित किया है। आदेश पत्र में एसपी से जल्द से जल्द कार्रवाई कर न्यायालय को अवगत कराने को कहा है। साथ ही पुलिस अधीक्षक को चेताया है कि वे ध्यान रखे कि बयान देने वाली पीड़िता का उत्पीड़न पुलिस न कर पाए।
विज्ञापन




अभियोजन के अनुसार, मामला दक्षिण टोला थाना क्षेत्र का है। वादी ने 25 अक्तूबर 2023 को थाने में तहरीर देकर दक्षिण टोला थाना क्षेत्र के सिंहालपुरा अछार गांव निवासी आकाश कुमार पुत्र सूबेदार राम पर अपनी दो नाबालिग बेटियों के अपहरण और उनके साथ दुष्कर्म करने का आरोप लगाया था। मामले में आरोपी पर केस दर्ज कर 22 अप्रैल 2024 को पुलिस ने दोनों किशोरियों को सूरत में बरामद किया था। दोनों को जिले की पुलिस गृहजनपद लेकर आई थी। विशेष न्यायाधीश के आदेश में उल्लेख है कि पीड़िता ने (धारा 164 सीआरपीसी में) अपने बयान में बताया है कि दोनों बहनों को उसका पिता रोजाना पीटता था। दोनों को बेचने की बात करता था। परेशान होकर दोनों बहनें 25 अक्तूबर 2023 को परिजनों को बिना बताए सूरत चली गई थीं। वहां दोनों एक कंपनी में काम करती थी। कमरा लेकर रहती थी। 22 अप्रैल 2024 को पुलिस दोनों को गृहजनपद लेकर आई। थाने में दरोगा आनंद सिंह चौहान ने दोनों को पीटा और मुंशी से झूठा बयान दर्ज कराया। जज ने अपने आदेश में लिखा है कि नाबालिग को पीटकर दरोगा ने अनैतिक कृत्य किया है। इससे लोगों में पुलिस के प्रति भय और अविश्वास पैदा होता है। दरोगा को दंडित किया जाना आवश्यक है। कोर्ट में विशेष लोक अभियोजक विमल कुमार श्रीवास्तव, प्रवीण कुमार मिश्रा और रामचंद्र चौहान ने दलीलें पेश कीं। दोनों पक्षों की दलील और केस डायरी देखने के बाद विशेष न्यायाधीश नेआरोपी की जमानत अर्जी को स्वीकार कर लिया।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed